भोपाल स्लॉटर हाउस: EOW की जांच से खुलेंगे बड़े राज या फिर फाइलों में दफन हो जाएगा मामला?
Ramanand Tiwari | Jun 02, 2026, 22:38 IST
Photograph: (thesootr)
BHOPAL. भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में EOW ने कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को तलब किया है। जांच आगे बढ़ेगी या फाइलों में सिमट जाएगी, यह सवाल बना हुआ है।
ऐसे समझें पूरा मामला...
- EOW ने कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को 9 जून को भोपाल कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश।
- नगर निगम से जुड़े कथित स्लॉटर हाउस और टेंडर अनियमितता मामले की जांच जारी।
- विपक्ष ने जांच की निष्पक्षता और परिणामों को लेकर सवाल उठाए।
- हिंदूवादी संगठनों ने भी पहले इस मुद्दे का विरोध किया था।
- राजनीतिक हलकों में फिर चर्चा तेज कि क्या इस बार जांच किसी निष्कर्ष तक पहुंचेगी।
इसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल फिर उठने लगा है कि क्या जांच अब किसी ठोस नतीजे तक पहुंचेगी या फिर मामला अन्य विवादित प्रकरणों की तरह केवल जांच तक सीमित रह जाएगा।
इस मामले को लेकर पहले भी प्रदेश की राजनीति गर्म रही थी। हिंदूवादी संगठनों से लेकर विपक्षी दलों तक ने इसे बड़ा मुद्दा बनाया था। कई राजनीतिक नाम भी चर्चा में आए थे, लेकिन अब तक किसी निर्णायक कार्रवाई की तस्वीर सामने नहीं आ सकी है।
क्या है पूरा मामला?
इसी आधार पर मामले की जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को सौंपी गई। अब जांच एजेंसी ने शिकायतकर्ता पक्ष के प्रमुख चेहरे और कांग्रेस प्रवक्ता अभिनव बरोलिया को बयान के लिए बुलाया है।
EOW ने क्या कार्रवाई की है?
अभिनव बरोलिया ने क्या कहा?
क्या जांच नतीजे तक पहुंचेगी: विपक्ष
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और जांच एजेंसियों ने भी अभी तक किसी व्यक्ति की दोषसिद्धि संबंधी आधिकारिक जानकारी जारी नहीं की है।
स्लॉटर हाउस विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
इस कारण मामला प्रशासनिक दायरे से निकलकर राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया था। विरोध प्रदर्शनों और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के चलते यह मुद्दा लंबे समय तक सुर्खियों में रहा।
चर्चा में आए थे कई नाम, लेकिन कार्रवाई का इंतजार
यही कारण है कि अब EOW की सक्रियता के बाद फिर सवाल उठ रहे हैं कि क्या जांच केवल दस्तावेजों तक सीमित रहेगी या जिम्मेदारी तय करने की दिशा में भी आगे बढ़ेगी।
जीतू पटवारी का दावा
सबसे बड़ा सवाल
9 जून को होने वाली पूछताछ के बाद इस बहुचर्चित मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल राजनीतिक गलियारों और प्रशासनिक हलकों की निगाहें EOW की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
ये खबरें भी पढ़ें...
उमंग सिंघार का खेल मंत्री पर हमला: स्कूलों में खेल शिक्षक नहीं, खिलाड़ियों को भी नहीं मिला पूरा हक?
हनी ट्रैप पार्ट टू के आरोपी की जमानत खारिज, रियल सेक्टर का विवाद बताकर मांगी थी
राजा रघुवंशी हत्याकांड की बरसी : भाई ने Cbi जांच और सोनम की जमानत पर उठाए सवाल
बेशर्म के फूलों से विरोध! ट्राइबल अफसर के रिटायरमेंट पर छात्रों का अनोखा प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman