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News In Short
असलम कुरैशी और शोएब को पुलिस ने रिमांड पर लिया है।
पुलिस गोवंश हत्या और गोमांस सप्लाई नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर फोकस कर रही है।
17 दिसंबर को हिंदू संगठनों ने 26 टन गोमांस से भरा कंटेनर पकड़ा था।
मथुरा फोरेंसिक लैब रिपोर्ट में गोमांस की पुष्टि के बाद एफआईआर दर्ज की गई।
असलम पर बांग्लादेशी कर्मचारियों को रखने का आरोप भी है।
News In Detail
पुलिस रिमांड पर असलम और शोएब
भोपाल: एसआईटी ने गुरुवार को असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को पुलिस रिमांड पर ले लिया है। असलम स्लॉटर हाउस में गोवंश का कत्ल कर गोमांस सप्लाई करता था। कोर्ट ने पुलिस की अर्जी मंजूर करते हुए असलम को 25 जनवरी तक पुलिस के हवाले कर दिया है। इसके अलावा, गोमांस से भरे कंटेनर के ड्राइवर शोएब को भी रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान गोहत्या और गोमांस सप्लाई का पूरा नेटवर्क उजागर किया जाएगा। उनका ध्यान अब यह जानने पर है कि गोवंश का वध कहां-कहां किया गया, मांस कहां से आया और यह किस-किस शहरों तक सप्लाई किया गया।
गोहत्या और मांस सप्लाई की होगी जांच
रिमांड में असलम से अब मांस पैकिंग में गड़बड़ी, सीसीटीवी फुटेज में छेड़छाड़, कर्मचारियों के पुलिस वेरिफिकेशन, मरे हुए मवेशियों की स्लॉटरिंग, दूसरे ठिकानों पर गोहत्या करके मांस लाने, सप्लाई रूट और इसमें शामिल लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
मामला 17 दिसंबर का
यह मामला 17 दिसंबर को सामने आया था, जब हिंदू संगठनों ने भोपाल के पुलिस कंट्रोल रूम तिराहे पर एक कंटेनर पकड़ा था। उस कंटेनर में 26 टन गोमांस भेजा जा रहा था। आरोप था कि स्लॉटर हाउस में गोवंश का कत्ल करके मांस चोरी-छुपे भेजा जा रहा था। पुलिस ने मांस का सैंपल लिया और उसे मथुरा फोरेंसिक लैब भेजा।
लैब रिपोर्ट में गोमांस होने की पुष्टि हुई। इसके बाद 8 जनवरी को जहांगीराबाद थाने में एफआईआर दर्ज की गई और असलम और शोएब को जेल भेज दिया गया। अब रिमांड पर असलम से गोमांस सप्लाई के पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ की जाएगी।
बांग्लादेशी कर्मचारियों और अफसरों की मिलीभगत
असलम पर आरोप है कि उसने बांग्लादेशी कर्मचारियों को काम पर रखा था। अब पुलिस उसकी मोबाइल कॉल डिटेल और व्हाट्सएप चैट की जांच कर रही है। साथ ही, अधिकारियों की संभावित मिलीभगत की भी जांच की जाएगी।
गोमांस मामले में किसकी भागीदारी, खुलेंगे राज
| जांच का बिंदु | पुलिस क्या जानना चाहती है |
| मांस पैकिंग | गोमांस की पैकिंग कैसे होती थी। लिखापढ़ी में कैसे गड़बड़ की। |
| कर्मचारियों का बायोडाटा | स्लॉटर हाउस में काम करने वालों का वेरिफिकेशन हुआ या नहीं। |
| मृत मवेशियों की स्लॉटरिंग | क्या मृत मवेशियों को नियम विरुद्ध स्लॉटर किया गया? |
| अन्य ठिकानों पर गोवंश वध | स्लॉटर हाउस के बाहर कहां-कहां गोवंश का कत्ल किया गया? |
| बाहर से लाकर पैकिंग | अन्य स्थानों पर कटे मांस को यहां लाकर पैक किया गया या नहीं। |
| सप्लाई के रूट | किन-किन शहरों/राज्यों में गोमांस की सप्लाई की गई? |
| सप्लाई चेन में शामिल लोग | ड्राइवर, ठेकेदार, बिचौलिए और अन्य सहयोगियों की पहचान। |
| कारोबार का पूरा गणित | गोवंश वध और गोमांस सप्लाई कब से की जा रही थी ? |
| अफसरों की मिलीभगत | किन-किन अफसरों की भूमिका या संरक्षण रहा? |
| फोन कॉल डिटेल | नेटवर्क की कड़ियां वॉट्सएप कॉल व चैट, सप्लाई चेन। |
| कंटेनर चालक शोएब की भूमिका | मांस लोडिंग, रूट और डिलीवरी से जुड़ी जानकारी। |
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