भोपाल के स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने के बाद भारी बवाल, भागे अफसर, महापौर का पुतला जलया

भोपाल के स्लॉटर हाउस में गाय काटे जाने को लेकर जमकर बवाल मचा हुआ है। हिंदू संगठन के लोग निगम दफ्तर के बाहर विरोध करने पहुंचे और पुतला भी फूंका। इस प्रदर्शन में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए।

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Aman Vaishnav
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News In Short

    • स्लॉटर हाउस में गोमांस की पुष्टि के बाद भोपाल में माहौल गरमाया।

    • रिकॉर्ड में 40 भैंसें थीं, लेकिन रोज 150 पशु काटे जा रहे थे।

    • दुबई और खाड़ी देशों तक मांस एक्सपोर्ट करने का दावा।

    • हिंदू संगठनों ने कमिश्नर का घेराव कर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

    • 100 करोड़ की जमीन कौड़ियों के दाम पर संचालक को देने का आरोप।

    News In Detail

    जिंसी स्लॉटर हाउस में गोमांस की पुष्टि

    भोपाल के जिंसी स्लॉटर हाउस में गोमांस मिलने से हड़कंप मचा है। सोमवार को बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी नगर निगम कार्यालय के बाहर जुटे। प्रदर्शनकारियों ने महापौर मालती राय का पुतला जलाकर अपना विरोध जताया है। पुलिस ने पुतला छीनने की कोशिश की जिससे काफी अफरा-तफरी मच गई।

    प्रदर्शन की खबर मिलते ही भागे अफसर

    हिंदू संगठनों ने प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन को एक दिन पहले दी थी। इसे देखते हुए आईएसबीटी दफ्तर से सभी अधिकारी लंच के बाद निकल गए। जब प्रदर्शनकारी ज्ञापन देने पहुंचे तो उन्हें वहां कोई जिम्मेदार नहीं मिला। 

    रिकॉर्ड और हकीकत में अंतर

    मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने निकलकर आए हैं। नगर निगम के रिकॉर्ड में रोजाना सिर्फ 40 भैंसें दर्ज थीं। लेकिन वहां रोजाना 100 से 150 पशु काटे जा रहे थे। संचालक असलम कुरैशी ने खुद यह बात स्वीकारी थी। यह वास्तविक आंकड़े से तीन गुना से भी ज्यादा का अंतर है।

    दुबई और खाड़ी देशों को मांस सप्लाई

    स्लॉटर हाउस से मांस का बड़ा नेटवर्क मुंबई तक फैला था। यहां से चेन्नई के रास्ते दुबई और खाड़ी देशों में सप्लाई होती थी। नगर निगम प्रशासन ने इस चेन की जानकारी होने से इनकार किया है। एमआईसी सदस्य आरके सिंह ने कहा कि सप्लाई देखना हमारा काम नहीं। निगम के डॉक्टर रोजाना दो बार स्लॉटर हाउस की जांच करते थे।

    पुलिस रिपोर्ट के नाम पर कार्रवाई में देरी

    26 टन मांस में गोमांस होने की पुष्टि पहले ही हो चुकी है। अब पुलिस सीसीटीवी फुटेज में सिर्फ भैंसें दिखने की बात कह रही है। चार्जशीट आने में अभी कम से कम तीन महीने का वक्त लगेगा। निगम प्रशासन पुलिस की अंतिम रिपोर्ट आने का इंतजार करने का तर्क दे रहा है। 

    हमारा वोट लेकर गायें काट रहे

    प्रदर्शन के दौरान हिंदू संगठनों का गुस्सा जमकर फूट पड़ा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि सरकार हमारे ही वोटों से बनी है। हमारा वोट लेकर अब गायें काटी जा रही। मुख्यमंत्री और महापौर हमसे डरते हैं, इसलिए अफसरों-पुलिस को आगे करते हैं।

    100 करोड़ की जमीन का कौड़ियों में सौदा

    यह आधुनिक स्लॉटर हाउस करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बना है। इस जमीन की बाजार कीमत करीब 100 करोड़ रुपए आंकी गई है। निगम ने इसे असलम को सालाना 4 लाख रुपए में दिया। परिसर के अंदर बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित था। सीसीटीवी कैमरों का पूरा कंट्रोल भी केवल संचालक के पास ही था।

    असलम कुरैशी को फांसी देने की मांग

    प्रदर्शनकारियों ने संचालक असलम कुरैशी के खिलाफ सख्त नारेबाजी की। हिंदू संगठनों ने असलम कुरैशी को फांसी की सजा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि असलम के पास मवेशियों के सभी ठेके क्यों हैं? उसके परिवार के पास मौजूद सभी पुराने ठेके तुरंत रद्द हों।

    हिंदू संगठनों का 5 दिन का अल्टीमेटम

    गुस्साए प्रदर्शनकारी निगम कमिश्नर के कमरे तक जबरन घुस गए थे। उन्होंने असलम कुरैशी और डॉक्टर बीपी गौर पर कार्रवाई की मांग की। कमिश्नर ने फोन पर बात कर कार्रवाई के लिए समय मांगा है। संगठनों ने कार्रवाई के लिए प्रशासन को 5 दिन का समय दिया। मांग पूरी न होने पर हाईवे जाम कर देंगे। 

    निशाने पर शहर सरकार

    जिंसी स्थित नगर निगम के स्लॉटर हाउस में गायों का वध किए जाने और गोमांस मुंबई भेजे जाने के मामले में नगर निगम प्रशासन की सीधी भूमिका सामने आई है। नगर निगम के पशु चिकित्सा अधिकारी की ओर से जारी वह पत्र सामने आया है, जिसके आधार पर मांस को स्लॉटर हाउस से बाहर ले जाने की अनुमति दी गई थी।

    स्लॉटर हाउस को शुरू करने संबंधित अनुमति एमआईसी ने दी थी। यह प्रस्ताव परिषद में भी नहीं आया। इस वजह से कांग्रेस के साथ बीजेपी पार्षद भी नाराज हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदर्शन भी कर चुकी है। ऐसे में शहर सरकार घिरती हुई नजर आ रही है।

     जय मां भवानी संगठन का प्रदर्शन

    भोपाल में आज 13 जनवरी को जय मां भवानी संगठन द्वारा गौमांस प्रकरण के विरोध में एक विशाल प्रदर्शन और पैदल मार्च आयोजित किया जा रहा है। हाल ही में स्लॉटर हाउस से जब्त मांस की जांच में गौमांस की पुष्टि हुई है। संगठन के लोग दोपहर 1 बजे होटल पलाश से मुख्यमंत्री निवास तक पैदल मार्च निकालेंगे। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर त्वरित व कठोर कार्रवाई करने, गौमाता के सम्मान की रक्षा करने और गौहत्या कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग करना है।

    हमने महापौर का पुतला जलाया, जिसे पुलिसकर्मियों ने छीनने का प्रयास किया। फिलहाल कमिश्नर के आश्वासन पर हमने दो-तीन दिनों तक प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया है। यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो हम दोबारा प्रदर्शन करेंगे।— राकेश प्रजापति, प्रांत मंत्री, राष्ट्रीय बजरंग दल

    कमिश्नर से फोन पर हुई चर्चा में उन्होंने 5 दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि तय समय में कार्रवाई नहीं हुई, तो उग्र प्रदर्शन करते हुए हाईवे जाम किया जाएगा। हम किसी भी कीमत पर भोपाल की धरती पर गाय का खून नहीं गिरने देंगे।" — कृष्णा बुंदेला (महानगर अध्यक्ष, करणी सेना परिवार)

    गोमांस की पुष्टि होते ही स्लॉटर हाउस को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है। आगामी कार्रवाई पुलिस रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद की जाएगी। -मालती राय, मेयर ( नगर निगम भोपाल)

    गोमांस मामले में आरोपियों को फांसी की सजा दी जानी चाहिए। मामले में सख्त कार्रवाई हो।’ -विश्वास सारंग, कैबिनेट मंत्री

    Sootr Alert

    ऐसी संदिग्ध गतिविधियों को रोकने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें:

    • अपने क्षेत्र की सरकारी संपत्तियों की गतिविधियों पर हमेशा नजर रखें।

    • यदि किसी सार्वजनिक प्रोजेक्ट में बाहरी एंट्री बंद हो, तो सवाल उठाएं।

    •  पशु वध या कचरे की दुर्गंध आने पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

    • सुनिश्चित करें कि सार्वजनिक केंद्रों के कैमरे सीधे पुलिस से जुड़े हों।

    • बड़े प्रोजेक्ट्स के टेंडर और खर्च की जानकारी आरटीआई से मांगें।

    • परिसर में आने-जाने वाले वाहनों और पशुओं की गिनती पर गौर करें।

    • किसी भी संदिग्ध सप्लाई चेन की जानकारी तुरंत कलेक्टर को दें।

    आगे क्या 

    इस मामले से नगर निगम और भोपाल पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। यदि 5 दिनों में सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो विरोध और उग्र होगा। इससे शहर की कानून व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द पर बुरा असर पड़ सकता है।

    निष्कर्ष

    भोपाल का यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत का जीता-जागता उदाहरण है। गोमांस की पुष्टि होने के बाद भी देरी करना जनता के गुस्से को बढ़ा रहा है। अब सबकी नजरें प्रशासन के अगले कदम और पुलिस की जांच पर टिकी हैं।

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