उमंग सिंघार ने ब्लैकमेलर्स लिस्ट पर जताई आपत्ति, सीएम हेल्पलाइन पर झूठी शिकायतों की लिस्ट पर विवाद
Jitendra Shrivastava | Sept 27, 2025, 17:42 IST
Photograph: (thesootr)
मध्यप्रदेश के विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार द्वारा ब्लैकमेलर्स की लिस्ट तैयार करने के आदेश पर विरोध जताया। उन्होंने कहा कि इसके बजाय अधिकारियों की कुंडली बनाई जाए जो शिकायतों को बिना समाधान के बंद कर देते हैं।
मध्यप्रदेश सरकार ने हाल ही में एक आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि सभी कलेक्टरों को झूठी और आदतन शिकायतें करने वाले नागरिकों तथा ब्लैकमेलर्स की लिस्ट तैयार करनी होगी।
यह आदेश मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और अन्य सरकारी पोर्टल्स पर की जाने वाली शिकायतों के संदर्भ में है। हालांकि, इस आदेश को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए आदेश को वापस लेने की मांग की है।
उमंग सिंघार ने इस आदेश पर अपनी आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि यह सरकार का नागरिकों के खिलाफ एक नया हथकंडा है। उनका कहना था कि जो लोग अपनी समस्याओं को लेकर सरकार से शिकायत करते हैं, उन्हें ब्लैकमेलर और आदतन शिकायती के रूप में पेश करना गलत है। सिंघार के अनुसार, इस आदेश के माध्यम से सरकार शिकायतकर्ताओं को डराने और उन्हें परेशान करने का प्रयास कर रही है।
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल मंडल से गुजरने वाली 14 ट्रेनें रद्द, 25 डायवर्ट, 2 चलेंगी लेट, देखें लिस्ट
इंदौर में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर फेंकी गई चूड़िया, पुलिस ने बाजार जाने से रोका, सीतलामाता बाजार हुआ भगवामय
मध्यप्रदेश सरकार का कहना है कि यह कदम उन लोगों के खिलाफ उठाया गया है जो सीएम हेल्पलाइन और अन्य पोर्टल्स का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि नागरिकों की समस्याओं का सही समाधान किया जाए और किसी को झूठी शिकायतें दर्ज करने की अनुमति न मिले।
हालांकि, इस आदेश के लागू होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या का सही तरीके से समाधान नहीं प्राप्त कर पा रहा है, तो उसे कैसे समझाया जाएगा कि वह किसी गलत कारण से शिकायत नहीं कर रहा है?
![be indian-buy indian]()
नेता प्रतिपक्ष ने इस बात का भी उल्लेख किया कि मध्यप्रदेश में अधिकारियों के दबाव के कारण कई शिकायतें बिना समाधान के बंद कर दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर हजारों शिकायतें ऐसे ही फोर्स क्लोज कर दी जाती हैं, जबकि उन शिकायतों का सही समाधान नहीं किया जाता। उनका मानना है कि जिन अधिकारियों ने गलत तरीके से शिकायतों को बंद किया, उनकी लिस्ट तैयार की जानी चाहिए, न कि आम नागरिकों की।
ये खबरें भी पढ़ें...
दशहरा पर नहीं जलेगा सोनम रघुवंशी का पुतला, HC ने लगाई रोक, मां ने लगाई थी गुहार
इस बार समय से पहले होंगी एमपी बोर्ड की परीक्षाएं, छात्रों को मिलेगा ज्यादा समय, जानें नया शेड्यूल
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में नागरिकों का यह अधिकार है कि वे अपनी समस्याओं को सरकार के समक्ष रखें और समाधान की उम्मीद करें। अगर सरकार शिकायतकर्ताओं को ब्लैकमेलर के रूप में पेश करती है, तो यह लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की अपील की है, ताकि नागरिकों को अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए डर न हो।
यह आदेश मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और अन्य सरकारी पोर्टल्स पर की जाने वाली शिकायतों के संदर्भ में है। हालांकि, इस आदेश को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए आदेश को वापस लेने की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं को ब्लैकमेलर न कहें : उमंग सिंघार
ये खबरें भी पढ़ें...
भोपाल मंडल से गुजरने वाली 14 ट्रेनें रद्द, 25 डायवर्ट, 2 चलेंगी लेट, देखें लिस्ट
इंदौर में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर फेंकी गई चूड़िया, पुलिस ने बाजार जाने से रोका, सीतलामाता बाजार हुआ भगवामय
सरकार का जवाब और आदेश की स्थिति
हालांकि, इस आदेश के लागू होने से कई सवाल खड़े हो गए हैं, जैसे कि यदि कोई नागरिक अपनी समस्या का सही तरीके से समाधान नहीं प्राप्त कर पा रहा है, तो उसे कैसे समझाया जाएगा कि वह किसी गलत कारण से शिकायत नहीं कर रहा है?
be indian-buy indian
अधिकारियों का गलत रवैया
ये खबरें भी पढ़ें...
दशहरा पर नहीं जलेगा सोनम रघुवंशी का पुतला, HC ने लगाई रोक, मां ने लगाई थी गुहार
इस बार समय से पहले होंगी एमपी बोर्ड की परीक्षाएं, छात्रों को मिलेगा ज्यादा समय, जानें नया शेड्यूल
लोकतंत्र में नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा
उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री से तत्काल इस आदेश को वापस लेने की अपील की है, ताकि नागरिकों को अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए डर न हो।
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava