बाहरी अफसरों के हाथ दतिया उपचुनाव की कमान: तीन IAS, IPS व IRS अफसर में ऑब्जर्वर नियुक्त
Amresh Kushwaha | Jul 16, 2026, 09:27 IST
दतिया उपचुनाव
दतिया उपचुनाव में निगरानी के लिए मध्यप्रदेश के बाहर के तीन IAS, IPS और IRS अफसर ऑब्जर्वर नियुक्त हुए हैं। नामांकन स्क्रूटनी पूरी होने के बाद अब सिर्फ 25 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। आज 16 जुलाई नामांकन वापसी का आखिरी दिन है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव के लिए तीन बाहरी अफसर ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं।
- ये तीनों अफसर आईएएस, आईपीएस और आईआरएस सेवा से हैं।
- मुख्य निर्वाचन अधिकारी संजीव झा ने प्रशासन को कई निर्देश दिए हैं।
- नामांकन की स्क्रूटनी पूरी हो चुकी है, अब 25 प्रत्याशी मैदान में हैं।
- 16 जुलाई नामांकन वापसी का आखिरी दिन है।
केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने दतिया चुनाव में पारदर्शिता के लिए यह फैसला लिया है। आयोग चाहता है कि चुनाव सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से हो। इसी वजह से मध्यप्रदेश के बाहर के तीन अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। ये तीनों अधिकारी दतिया पहुंच चुके हैं। मतगणना पूरी होने तक ये दतिया सर्किट हाउस में रहेंगे।
इन अफसरों की हुई नियुक्ति
दतिया उपचुनाव में बाहरी अफसर क्यों संभाल रहे कमान
सामान्य ऑब्जर्वर, पुलिस ऑब्जर्वर और खर्च ऑब्जर्वर तीनों अलग काम करते हैं। सामान्य ऑब्जर्वर पूरी चुनाव प्रक्रिया पर नजर रखता है। पुलिस ऑब्जर्वर सुरक्षा और कानून व्यवस्था देखता है। खर्च ऑब्जर्वर उम्मीदवारों के चुनावी खर्च पर निगरानी रखता है। तीनों मिलकर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करते हैं।
निष्पक्ष चुनाव कराना प्रशासन और चुनाव आयोग दोनों की जिम्मेदारी होती है। इसी वजह से बाहरी अफसरों को भेजने की परंपरा पुरानी है। इससे स्थानीय राजनीतिक दबाव का असर कम होता है। मतदाताओं का भरोसा भी चुनाव प्रक्रिया पर बढ़ता है।
सीईओ ने दिए सख्त निर्देश
निगरानी के लिए कई टीमें
रैंडमाइजेशन से तय होता है कि कौन सी मशीन किस बूथ पर जाएगी। इससे किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका खत्म हो जाती है। यह प्रक्रिया चुनाव आयोग के अधिकारियों की मौजूदगी में होती है।
आदर्श आचार संहिता के दौरान सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल सीमित हो जाता है। सरकारी घोषणाएं और उद्घाटन जैसे कार्यक्रम भी इस दौरान नहीं होते। इसका मकसद सभी उम्मीदवारों को बराबरी का मौका देना है।
सी विजिल ऐप आम लोगों को सीधे शिकायत करने की सुविधा देता है। कोई भी नागरिक फोटो या वीडियो के साथ शिकायत भेज सकता है। इससे आचार संहिता उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई संभव होती है। यह व्यवस्था चुनाव को और पारदर्शी बनाती है।
29 उम्मीदवारों ने 32 नामांकन पर्चे दाखिल किए
अब सिर्फ 25 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। स्क्रूटनी के बाद अब उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह का इंतजार है। नामांकन वापसी के बाद अंतिम सूची जारी होगी। इसी सूची के आधार पर सभी को चुनाव चिन्ह बांटे जाएंगे।
दतिया उपचुनाव का पूरा शेड्यूल
इसके बाद बचे हुए प्रत्याशियों की सूची पूरी तरह फाइनल हो जाएगी। इसके बाद चुनाव प्रचार में तेजी आने की संभावना है। तीनों ऑब्जर्वर पूरी प्रक्रिया पर बारीकी से नजर रखेंगे। सभी की नजर अब आने वाले मतदान और नतीजों पर टिकी है। मतदाता भी इस उपचुनाव को लेकर उत्सुक हैं।
सोर्स: भारत निर्वाचन आयोग और मध्य प्रदेश मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय की आधिकारिक जानकारी पर आधारित।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQ
- दतिया उपचुनाव में ऑब्जर्वर कौन कौन हैं?
चुनाव आयोग ने तीन वरिष्ठ अखिल भारतीय सेवा अफसरों को ऑब्जर्वर बनाया है। पश्चिम बंगाल कैडर के आईएएस विजय भारती जनरल ऑब्जर्वर हैं। कर्नाटक कैडर के आईपीएस के. थियागराजन पुलिस ऑब्जर्वर हैं। सेंट्रल सर्विस के आईआरएस अफसर विशाल मलानी चुनावी खर्च के ऑब्जर्वर हैं। तीनों मतगणना तक दतिया सर्किट हाउस में रहेंगे। - दतिया उपचुनाव में कितने प्रत्याशी मैदान में हैं?
नामांकन की स्क्रूटनी में कुल 29 उम्मीदवारों के 32 नामांकन पर्चे जांचे गए। इनमें से चार निर्दलीय और छोटे दलों के उम्मीदवारों के पर्चे खारिज कर दिए गए। अब सिर्फ 25 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। 16 जुलाई नामांकन वापसी का आखिरी दिन है, जिसके बाद अंतिम सूची तय होगी। - चुनाव आयोग ने दतिया उपचुनाव में कौन सी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था बनाई है?
एसएसटी, वीएसटी, फ्लाइंग स्क्वॉड और एमसीएमसी टीमें चुनावी खर्च और आचार संहिता पर नजर रख रही हैं। सी विजिल ऐप पर मिलने वाली शिकायतों पर 100 मिनट में कार्रवाई होगी। 17 जुलाई को ईवीएम और वीवीपैट का दूसरा रैंडमाइजेशन भी होगा।
बसपा की चुप्पी बनी सबसे बड़ा सस्पेंस, तीसरी ताकत बिगाड़ सकती है खेल!
कांग्रेस ने उतारा डमी कैंडिडेट, मीनाक्षी नटराजन मामले से लिया सबक
घनश्याम सिंह 20 करोड़ के मालिक, आशुतोष तिवारी से हैं 11 गुना अमीर
भाजपा के बाद कांग्रेस का भी दांव, स्टार प्रचारकों की फौज उतारी
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA
नवरात्रि के पहले इंदौर में 92 लाख रुपए की गर्भपात किट मिलने से भड़के हिंदूवादी नेता
By Sanjay Gupta, Sandeep Kumar
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari