MP में बढ़ेगी एयर कनेक्टिविटी, 63 नए हेलिपैड बनेंगे, 20 हवाई पट्टियों का होगा विस्तार, जानें क्या मिलेगा फायदा
Arohi Raj | Sootr Creatives | Sept 25, 2026, 19:04 IST
MP में बढ़ेगी एयर कनेक्टिविटी, 63 नए हेलिपैड बनेंगे।
भोपाल. मध्यप्रदेश में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने की तैयारी में सरकार जुट गई है। सरकार हवाई बेड़े का विस्तार कर रही है। इसके साथ ही हेलिपैड और हवाई पट्टियों का भी विस्तार होगा। इससे प्रदेश के कई इलाकों तक पहुंच आसान हो सकती है। सरकार का फोकस खासकर दूरदराज क्षेत्रों पर है। नए हेलिपैड बनने से यात्रा का समय भी घट सकता है।
खबरों के मुताबिक, प्रदेश में अभी करीब 250 हेलिपैड हैं। सरकार अगले दो साल में 63 नए हेलिपैड बनाएगी। इनका नेटवर्क करीब 50 किलोमीटर के दायरे में होगा। इससे कई जिलों तक हवाई पहुंच आसान हो सकती है।
सरकार नए हेलिपैड का नेटवर्क तैयार कर रही है। इनका उद्देश्य जिलों तक पहुंच आसान करना है। अभी कई जगहों पर सड़क से लंबा सफर करना पड़ता है। कई इलाकों में एयरपोर्ट की सुविधा भी नहीं है। ऐसे में हेलिकॉप्टर से नजदीकी इलाके तक पहुंचा जा सकेगा।
नए हेलिपैड से सरकारी यात्राओं को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री और अधिकारियों का समय बच सकता है। आपदा के दौरान राहत पहुंचाने में मदद मिल सकती है। मेडिकल इमरजेंसी में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे प्रदेश का हवाई नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
नए हेलिपैड बनने से जिलों तक पहुंच आसान होगी। लंबी सड़क यात्राओं में लगने वाला समय घट सकता है। दूरदराज इलाकों में सरकारी पहुंच बढ़ सकती है। आपदा के समय राहत तेजी से पहुंचाई जा सकेगी।
इससे व्यापार और पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। कारोबारियों के लिए यात्रा का समय भी कम हो सकता है। इससे प्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच संपर्क बढ़ेगा।
हेलिपैड के साथ हवाई पट्टियों का भी विस्तार होगा। सरकार करीब 20 हवाई पट्टियों को विकसित करने की तैयारी में है। इसके लिए जिलों से जमीन की जानकारी मांगी गई है। इन पट्टियों पर रनवे और दूसरी सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
एक हवाई पट्टी के विस्तार में 10-15 करोड़ लग सकते हैं। निजी जमीन लेने पर खर्च और बढ़ सकता है। पूरे प्रोजेक्ट पर 300-400 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। विस्तार के बाद ज्यादा विमानों के संचालन की सुविधा मिलेगी।
350 करोड़ का नया
सरकार करीब 350 करोड़ रुपए का नया जेट ला रही है। इसका नाम बॉम्बार्डियर चैलेंजर-3500 बताया गया है। इसकी डिलीवरी जल्द प्रस्तावित है। यह जेट लंबी दूरी की यात्राओं में काम आएगा।
जेट से प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है। हालांकि, इसके संचालन के लिए लंबे रनवे की जरूरत होगी। इसी वजह से कई हवाई पट्टियों का विस्तार जरूरी है। रनवे बढ़ने के बाद इन जगहों पर विमान संचालन संभव होगा।
सरकार करीब 225 करोड़ रुपए का ACH160 हेलिकॉप्टर खरीद रही है। इसमें दो पायलट और नौ लोग बैठ सकेंगे। इसकी उड़ान क्षमता करीब साढ़े चार घंटे बताई गई है। हेलिकॉप्टर में आधुनिक तकनीक और कैमरे लगाए जाएंगे।
इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सरकारी यात्राओं में होगा। इसके जरिए दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचना आसान होगा। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल राहत कार्यों में भी किया जा सकता है।
प्रदेश में करीब 28 एयरफील्ड बताए गए हैं। इनमें करीब 10 जगह जेट उतर सकता है। बाकी जगहों पर रनवे की लंबाई बड़ी चुनौती है। करीब 20 हवाई पट्टियों में केवल तीन पर्याप्त लंबी हैं। इनमें मंदसौर, सिवनी और मंडला शामिल हैं।
वहीं, सतना एयरपोर्ट का रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए वहां नया जेट फिलहाल नहीं उतर सकेगा। रनवे का विस्तार होने के बाद स्थिति बदल सकती है।
हेलिपैड और हवाई पट्टियों का नेटवर्क बढ़ने से सफर आसान होगा। खासकर दूरदराज क्षेत्रों में इसका सीधा फायदा मिल सकता है। सड़क मार्ग से लगने वाला समय भी कम हो सकता है। आपात स्थिति में राहत और मेडिकल सेवाएं तेजी से पहुंचेंगी।
बेहतर एयर कनेक्टिविटी से पर्यटन और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। नए हेलिपैड और विस्तारित हवाई पट्टियां प्रदेश को जोड़ेंगी। इससे मध्यप्रदेश का हवाई नेटवर्क पहले से मजबूत हो सकता है।
हर 50 किलोमीटर पर हेलिपैड बनाने की तैयारी
नए हेलिपैड से सरकारी यात्राओं को भी फायदा होगा। मुख्यमंत्री और अधिकारियों का समय बच सकता है। आपदा के दौरान राहत पहुंचाने में मदद मिल सकती है। मेडिकल इमरजेंसी में भी इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे प्रदेश का हवाई नेटवर्क मजबूत होने की उम्मीद है।
एयर कनेक्टिविटी बढ़ने से क्या बदलेगा?
इससे व्यापार और पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। कारोबारियों के लिए यात्रा का समय भी कम हो सकता है। इससे प्रदेश के अलग-अलग शहरों के बीच संपर्क बढ़ेगा।
20 हवाई पट्टियों का होगा विस्तार
एक हवाई पट्टी के विस्तार में 10-15 करोड़ लग सकते हैं। निजी जमीन लेने पर खर्च और बढ़ सकता है। पूरे प्रोजेक्ट पर 300-400 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। विस्तार के बाद ज्यादा विमानों के संचालन की सुविधा मिलेगी।
350 करोड़ का नया जेट बेड़े में शामिल होगा
जेट से प्रदेश के महत्वपूर्ण शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है। हालांकि, इसके संचालन के लिए लंबे रनवे की जरूरत होगी। इसी वजह से कई हवाई पट्टियों का विस्तार जरूरी है। रनवे बढ़ने के बाद इन जगहों पर विमान संचालन संभव होगा।
225 करोड़ का नया हेलिकॉप्टर भी आएगा
इस हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल सरकारी यात्राओं में होगा। इसके जरिए दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचना आसान होगा। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल राहत कार्यों में भी किया जा सकता है।
अभी कई जगह जेट नहीं उतर सकता
वहीं, सतना एयरपोर्ट का रनवे करीब 1300 मीटर लंबा है। इसलिए वहां नया जेट फिलहाल नहीं उतर सकेगा। रनवे का विस्तार होने के बाद स्थिति बदल सकती है।
लोगों को कैसे मिलेगा फायदा?
बेहतर एयर कनेक्टिविटी से पर्यटन और कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है। नए हेलिपैड और विस्तारित हवाई पट्टियां प्रदेश को जोड़ेंगी। इससे मध्यप्रदेश का हवाई नेटवर्क पहले से मजबूत हो सकता है।
- प्रदेश में नए हेलिपैड बनाने की योजना क्या है?
सरकार अगले दो साल में 63 नए हेलिपैड बनाएगी, जो जिले के स्तर तक हवाई पहुंच को आसान बनाएंगे। - हेलिपैड और हवाई पट्टियों का विस्तार कैसे लाभकारी होगा?
हेलिपैड और हवाई पट्टियों का विस्तार सरकारी यात्राओं, आपात राहत सेवाओं और मेडिकल इमरजेंसी में तेजी से पहुंच प्रदान करेगा, साथ ही व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगा। - नए हेलिकॉप्टर और जेट का क्या महत्व है?
सरकार 225 करोड़ रुपये का नया हेलिकॉप्टर और 350 करोड़ रुपये का नया जेट खरीद रही है, जिससे लंबी दूरी की यात्राओं और दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।
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