कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की बीयू से मान्यता पर अब होगा एक्शन!
Sanjay Sharma | Mar 10, 2026, 19:07 IST
Photograph: (thesootr)
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की फर्जी मान्यता मामले में उच्च शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की राह खोली। बीयू से गायब फाइल रजिस्ट्रार की चेतावनी पर वापस आई।
BHOPAL. कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी (आईपीसी) कॉलेज की संबद्धता पर कार्रवाई का रास्ता खुल गया है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा संबद्धता समाप्त करने के आदेश के बाद बीयू से आईपीसी कॉलेज की फाइल गायब हो गई थी।
बीते चार महीने से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन फाइल गुम होने की सफाई देकर टालमटोल कर रहा था। रजिस्ट्रार एसबी सिंह ने जैसे ही अपराध दर्ज कराने की चेतावनी जारी की अकादमिक शाखा से गायब फाइल वापस मिल गई है।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आईपीसी कॉलेज द्वारा बीयू से मान्यता हासिल की गई थी।
हाईकोर्ट ने इस फर्जीवाड़े से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए थे।
एसआईटी को 90 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी लेकिन इस बीच बीयू से कॉलेज की फाइल गायब हो गई।
उच्च शिक्षा विभाग ने भी बीयू को संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया था लेकिन इसका भी पालन नहीं हुआ है।
रजिस्ट्रार द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के तुरंत बाद अकादमिक शाखा से फाइल वापस मिल गई।
बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (Barkatullah University) से संबद्ध भोपाल के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज की मान्यता फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ली गई थी। यह कॉलेज कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद का है।
उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के आदेश 2025 में जारी किया था। हालांकि, कॉलेज पर कार्रवाई से ठीक पहले ही बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से फाइल गायब हो गई।
इस फाइल में कॉलेज से संबंधित सभी दस्तावेज थे। फाइल गायब होने का हवाला देकर बीयू बीते कई महीनों से कार्रवाई टालता आ रहा है। अब फाइल मिलने के बाद बीयू द्वारा कॉलेज पर कार्रवाई को लेकर दिलचस्पी बनी हुई है।
ये खबर भी पढ़ें...
प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में आरिफ मसूद को राहत, HC से मिले थे एसआईटी जांच के आदेश, अब SC ने लगाया स्टे
सरकार की सख्ती के बाद रजिस्ट्रार एसबी सिंह ने अकादमिक शाखा के अधिकारियों को अपराध दर्ज कराने की चेतावनी दी थी। उनका कहना था अकादमिक शाखा से फाइल गुम हुई है इसलिए जिम्मेदारी भी उन पर ही तय होगी।
केस दर्ज कराने की चेतावनी से न केवल अकादमिक शाखा बल्कि पूरे विश्वविद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ था। इसी खलबली के बीच गत दिवस अकादमिक शाखा से गायब फाइल रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच गई। महीनों से गायब फाइल अब तक कहां थी और वह तलाशी के दौरान किसके पास मिली फिलहाल यह खुलासा नहीं किया गया है।
ये खबर भी पढ़ें...
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज की मान्यता से संबंधित दस्तावेज फर्जी होने के मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। हाईकोर्ट के आदेश पर एसआईटी भी इस केस की जांच कर चुकी है। वहीं उच्च शिक्षा विभाग मान्यता रद्द करने का आदेश जारी कर कॉलेज में बीते शैक्षणिक सत्र से ही प्रवेश पर पाबंदी लगा चुका है।
हालांकि, अब तक बीयू प्रशासन द्वारा उसकी संबद्धता पर एक्शन नहीं लिया गया है। अब फाइल मिलने के बाद देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कार्रवाई को कब तक अंजाम दिया जा सकता है।
ये खबर भी पढ़ें...
फर्जी सेल डीड पर चल रहा था इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज, विधायक आरिफ मसूद और जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी FIR
कुलगुरु सुरेश कुमार जैन का कहना है कि मामला सुप्रीम कोर्ट में है, इसलिए कार्रवाई में समय लगा है। कॉलेज की मान्यता से संबंधित फाइल भी मिल गई है। वे इस मामले में संबंधित अधिकारियों से सभी पक्षों पर चर्चा करेंगे और जल्द ही कार्य परिषद की बैठक में संबंद्धता समाप्ति के प्रस्ताव पर निर्णय लिया जाएगा। यानी विधायक आरिफ मसूद के कॉलेज पर एक्शन में अभी भी कुछ समय लग सकता है।
ये खबर भी पढ़ें...
भ्रष्टाचार के आरोप में रेलवे इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई, 1.58 करोड़ के फ्लैट और बैंक में जमा राशि कुर्क
बीते चार महीने से बरकतउल्ला विश्वविद्यालय प्रशासन फाइल गुम होने की सफाई देकर टालमटोल कर रहा था। रजिस्ट्रार एसबी सिंह ने जैसे ही अपराध दर्ज कराने की चेतावनी जारी की अकादमिक शाखा से गायब फाइल वापस मिल गई है।
News in Short
हाईकोर्ट ने इस फर्जीवाड़े से जुड़े मामले पर सुनवाई करते हुए एसआईटी जांच के आदेश दिए थे।
एसआईटी को 90 दिन में जांच रिपोर्ट सौंपनी थी लेकिन इस बीच बीयू से कॉलेज की फाइल गायब हो गई।
उच्च शिक्षा विभाग ने भी बीयू को संबद्धता समाप्त करने का आदेश दिया था लेकिन इसका भी पालन नहीं हुआ है।
रजिस्ट्रार द्वारा एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी के तुरंत बाद अकादमिक शाखा से फाइल वापस मिल गई।
News in Detail
उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेज की मान्यता समाप्त करने के आदेश 2025 में जारी किया था। हालांकि, कॉलेज पर कार्रवाई से ठीक पहले ही बरकतउल्ला विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से फाइल गायब हो गई।
इस फाइल में कॉलेज से संबंधित सभी दस्तावेज थे। फाइल गायब होने का हवाला देकर बीयू बीते कई महीनों से कार्रवाई टालता आ रहा है। अब फाइल मिलने के बाद बीयू द्वारा कॉलेज पर कार्रवाई को लेकर दिलचस्पी बनी हुई है।
ये खबर भी पढ़ें...
प्रियदर्शिनी कॉलेज मामले में आरिफ मसूद को राहत, HC से मिले थे एसआईटी जांच के आदेश, अब SC ने लगाया स्टे
चेतावनी के बाद रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंची फाइल
केस दर्ज कराने की चेतावनी से न केवल अकादमिक शाखा बल्कि पूरे विश्वविद्यालय प्रबंधन में हड़कंप मचा हुआ था। इसी खलबली के बीच गत दिवस अकादमिक शाखा से गायब फाइल रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच गई। महीनों से गायब फाइल अब तक कहां थी और वह तलाशी के दौरान किसके पास मिली फिलहाल यह खुलासा नहीं किया गया है।
ये खबर भी पढ़ें...
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद पर धोखाधड़ी का केस दर्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
प्रवेश पर पाबंदी लेकिन संबद्धता पर एक्शन नहीं
हालांकि, अब तक बीयू प्रशासन द्वारा उसकी संबद्धता पर एक्शन नहीं लिया गया है। अब फाइल मिलने के बाद देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कार्रवाई को कब तक अंजाम दिया जा सकता है।
ये खबर भी पढ़ें...
फर्जी सेल डीड पर चल रहा था इंदिरा प्रियदर्शनी कॉलेज, विधायक आरिफ मसूद और जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी FIR
ईसी की बैठक के बाद ही तय होगी कार्रवाई
ये खबर भी पढ़ें...
भ्रष्टाचार के आरोप में रेलवे इंजीनियर की मौत के बाद कार्रवाई, 1.58 करोड़ के फ्लैट और बैंक में जमा राशि कुर्क
यह है पूरा मामला :
- आरोप: मसूद द्वारा संचालित अमन एजुकेशन सोसाइटी के इंदिरा प्रियदर्शिनी कॉलेज (खानूगांव, भोपाल) ने 1999- 2000 में मान्यता पाने के लिए कथित तौर पर फर्जी सेल डीड और सॉल्वेंसी पेपर्स जमा किए।
- कार्रवाई : पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह की शिकायत पर जांच के बाद, हाईकोर्ट ने कहा कि यह बिना राजनीतिक समर्थन के नहीं हो सकता, और 3 दिन के भीतर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
- स्थिति: हाईकोर्ट ने कॉलेज के नए दाखिलों पर रोक लगा दी है, और 90 दिनों के भीतर SIT रिपोर्ट मांगी गई है।
- कानूनी उलझन: मामले में पहले की जाली सेल डीड (2 अगस्त 1999) और बाद में जमा की गई दूसरी सेल डीड भी राजस्व रिकॉर्ड में संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद सरकार ने कॉलेज की मान्यता रद्द कर दी थी।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari