एमपी के हजारों कर्मचारियों के प्रमोशन का रास्ता साफ, सीपीसीटी नहीं बनेगी बाधा
Sourabh Bhatnagar | Aug 12, 2026, 15:00 IST
mp employees cm mohan promotion decision
मध्यप्रदेश में सीपीसीटी अब कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधा नहीं बनेगी। सीएम मोहन यादव ने सकारात्मक फैसला लेने के निर्देश दिए है। इससे 15 हजार कर्मचारियों को राहत मिलेगी। बता दें कि जीएडी के आदेश के बाद कर्मचारियों ने विरोध जताया था।
समझें क्या है पूरा मामला
- सीपीसीटी अब पदोन्नति में बाधा नहीं बनेगी, सीएम का ऐलान।
- 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को मिलेगा फायदा।
- जीएडी ने जुलाई में सीपीसीटी अनिवार्य कर प्रमोशन रोके थे।
- कर्मचारी संगठनों ने आदेश की होली जलाकर विरोध जताया।
- अनुकंपा नियुक्ति में भी सीपीसीटी से युवा परेशान हुए।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खुद यह ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं रुकेगी। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
सीएम का बड़ा निर्देश
सीएम ने कहा कि सभी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिलना चाहिए। उनका कहना है कि सीपीसीटी एग्जामके कारण किसी की पदोन्नति नहीं रुकनी चाहिए। साथ ही किसी कर्मचारी (तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) को रिवर्ट भी नहीं किया जाना चाहिए।
जीएडी का पुराना आदेश
आदेश (MP Government News) में कहा गया था कि बिना डिग्री वाले कर्मचारी पात्र नहीं होंगे। ऐसे कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं दी जाएगी, यह साफ लिखा गया था। इसके बाद जीएडी ने अपनी ही पुरानी कार्यवाही रद्द कर दी। जुलाई में प्रमोट हुए कर्मचारियों को वापस पुराने पद पर भेजा गया।
कर्मचारियों का विरोध
होली जलाकर जताया गुस्सा
अनुकंपा नियुक्ति भी प्रभावित
नौकरी गंवाने का दर्द
कई युवा अचानक बेरोजगार हो गए। उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। परिवार चलाने की जिम्मेदारी अब उन पर भारी पड़ने लगी।
मुंडन कराकर किया विरोध
उन्होंने सबके सामने अपना मुंडन करा लिया। युवाओं का कहना था कि उनके साथ बड़ा अन्याय हुआ है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत देने की अपील की।
नियम और जरूरत का टकराव
प्रदेशभर में हलचल
अब मिलेगी बड़ी राहत
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- सवाल 1: सीपीसीटी क्या है और यह पदोन्नति में बाधा क्यों बनी थी?
जवाब: सीपीसीटी यानी कंप्यूटर प्रोफिशिएंसी सर्टिफिकेशन टेस्ट (Computer Proficiency Certification Test) एक कंप्यूटर योग्यता परीक्षा है। सामान्य प्रशासन विभाग यानी जीएडी ने 22 जुलाई को इसे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए अनिवार्य कर दिया था। इसके चलते बिना यह डिग्री रखने वाले कई कर्मचारी पदोन्नति से वंचित हो गए और कुछ को रिवर्ट भी कर दिया गया। - सवाल 2: सीएम मोहन यादव ने सीपीसीटी मामले में क्या निर्देश दिए हैं?
जवाब: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सीपीसीटी परीक्षा की अनिवार्यता पर जल्द सकारात्मक फैसला लिया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी पात्र कर्मचारी को इस परीक्षा के कारण पदोन्नति से वंचित या रिवर्ट नहीं किया जाना चाहिए, जिससे 15 हजार कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
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