डेली कॉलेज चुनाव पर ओडीए सदस्यों की लगी आपत्तियां, चुनाव अधिकारी 27 अप्रैल को लेंगे फैसला

Sanjay Gupta | Apr 25, 2026, 21:58 IST
Share
daily-college-election-objections-oda-case
Photograph: (the sootr)

डेली कॉलेज चुनाव को लेकर ओडीए सदस्यों ने सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराई हैं। नया या पुराना संविधान, वोटर लिस्ट और शेड्यूल पर सवाल उठे हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी 27 अप्रैल को इन आपत्तियों पर फैसला लेंगे।

News in Short

  • डेली कॉलेज चुनाव 21 मई को प्रस्तावित।
  • नया और पुराना संविधान बना विवाद का कारण।
  • ओडीए सदस्यों ने सैकड़ों आपत्तियां दर्ज कराईं।
  • वोटर लिस्ट और शेड्यूल पर सवाल।
  • 27 अप्रैल को चुनाव अधिकारी लेंगे फैसला।

Intro

डेली कॉलेज चुनाव घोषित शेड्यूल के मुताबिक 21 मई को होना है। लेकिन किस संविधान से इसे लेकर असमंजस है। वोटर लिस्ट से लेकर अन्य मुद्दों पर सैकड़ों आपत्तियां ईमेल के जरिए और व्यक्तिगत तौर पर भी मुख्य चुनाव अधिकारी को मिल चुकी हैं। अब इनके द्वारा 27 अप्रैल को फैसला लिया जाएगा।

News in Detail

डेली कॉलेज चुनाव का शेड्यूल 21 अप्रैल को जारी हुआ, लेकिन चुनाव किस संविधान से होंगे यह अभी तक औपचारिक घोषित नहीं हुआ है। अभी लागू संविधान और प्रस्तावित नए संविधान में सबसे ज्यादा प्रभावित ओल्ड डेलियंस एसोसिएशन (ओडीए) हो रहा है। इनके अस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। क्योंकि यदि नए संविधान से होता है तो इसमें निर्वाचन प्रक्रिया ही खत्म है और प्राथमिकता से ओडीए प्रेसीडेंट और सेक्रेट्री ही डेली कॉलेज बोर्ड में जाएंगे। इसी बात की लड़ाई चल रही है।

ओडीए गुट ने लगाई आपत्तियां

ओडीए के हित को प्रभावित करने वाले नए प्रस्तावित प्रावधानों के विरोध में नीरज देसाई, राजेश अग्रवाल, जयेश पटेल, अनुराग जैन व अन्य हैं। इनके द्वारा चुनाव अधिकारी हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस सुशील गुप्ता के सामने व्यक्तिगत तौर पर भी आपत्तियां लगा दी गई हैं। साथ ही देश-विदेश में रहने वाले कई अन्य सदस्यों ने भी ईमेल के जरिए आपत्तियां भेजी हैं।

इन सभी पर फैसला अब चुनाव अधिकारी को 27 तक करना है, क्योंकि 28 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया है। ऐसे में साफ करना जरूरी है कि किस संविधान से चुनाव हो रहे हैं और ओडीए से दो सदस्यों का निर्वाचन होना है या नहीं। आपत्तियां लगाने वालोें को भी चुनाव अधिकारी ने बता दिया है कि वह 27 तक फैसला ले लेंगे।

यह है प्रमुख आपत्तियां

  • चुनाव शेड्यूल के पहले साफ होना चाहिए कि किस संविधान से चुनाव हो रहा है।
  • यदि नए संविधान से चुनाव होना है तो वह तो शेड्यूल जारी होने के पहले मंजूर ही नहीं हुआ है। इस संबंध में फर्म एंड सोसायटी ने सूचना के अधिकार में सत्यापित कॉपी 23 अप्रैल को दी है। इस कॉपी के अनुसार वर्तमान संविधान ही है।
  • यदि वर्तमान संविधान है तो फिर इसके तहत चुनाव शेड्यूल 90 दिन का होना था, लेकिन यह केवल 30 दिन का दिया है।
  • ओडीए के करीब 6 हजार सदस्य हैं, इसमें हजार से अधिक सदस्य विदेश में और दो हजार करीब देश भर के हिस्से में फैले हुए हैं। ऐसे में 4 से 19 मई केवल 15 दिन में इनके मतपत्र कैसे पहुंचेंगे और एक दिन में 20 मई को यह कैसे वापस आ सकेंगे। पहले इसके लिए कम से कम 45 दिन दिए जाते थे।
  • वोटर लिस्ट में कई मृतक सदस्यों के भी नाम अभी तक जुड़े हुए हैं। ऐसे में इनके डाक मतपत्र का दुरुपयोग हो सकता है
  • नया संविधान किसी हाल में मंजूर नहीं है, क्योंकि यह ओडीए के अस्तित्व को ही नकारता है और निर्वाचन की जगह चयन पर जोर देता है। इससे बोर्ड में लोकतांत्रिक प्रक्रिया खत्म होगी।

यह हमारी संस्था की प्रतिष्ठा की लड़ाई

सदस्य पटेल, देसाई व अन्य ने कहा कि इन चुनाव और बोर्ड से हमारा कोई हित और अहित नहीं जुड़ा है। हमारी लड़ाई केवल डीसी की गरिमा और प्रतिष्ठा की है। वैसे ही बोर्ड का समय दिसंबर में ही पूरा हो गया था। लेकिन अतिरिक्त कार्यकाल के दौरान मार्च में नया संविधान पास किया गया, जबकि इस दौरान वह केवल केयरटेकर की भूमिका में थे और उन्हें संविधान संशोधन नहीं करना था। वहीं फर्म एंड सोसायटी भोपाल स्तर पर पहले ही केस लगे हैं, जिसमें फैसला नहीं हुआ है, ऐसे में नया संविधान नहीं आ सकता है।

चुनाव अधिकारी से अभी जवाब नहीं

फर्म एंड सोसायटी से द सूत्र ने जब दो दिन पहले बात की तो उन्होंने कहा था कि नया संविधान अभी मंजूर नहीं किया है। वहीं चुनाव अधिकारी हाईकोर्ट के रिटायर जस्टिस गुप्ता से भी द सूत्र ने फोन किया और मैसेज कर जानकारी चाही, तो जवाब नहीं आया है।

यह खबरें भी पढ़ें...

इंदौर के डेली कॉलेज में नहीं थम रहा विवाद, बोर्ड चुनाव प्रक्रिया और शेड्यूल के खिलाफ कैंपेनिंग शुरू

इंदौर डेली कॉलेज चुनाव 30 और 90 दिन के नोटिफिकेशन में उलझा, चुनाव अधिकारी ही करेंगे तय

इंदौर के डेली कॉलेज बोर्ड का चुनाव शेड्यूल जारी, विवादित संविधान संशोधन नहीं होगा लागू

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने डेली कॉलेज में बीजेपी के आयोजन पर जताई नाराजगी, लिखी चिट्ठी

Tags:
  • हाईकोर्ट
  • चुनाव
  • डेली कॉलेज
  • संविधान
  • केयरटेकर
  • फर्म एंड सोसायटी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज