कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल ऐसे घिर गए थे जहरीले धुएं में, बचाने CPR भी दिया, बेटी सौम्या अब ठीक
Sanjay Gupta | Oct 23, 2025, 21:32 IST
Photograph: (the sootr)
इंदौर के कांग्रेस नेता और सौम्या व्हीकल्स के मालिक प्रवेश अग्रवाल की गुरुवार सुबह पेंटहाउस में लगी आग में जलकर मौत हो गई। उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर पत्नी और छोटी बेटी को बचाया। गंभीर घायल बड़ी बेटी सौम्या अब खतरे से बाहर है।
INDORE. सौम्या व्हीकल्स के मालिक और कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल की गुरुवार को आग में घिरने से मौत हो गई। गुरुवार की सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनके पेंटहाउस में आग लगी थी। उनका अंतिम संस्कार गुरुवार की शाम को सयाजी मुक्तिधाम इंदौर में किया गया।
इस भयानक हादसे में उन्होंने अपनी जान पर खेलकर पत्नी श्वेता और छोटी बेटी मनाया को बचा लिया था। इस घटना में गंभीर घायल बड़ी बेटी सौम्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीबी शैलेष गर्ग और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी सौम्या अब खतरे के बाहर है।
कांग्रेस नेता प्रवेश अग्रवाल पेंटहाउस में लगी आगघटना करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच में होना बताया जा रहा है। पेंटहाउस के पास ही उसी फ्लोर में रहने वाले उनके गार्ड के बेटे ने करीब पांच -सवा पांच बजे खिड़की से आग निकलते देखी। इस पर उनके करीबी और सभी काम संभाकीलने वाले राघवेंद्र सिंह को फोन लगाया गया। फिर राघवेंद्र ने उनके मित्र शैलेष गर्ग को फोन किया। सिंह पांच मिनट में ही मौके पर पहुंच गए और इसी दौरान उन्होंने अंदर जाकर बेटी सौम्या को बचाया और साथ में लेकर बाहर निकले।
इस दौरान पूरे घर में धुआं था और इससे उनकी हालत भी खऱाब हुई और उल्टियां होने लगी। लेकिन सौम्या को लेकर बाहर आ गए और सीधे बांबे अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने टीआई लसूडिया तारेश सोनी को फोन किया और एफआरवी भेजी गई।
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शैलेष गर्ग और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि प्रवेश ने भाभी श्वेता और छोटी बेटी मनाया को बाहर निकाला, इसके बाद वह अंदर बड़ी बेटी के लिए गए। साथ ही चाबी भी ढूंढ रहे थे जिससे अंदर का बड़ा कांच का गेट खुल जाए और सारा धुंआ बाहर निकल जाए। लेकिन इसी दौरान धुएं में घिरने से वह बेहोश हो गए। सुबह करीब पांच बजकर 58 मिनट पर गार्ड व अन्य लोग प्रवेश को लेकर नीचे आए, यहां उन्हें करीब एक मिनट तक सीपीआर देकर जान बचाने की कोशिश की गई, फिर पुलिस की गाड़ी से अस्पताल ले गए, जहां ड़ॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
करीबियों ने बताया कि आग का कारण साफ नहीं है, घर में अखंड ज्योत चल रही थी इससे वायरिंग में आग लगने और फिर इसके पूरे घर में चपेट में लेने की बात भी आ रही है। वहीं कुछ लोग एसी के कारण शाट सर्किट होने की भी बात कह रहे हैं। घरवालों को भी आग का कारण नहीं पता क्योंकि आग लगने पर प्रवेश ने सभी को उठाया और पत्नी और छोटी बेटी को बाहर निकाला। बड़ी बेटी को करीबी राघवेंद्र ने बाहर निकाला था।
यह घटना किसी और दिन होती तो शायद प्रवेश की जान बच जाती। क्योंकि प्रवेश के पास तीन-चार गार्ड रहते थे, जो उनकी सुरक्षा में 24 घंटे रहते थे यह सभी उसी फ्लोर पर रहते थे। लेकिन दिवाली के कारण यह सभी छुट्टी पर थे और उन्हें इस घटना से बचाने वाला कोई भी पास में नहीं था। कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों के नेताओं और कारोबारियों व अन्य करीबियों के लिए यह घटना बहुत दुखद और चौंकाने वाली रही है।
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प्रवेश अग्रवाल मुख्य तौर पर देवास की राजनीति करते थे और अगले चुनाव की तैयारियों के लिए फिर सक्रिय हो रहे थे। वह पूर्व सीएम कमलनाथ के करीबी थे और बाकी नेताओं से भी मधुर संबंध रहे। वह नर्मदे युवा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे, मप्र कांग्रेस में महासचिव पद पर रह चुके, इंडियन जर्नलिज्म फाउंडेशन के प्रदेश अध्यक्ष पद पर थे और अंतरराष्ट्रीय अग्रवाल महासम्मेलन के महासचिव भी थे। समाजसेवा में भी वह अलग पहचान रखते थे।
अंतिम संस्कार गुरुवार अपरान्ह सयाजी मुक्तिधाम में हुआ। यहां बड़ी संख्या में लोग अंतिम विदाई के लिए आए। कारोबारी विनोद अग्रवाल, दिनेश मित्तल, पीडी अग्रवाल, महेंद्र अग्रवाल, नारायण अग्रवाल, विधायक रमेश मेंदोला, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा सहित अन्य उपस्थित रहे।
इस भयानक हादसे में उन्होंने अपनी जान पर खेलकर पत्नी श्वेता और छोटी बेटी मनाया को बचा लिया था। इस घटना में गंभीर घायल बड़ी बेटी सौम्या को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीबी शैलेष गर्ग और राघवेंद्र सिंह ने बताया कि बेटी सौम्या अब खतरे के बाहर है।
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इस तरह हुई घटना, बेटी सौम्या को ऐसे बचाया गया
इस दौरान पूरे घर में धुआं था और इससे उनकी हालत भी खऱाब हुई और उल्टियां होने लगी। लेकिन सौम्या को लेकर बाहर आ गए और सीधे बांबे अस्पताल पहुंचे। इसी दौरान उन्होंने टीआई लसूडिया तारेश सोनी को फोन किया और एफआरवी भेजी गई।
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प्रवेश ने पत्नी, बेटी को निकाला, फिर बड़ी बेटी के लिए गए
आग का कारण साफ नहीं-
दिवाली के कारण गनमैन छुट्टी पर थे
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