DAVV का पेपर लीक जिस आयडलिक इंस्टीट्यूट से हुआ वो अक्षय बम और उनके पिता कांति बम का
Sandeep Kumar | Jun 08, 2024, 08:42 IST
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देवी अहिल्या विश्विद्यालय इंदौर द्वारा 25 मई को M.B.A. I Semester (Full Time) के Quantative Techniques विषय के प्रश्न पत्र आयोजित किए थे। जो कि परीक्षा के पहले ही लीक हो गया।
संजय गुप्ता@ INDORE. देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी ( DAVV ) में एमबीए के हुए पेपर लीक कांड में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इसमें आयडलिक इंस्टीट्यूट आफ मेनेजमेंट इंदौर के कम्प्यूटर आपरेटर दीपक सोलंकी उम्र 25 साल निवासी रंगवासा रोड़ व उक्त कालेज के दो छात्र शामिल है। और ये कॉलेज किसी और का नहीं बल्कि कांग्रेस से बीजेपी में गए अक्षय बम ( akshay bam ) और उनके पिता कांति बम का है।
अक्षय संस्था के चेयरमैन के रूप में पदस्थ है और वही उनके पिता कांति बम ( kaanti bam ) सोसाइटी चेयरमैन के रूप में पदस्थ है। यह कॉलेज की वेबसाइट पर ही प्रदर्शित है।
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देवी अहिल्या विश्विद्यालय इंदौर द्वारा 25 मई को M.B.A. I Semester (Full Time) के Quantative Techniques विषय के प्रश्न पत्र आयोजित किए थे। जो कि परीक्षा पूर्व ही लीक हो गया। जांच में आया बम के कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक ने प्रिंसिपल के कमरे से पेपर का बंडल निकाला, स्केल से सील उचकाकर पेपर निकाल मोबाइल से फोटो ली और रख दिया।
ये पेपर का सौदा कॉलेज छात्र गौरव से 8000 रुपए में हुआ, जो इस पेपर में पहले फेल होने से परेशान था। उसने 2000 रुपए दे दिए। गौरव ने ये एक अन्य छात्र धीरेंद्र को दिया और फिर ये वायरल हो गया।
पुलिस ने कई वाट्सएप ग्रुप की जांच कर ये चेन पकड़ी तो छात्र धीरेंद्र तक पहुंची। उससे पूछताछ से गौरव का नाम आया और फिर उसने दीपक का बता दिया।
28 मई को M.B.A. I Semester (Full Time) के Accounting For Managers विषय का प्रश्न पत्र भी लीक हो गया था। अभी इसका खुलासा नहीं हुआ। पेपर लीक कांड जांच में पुलिस उपायुक्त जोन-3 एवं क्राईम ब्रांच में शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया था।
30 मई को को थाना छोटी ग्वालटोली पर अपराध क्रं. 111/2024 धारा 406 भादवि एवं म.प्र.मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम 1937 की धारा 3a/A पंजीबद्ध कर अनुसंधान मे लिया गया। डीसीपी जोन 3 पंकज पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 रामस्नेही मिश्रा एवं सहायक पुलिस आयुक्त संयोगितागंज तुषार सिंह के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली इंदौर द्वारा एक टीम गठित की गई। इनके द्वारा जांच की गई। जांच में टीआई उमेश यादव, बीडी भारती, जयवीर व कैलाश की भूमिका रही।
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इस पद हैं दोनों पिता पुत्र
अक्षय संस्था के चेयरमैन के रूप में पदस्थ है और वही उनके पिता कांति बम ( kaanti bam ) सोसाइटी चेयरमैन के रूप में पदस्थ है। यह कॉलेज की वेबसाइट पर ही प्रदर्शित है।
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कंप्यूटर ऑपरेटर ने चुराया था
देवी अहिल्या विश्विद्यालय इंदौर द्वारा 25 मई को M.B.A. I Semester (Full Time) के Quantative Techniques विषय के प्रश्न पत्र आयोजित किए थे। जो कि परीक्षा पूर्व ही लीक हो गया। जांच में आया बम के कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक ने प्रिंसिपल के कमरे से पेपर का बंडल निकाला, स्केल से सील उचकाकर पेपर निकाल मोबाइल से फोटो ली और रख दिया।
2000 में बेचा पेपर
ये पेपर का सौदा कॉलेज छात्र गौरव से 8000 रुपए में हुआ, जो इस पेपर में पहले फेल होने से परेशान था। उसने 2000 रुपए दे दिए। गौरव ने ये एक अन्य छात्र धीरेंद्र को दिया और फिर ये वायरल हो गया।
पुलिस ने वाट्सएप ग्रुप से जुटाई जानकारी
पुलिस ने कई वाट्सएप ग्रुप की जांच कर ये चेन पकड़ी तो छात्र धीरेंद्र तक पहुंची। उससे पूछताछ से गौरव का नाम आया और फिर उसने दीपक का बता दिया।
एक और हुआ था लीक
28 मई को M.B.A. I Semester (Full Time) के Accounting For Managers विषय का प्रश्न पत्र भी लीक हो गया था। अभी इसका खुलासा नहीं हुआ। पेपर लीक कांड जांच में पुलिस उपायुक्त जोन-3 एवं क्राईम ब्रांच में शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया था।
30 मई को को थाना छोटी ग्वालटोली पर अपराध क्रं. 111/2024 धारा 406 भादवि एवं म.प्र.मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम 1937 की धारा 3a/A पंजीबद्ध कर अनुसंधान मे लिया गया। डीसीपी जोन 3 पंकज पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 रामस्नेही मिश्रा एवं सहायक पुलिस आयुक्त संयोगितागंज तुषार सिंह के मार्गदर्शन मे थाना प्रभारी छोटी ग्वालटोली इंदौर द्वारा एक टीम गठित की गई। इनके द्वारा जांच की गई। जांच में टीआई उमेश यादव, बीडी भारती, जयवीर व कैलाश की भूमिका रही।
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