CM HOUSE में मोहन यादव अपने साथ क्यों नहीं रखते परिवार? जानिए किस बात की हैं चिंता
Sandeep Kumar | Apr 23, 2024, 13:49 IST
PIC
सीएम मोहन यादव कहते हैं - बेशक मेरा रवैया थोड़ा सख्त है, लेकिन हमें परिवार को चलाना है तो उसके लिए जवाबदेही तय करनी पड़ती है। नहीं तो घालमेल हो जाएगा। मेरा मानना है कि जो जितना बड़ा बनता है, उतना ही उसे सावधानी भी रखनी चाहिए...
BHOPAL. मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) में बीते साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ( BJP ) को मिली प्रचंड जीत के बाद 58 साल के मोहन यादव ( Chief Minister Mohan Yadav) को नया सीएम बनाया गया। लोकसभा चुनाव में डॉ. मोहन यादव (Dr. Mohan ) ने मोदी का जादू ( Modi Magic ) चलने और एमपी में BJP को 29 में से 29 सीटें जीतने की गारंटी दी है। मीडिया से चर्चा के दौरान सीएम मोहन यादव ने मोदी की गारंटी, केंद्र सरकार की उपलब्धियों और अपनी सरकार के कामों को लेकर विस्तार से बात की। इसके साथ ही मीडिया हाउस से चर्चा के दौरान सीएम मोहन ने अपने परिवार के बारे में भी दिलचस्प बातें शेयर कीं।
ये खबर भी पढ़िए...NEWS UPDATE- अखबार में छपे माफीनामे काम के नहीं, रामदेव फिर से जारी करवाएं विज्ञापन
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा बेटा भोपाल में हॉस्टल में पढ़ रहा है। उसने MBBS कर लिया है और अब MS कर रहा है। मैं समझता हूं कि पढ़ाई का एक माहौल होता है। अगर वो सीएम हाउस की इस आबोहवा में रहेगा तो उसका असर तो जरूर पड़ेगा। ऐसे माहौल में उसकी पढ़ाई कैसे होगी? उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब होगी। ऐसे में अगर उसे फोकस होकर पढ़ना है, तो अलग रहकर ही पढ़ना होगा। मुझे इस बात का संतोष है कि मेरे परिवार में इस बात को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
ये खबर भी पढ़िए...गौतम अडानी ने मांगी MP में जमीन, अगर बात बन गई तो होगी नौकरियों की बरसात, बिजनेस में आएगा BOOM
डॉ. मोहन यादव ने कहा, मुझे दिखावा पसंद नहीं। मेरे बेटे की शादी हुई। आम तौर पर हम सोचते हैं कि शादी में हजार मेहमानों की भीड़ होनी चाहिए, लेकिन मेरा मानना है कि शादी तो 100 लोगों के बीच में भी की जा सकती है। बेटे की शादी में मैंने इसका ध्यान रखा।
ये खबर भी पढ़िए...मुकेश दलाल से पहले भी इतने निर्विरोध चुने जा चुके हैं लोकसभा सांसद
एमपी के सीएम ने कहा बेशक मेरा रवैया थोड़ा सख्त है। लेकिन हमें परिवार को चलाना है, तो उसके लिए जवाबदेही तय करनी पड़ती है। नहीं तो घालमेल हो जाएगा। मेरा मानना है कि जो जितना बड़ा बनता है, उतना ही उसे सावधानी भी रखनी चाहिए।
ये खबर भी पढ़िए...एमपी के नर्सिंग कॉलेजों का सबसे बुरा हाल, 4 साल में एक भी डिग्री नहीं दी
छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले मोहन यादव बीजेपी के स्थापित नेता हैं। उज्जैन संभाग के बड़े नेताओं में उनकी गिनती होती है। मोहन यादव वर्तमान में उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। वह शिवराज कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री के पद में रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बेहद करीबी हैं और ओबीसी का चेहरा भी।
मोहन यादव वर्ष 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से एमएलए बने थे। इसके बाद वर्ष 2018 में वे एक बार फिर विधायक बनने में कामयाब रहे। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में वर्ष 2020 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2023 में भी मोहन यादव ने अपनी पारंपरिक उज्जैन दक्षिण सीट से असेंबली का चुनाव लड़ा था। शुरुआती 2 राउंड तक वे कांग्रेस के उम्मीदवार चेतन यादव से पीछे रहे। हालांकि इसके बाद उन्होंने बढ़त बनानी शुरू कर दी, जो आखिर तक टूट नहीं पाई। मोहन यादव इस चुनाव में 12 हजार 941 वोटों से जीते।
ये खबर भी पढ़िए...NEWS UPDATE- अखबार में छपे माफीनामे काम के नहीं, रामदेव फिर से जारी करवाएं विज्ञापन
मेरा बेटा हॉस्टल में रहकर करता है पढ़ाई : मोहन
मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मेरा बेटा भोपाल में हॉस्टल में पढ़ रहा है। उसने MBBS कर लिया है और अब MS कर रहा है। मैं समझता हूं कि पढ़ाई का एक माहौल होता है। अगर वो सीएम हाउस की इस आबोहवा में रहेगा तो उसका असर तो जरूर पड़ेगा। ऐसे माहौल में उसकी पढ़ाई कैसे होगी? उसकी पढ़ाई डिस्टर्ब होगी। ऐसे में अगर उसे फोकस होकर पढ़ना है, तो अलग रहकर ही पढ़ना होगा। मुझे इस बात का संतोष है कि मेरे परिवार में इस बात को लेकर कोई दिक्कत नहीं है।
ये खबर भी पढ़िए...गौतम अडानी ने मांगी MP में जमीन, अगर बात बन गई तो होगी नौकरियों की बरसात, बिजनेस में आएगा BOOM
दिखावा पसंद नहीं : सीएम
डॉ. मोहन यादव ने कहा, मुझे दिखावा पसंद नहीं। मेरे बेटे की शादी हुई। आम तौर पर हम सोचते हैं कि शादी में हजार मेहमानों की भीड़ होनी चाहिए, लेकिन मेरा मानना है कि शादी तो 100 लोगों के बीच में भी की जा सकती है। बेटे की शादी में मैंने इसका ध्यान रखा।
ये खबर भी पढ़िए...मुकेश दलाल से पहले भी इतने निर्विरोध चुने जा चुके हैं लोकसभा सांसद
जितना बड़ा कद, उतनी बड़ी सावधानी
एमपी के सीएम ने कहा बेशक मेरा रवैया थोड़ा सख्त है। लेकिन हमें परिवार को चलाना है, तो उसके लिए जवाबदेही तय करनी पड़ती है। नहीं तो घालमेल हो जाएगा। मेरा मानना है कि जो जितना बड़ा बनता है, उतना ही उसे सावधानी भी रखनी चाहिए।
ये खबर भी पढ़िए...एमपी के नर्सिंग कॉलेजों का सबसे बुरा हाल, 4 साल में एक भी डिग्री नहीं दी
संघ के बेहद करीबी
छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले मोहन यादव बीजेपी के स्थापित नेता हैं। उज्जैन संभाग के बड़े नेताओं में उनकी गिनती होती है। मोहन यादव वर्तमान में उज्जैन दक्षिण से विधायक हैं। वह शिवराज कैबिनेट में उच्च शिक्षा मंत्री के पद में रहे हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की बेहद करीबी हैं और ओबीसी का चेहरा भी।
उज्जैन दक्षिण सीट से 12 हजार वोटों से मिली थी जीत
मोहन यादव वर्ष 2013 में पहली बार उज्जैन दक्षिण सीट से एमएलए बने थे। इसके बाद वर्ष 2018 में वे एक बार फिर विधायक बनने में कामयाब रहे। तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान की सरकार में वर्ष 2020 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया। 2023 में भी मोहन यादव ने अपनी पारंपरिक उज्जैन दक्षिण सीट से असेंबली का चुनाव लड़ा था। शुरुआती 2 राउंड तक वे कांग्रेस के उम्मीदवार चेतन यादव से पीछे रहे। हालांकि इसके बाद उन्होंने बढ़त बनानी शुरू कर दी, जो आखिर तक टूट नहीं पाई। मोहन यादव इस चुनाव में 12 हजार 941 वोटों से जीते।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari