बिजली कंपनी के सीजीएम को भारी पड़ी लापरवाही, पद से हटाया, आदेश भी निरस्त
Ravi Awasthi | Nov 05, 2025, 18:23 IST
Photograph: (THESOOTR)
मध्यप्रदेश में किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली देने पर वेतन कटौती वाले पुराने आदेश को सरकार ने रद्द किया। विवादित आदेश दोहराने पर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सीजीएम हटाए गए।
Bhopal. मध्य क्षेत्र बिजली कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक को किसानों से जुड़े मामले में लापरवाही पूर्ण आदेश निकालना महंगा पड़ा। उनके इस कृत्य पर सरकार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया है। साथ ही पूर्व में जारी आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं। मुख्य महाप्रबंधक के इस आदेश के मामले में प्रदेश सरकार भी बैकफुट पर आ गई है।
किसानों को 10 घंटे से अधिक बिजली देने पर संबंधित कर्मचारी की वेतन कटौती वाले 5 साल पुराने आदेश को सरकार ने निरस्त कर दिया है। साथ ही इस आदेश को दो दिन पहले पुन:जारी करने वाले मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक एके जैन को भी पद से हटाते हुए दूसरी शाखा में पदस्थ किया गया है।
बिजली कंपनी के भ्रम पूर्ण विवादित आदेश को लेकर आज सुबह ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्रवाई करने के संकेत दिए थे। इसके कुछ देर बाद ही ऊर्जा विभाग ने सीजीएम एके जैन को कंपनी के संधारण शाखा से हटा दिया है। उन्हें गैर पारंपरिक ऊर्जा एनसीई सेक्शन में महाप्रबंधक बनाया गया है।
![cgm remove]()
यह भी पढ़ें.. छत्तीसगढ़ में श्रमिक सशक्तिकरण की नई कहानी... शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से बदला लाखों परिवारों का जीवन
![order cancle]()
राज्य शासन ने 31 अगस्त 2020 को जारी वह आदेश भी रद्द कर दिया है जिसमे कृषि क्षेत्र में 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पर आपरेटर से लेकर सीजीएम तक वेतन कटौती के दंड का प्रावधान रहा। इसी आदेश को मौजूदा सीजीएम जैन ने भी दोहराया था।
यह भी पढ़ें.. Bijapur Naxal encounter: 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर, दोनों ओर से फायरिंग जारी
![vivadit order]()
गत तीन नवंबर को सीजीएम मध्य क्षेत्र कंपनी एके जैन ने भी रबी सीजन की शुरुआत पर पारंपरिक तरीके से पुराने सर्कुलर का स्मरण मैदानी अमले को कराया था। यही नहीं,इसके पालन में तकनीकी कारणों से आती रही दिक्कत को देखते हुए
उन्होंने संबंधित कर्मचारी,अधिकारी को 15 मिनट की छूट भी दी थी,लेकिन इसे किसानों से जोड़ते हुए आदेश को विवादित बना दिया गया।
जबकि सरकार की घोषणा के मुताबिक 10 घंटे की समयावधि में कटौती का आदेश में कहीं भी जिक्र नहीं था। परिपत्र भी पांच साल पुराना ही नई तारीख में जारी किया गया।
यह भी पढ़ें.. उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव! 53 कोर्स बंद, अब सिर्फ स्किल-बेस्ड पढ़ाई
मंगलवार को शासन की ओर से भी अधिकृत जानकारी में स्थिति का खुलासा करते हुए बताया गया कि परिपत्र का दोहराव सिर्फ सभी कृषि क्षेत्रों में बिजली की तय समय में समान आपूर्ति तय करने एवं मैदानी अमले को सजग करने के इरादे से किया गया है।
ताकि सभी स्थानों के किसानों को दस घंटे बिजली मिल सके और व्यवस्था में बाधा पैदा न हो,लेकिन इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनने पर सरकार को अंतत: उक्त कदम उठाना पड़ा।
यह भी पढ़ें.. भारतीय मूल के जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये बोले
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरणकंपनी सूत्रों के मुताबिक,10घंटे से अधिक समय बिजली आपूर्ति पर वेतन कटौती संबंधी दंड का प्रावधान आपूर्ति में होने वाली गड़बड़ी रोकने के इरादे से ही किया गया था।
दरअसल,कई बार राजनैतिक दबाव व बिजली कंपनी के मैदानी अमले की मिलीभगत से 10घंटे की व्यवस्था में बाधा पैदा होती रही है।
इससे बचने के लिए तकनीकी अमला बिजली स्टेशन की घड़ी व मीटर के इंटीग्रेशन खामी का हवाला देकर बचने का जतन करते रहे। दरअसल,तय अवधि से एक मिनट अधिक होने पर मीटर इस एक मिनट की गणना अगले 15 मिनट के ब्लॉक में करता है।
सभी जगह समान रूप से बिजली की आपूर्ति हो,इसे देखते हुए नए आदेश में सीजीएम ने 10 घंटे के बाद 15 मिनट की और मोहलत दी थी। ताकि बिजली कर्मचारी और किसान दोनों का नुकसान ना हो।
यह भी पढ़ें.. Aadhaar PAN Link : एक जनवरी से पहले करें ये काम, नहीं तो PAN कार्ड हो जाएगा डीएक्टिव
कृषि क्षेत्र में रबी सीजन में 10 घंटे बिजली आपूर्ति का सरकार का संकल्प करीब 15 साल पुराना है। वर्ष 2011 में राज्य विधानसभा में इसकी घोषणा की गई थी।
इससे पहले प्रदेश में रबी सीजन के दोरन आठ घंटे बिजली की निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था रही। बिजली क्षेत्र में हुए सुधार व उपलब्धता बढ़ने पर बाद में इसे दस घंटे कर दिया गया। यही व्यवस्था आज भी जारी है।
सूत्रों के अनुसार,सीजीएम एके जैन अगले माह 31 दिसंबर को सेवानिवृत होंगे। सेवानिवृत्ति से 56 दिन पहले उन्हें पद से हटाए जाने को लेकर कंपनी कार्यालय में खासी चर्चा है।
पद से हटाया, आदेश भी निरस्त
बिजली कंपनी के भ्रम पूर्ण विवादित आदेश को लेकर आज सुबह ही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कार्रवाई करने के संकेत दिए थे। इसके कुछ देर बाद ही ऊर्जा विभाग ने सीजीएम एके जैन को कंपनी के संधारण शाखा से हटा दिया है। उन्हें गैर पारंपरिक ऊर्जा एनसीई सेक्शन में महाप्रबंधक बनाया गया है।
cgm remove
यह भी पढ़ें.. छत्तीसगढ़ में श्रमिक सशक्तिकरण की नई कहानी... शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान से बदला लाखों परिवारों का जीवन
5 साल पुराना आदेश भी निरस्त
order cancle
राज्य शासन ने 31 अगस्त 2020 को जारी वह आदेश भी रद्द कर दिया है जिसमे कृषि क्षेत्र में 10 घंटे से अधिक बिजली आपूर्ति पर आपरेटर से लेकर सीजीएम तक वेतन कटौती के दंड का प्रावधान रहा। इसी आदेश को मौजूदा सीजीएम जैन ने भी दोहराया था।
यह भी पढ़ें.. Bijapur Naxal encounter: 3 नक्सलियों के मारे जाने की खबर, दोनों ओर से फायरिंग जारी
नए आदेश में गलत कुछ नहीं,बेवजह विवाद
vivadit order
गत तीन नवंबर को सीजीएम मध्य क्षेत्र कंपनी एके जैन ने भी रबी सीजन की शुरुआत पर पारंपरिक तरीके से पुराने सर्कुलर का स्मरण मैदानी अमले को कराया था। यही नहीं,इसके पालन में तकनीकी कारणों से आती रही दिक्कत को देखते हुए
उन्होंने संबंधित कर्मचारी,अधिकारी को 15 मिनट की छूट भी दी थी,लेकिन इसे किसानों से जोड़ते हुए आदेश को विवादित बना दिया गया।
जबकि सरकार की घोषणा के मुताबिक 10 घंटे की समयावधि में कटौती का आदेश में कहीं भी जिक्र नहीं था। परिपत्र भी पांच साल पुराना ही नई तारीख में जारी किया गया।
यह भी पढ़ें.. उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन यूनिवर्सिटी में बड़ा बदलाव! 53 कोर्स बंद, अब सिर्फ स्किल-बेस्ड पढ़ाई
सरकार ने भी किया खुलासा,नहीं बनी बात
ताकि सभी स्थानों के किसानों को दस घंटे बिजली मिल सके और व्यवस्था में बाधा पैदा न हो,लेकिन इसे लेकर भ्रम की स्थिति बनने पर सरकार को अंतत: उक्त कदम उठाना पड़ा।
यह भी पढ़ें.. भारतीय मूल के जोहरान ममदानी बने न्यूयॉर्क के मेयर, डोनाल्ड ट्रंप के लिए ये बोले
राजनीतिक दबाव में होती है समय में घटा-बढ़ी
दरअसल,कई बार राजनैतिक दबाव व बिजली कंपनी के मैदानी अमले की मिलीभगत से 10घंटे की व्यवस्था में बाधा पैदा होती रही है।
इससे बचने के लिए तकनीकी अमला बिजली स्टेशन की घड़ी व मीटर के इंटीग्रेशन खामी का हवाला देकर बचने का जतन करते रहे। दरअसल,तय अवधि से एक मिनट अधिक होने पर मीटर इस एक मिनट की गणना अगले 15 मिनट के ब्लॉक में करता है।
सभी जगह समान रूप से बिजली की आपूर्ति हो,इसे देखते हुए नए आदेश में सीजीएम ने 10 घंटे के बाद 15 मिनट की और मोहलत दी थी। ताकि बिजली कर्मचारी और किसान दोनों का नुकसान ना हो।
यह भी पढ़ें.. Aadhaar PAN Link : एक जनवरी से पहले करें ये काम, नहीं तो PAN कार्ड हो जाएगा डीएक्टिव
15 साल पहले लिया था विधानसभा में संकल्प
इससे पहले प्रदेश में रबी सीजन के दोरन आठ घंटे बिजली की निरंतर आपूर्ति की व्यवस्था रही। बिजली क्षेत्र में हुए सुधार व उपलब्धता बढ़ने पर बाद में इसे दस घंटे कर दिया गया। यही व्यवस्था आज भी जारी है।
अगले महीने रिटायर होंगे सीजीएम जैन
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari