एयर एंबुलेेंस: CM मोहन तैयारी करते रहे, उत्तराखंड में सिंधिया का ऐलान
Jitendra Shrivastava | Feb 16, 2024, 17:39 IST
एयर एंबुलेंस सुविधा में उत्तराखंड बना देश का पहला राज्य।
सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड को देश में सबसे पहले यह सुविधा इसलिए भी दी गई है कि यहां प्राकृतिक आपदाएं बहुत आती हैं ऐसे में आपातकालीन सेवाओं की आवश्यकता अधिक होती है। उत्तराखंड को प्राथमिकता देकर एयर एंबुलेंस सेवा में देश का पहला राज्य बनाया। देश-दुनिया
BHOPAL. मुख्यमंत्री मोहन यादव एयर एंबुलेंस (air ambulance) सुविधा लाकर देश का पहला राज्य मध्यप्रदेश को बनाने की तैयारी ही करते रह गए, जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड से एयर एंबुलेंस की शुरुआत का ऐलान भी कर दिया। मोहन यादव की इस महत्वाकांक्षी योजना पर केंद्रीय विमानन मंत्री ने पानी फेर दिया है। सीएम मोहन यादव ने 11 फरवरी को मध्यप्रदेश के अंतरिम बजट में इस सुविधा के लिए प्रावधान कर दिया था। साथ ही प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह को इसके निर्देश भी दे दिए गए थे, जिस पर शासन स्तर पर इस नए प्रयोग को अमल में लाने की तैयारी भी शुरू हो गई थी। इसी बीच केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उत्तराखंड के ऋषिकेश से इस सुविधा की घोषणा कर देश में पहला राज्य बना दिया है।
मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एयर एंबुलेंस सुविधा देने की बात ही की थी कि तभी केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड से इस सुविधा को लाने का ऐलान कर दिया। और इस तरह से ये सुविधा देने वाला उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड को देश में सबसे पहले यह सुविधा इसलिए भी दी गई है कि यहां प्राकृतिक आपदाएं बहुत आती हैं इस कारण आपातकालीन सेवाओं की भी बहुत अधिक आवश्यकता होती है इसीलिए विमानन मंत्री ने उत्तराखंड को प्राथमिकता देकर एयर एंबुलेंस सेवा में देश का पहला राज्य बनाया।
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ज्योतिरादित्य सिंधिया की घोषणा के बाद देश की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) उत्तराखंड से प्रारंभ की जा रही है। एक हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया में जानकारी शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि अगर 150 किलोमीटर की क्षेत्र में अगर कोई दुर्घटना होती है तो उस व्यक्ति को तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। हेलीकॉप्टर का अभी असेम्ब्लिंग कर सर्टिफिकेशन किया जा रहा है।
मध्यप्रदेश में भी एयर एंबुलेंस की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिलवाई जा रही है। जिस तरह अभी निजी अस्पतालों एयर एंबुलेंस रहती है, वहीं 108 के जरिए भी सरकार ने सुविधा दे रखी है, जिस पर फोन लगाकर कोई भी व्यक्ति मरीज के लिए एम्बुलेंस बुलवाता है। सीएम मोहन ने प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह को इसके निर्देश भी दिए, जिस पर शासन स्तर पर इस नए प्रयोग को अमल में लाने की तैयारी भी शुरू हो गई। अभी शुरुआत में एक हेलीकॉप्टर और प्लेन के साथ इसे शुरू किया जाएगा। अभी नियम, शर्तें, दरें और अन्य महत्वपूर्ण बातें तय की जा रही है। उसके बाद इसके टेंडर जारी होंगे और शर्तों को पूरा करने वाली निजी कम्पनी को ही इसका ठेका दिया जाएगा।
अभी प्रदेश के कई स्थानों पर हेलीपेड हैं, जहां मुख्यमंत्री या अतिविशिष्टों के हेलीकॉप्टर उतरते हैं। लिहाजा एयर एंबुलेंस सुविधा में एक हेलीकॉप्टर भी शामिल किया जा रहा है, जो आपात परिस्थितियों में कहीं भी बने हेलीपेड पर उतर सकता है। जहां हवाई अड्डे या एयरस्ट्रीप की सुविधा नहीं है। वहीं इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहर, जहां पर एयरपोर्ट की सुविधा भी है, वहां पर हेलीकॉप्टर के अलावा एरोप्लेन एंबुलेंस सुविधा भी रहेगी। मध्यप्रदेश शासन के विमानन विभाग ने इस एयर एम्बुलेंस सुविधा को जल्द शुरू करने की तैयारी भी कर ली है और इस संबंध में अधिकारियों की एक बैठक भी कल हुई। वहीं प्रदेश की हवाई पट्टियों को भी नए सिरे से दुरुस्त किया जा रहा है। इसके लिए भी टेंडर बुलवाए जा रहे हैं। अभी निजी अस्पतालों द्वारा ही एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती रही है।
अभी आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज को मुंबई या किसी बड़े शहर में शिफ्ट करने में कम से कम 5 लाख रुपए खर्च आता है और इसकी व्यवस्था करने में समय भी लगता है। यही कारण है कि अब प्रदेश की मोहन यादव सरकार एयर एम्बुलेंस की सुविधा देने जा रही है। इससे जहां समय की बचत होगी ज्यादा राशि वसूली पर भी रोक लगेगी। शासन द्वारा जल्द ही इसके टेंडर बुलवाए जा रहे हैं, जिसमें दरों के साथ-साथ आवश्यक शर्तें और परिस्थितियों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंशा है कि हर मरीज को इस तरह की सुविधा मिलना चाहिए। इससे प्रदेश के भीतर के मरीजों को भी जहां समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा, वहीं ऐसा पहला राज्य भी होगा।
सरकार मुख्यमंत्री हेली पर्यटन सेवा योजना के जरिए प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए पर्यटकों को हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसी के तहत केदारनाथ धाम की तर्ज पर इंदौर से बाबा महाकाल एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, जबलपुर से चित्रकूट, ग्वालियर से ओरछा तथा पीतांबरा पीठ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करेगी। इसी के साथ सरकार मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है। दोनों योजनाओं के लिए अंतरिम बजट में राशि का प्रावधान किया जा रहा है।
उत्तराखंड को महत्व देने की एक वजह ये भी
मोहन यादव ने मध्यप्रदेश में एयर एंबुलेंस सुविधा देने की बात ही की थी कि तभी केंद्रीय विमानन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उत्तराखंड से इस सुविधा को लाने का ऐलान कर दिया। और इस तरह से ये सुविधा देने वाला उत्तराखंड को देश का पहला राज्य बनाया गया है। सूत्रों के अनुसार उत्तराखंड को देश में सबसे पहले यह सुविधा इसलिए भी दी गई है कि यहां प्राकृतिक आपदाएं बहुत आती हैं इस कारण आपातकालीन सेवाओं की भी बहुत अधिक आवश्यकता होती है इसीलिए विमानन मंत्री ने उत्तराखंड को प्राथमिकता देकर एयर एंबुलेंस सेवा में देश का पहला राज्य बनाया।
PM- कांग्रेस स्टार्टअप नहीं संभाल पा रही, देश संभालने का सपना देख रहे
राघौगढ़ राजपरिवार में पड़ी दरार, छोटा भाई बड़े भाई पर कर रहा वार
राज्यसभा के नामांकन में बीजेपी ने दिखाया दम, कांग्रेस रही बिखरी-बिखरी
अकासा एयर की फ्लाइट में BJP सांसद प्रज्ञा ठाकुर के खिलाफ साजिश!
एक हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात होगा
ज्योतिरादित्य सिंधिया की घोषणा के बाद देश की पहली हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) उत्तराखंड से प्रारंभ की जा रही है। एक हेलीकॉप्टर एम्स ऋषिकेश में तैनात किया जाएगा। इसके साथ ही सोशल मीडिया में जानकारी शेयर करते हुए केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने बताया कि अगर 150 किलोमीटर की क्षेत्र में अगर कोई दुर्घटना होती है तो उस व्यक्ति को तुरंत हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया जाएगा। हेलीकॉप्टर का अभी असेम्ब्लिंग कर सर्टिफिकेशन किया जा रहा है।
मप्र सरकार भी उड़वाएगी एयर एंबुलेंस
मध्यप्रदेश में भी एयर एंबुलेंस की सुविधा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा दिलवाई जा रही है। जिस तरह अभी निजी अस्पतालों एयर एंबुलेंस रहती है, वहीं 108 के जरिए भी सरकार ने सुविधा दे रखी है, जिस पर फोन लगाकर कोई भी व्यक्ति मरीज के लिए एम्बुलेंस बुलवाता है। सीएम मोहन ने प्रमुख सचिव राघवेन्द्र सिंह को इसके निर्देश भी दिए, जिस पर शासन स्तर पर इस नए प्रयोग को अमल में लाने की तैयारी भी शुरू हो गई। अभी शुरुआत में एक हेलीकॉप्टर और प्लेन के साथ इसे शुरू किया जाएगा। अभी नियम, शर्तें, दरें और अन्य महत्वपूर्ण बातें तय की जा रही है। उसके बाद इसके टेंडर जारी होंगे और शर्तों को पूरा करने वाली निजी कम्पनी को ही इसका ठेका दिया जाएगा।
अभी इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहर को मिलेगी सुविधा
अभी प्रदेश के कई स्थानों पर हेलीपेड हैं, जहां मुख्यमंत्री या अतिविशिष्टों के हेलीकॉप्टर उतरते हैं। लिहाजा एयर एंबुलेंस सुविधा में एक हेलीकॉप्टर भी शामिल किया जा रहा है, जो आपात परिस्थितियों में कहीं भी बने हेलीपेड पर उतर सकता है। जहां हवाई अड्डे या एयरस्ट्रीप की सुविधा नहीं है। वहीं इंदौर-भोपाल जैसे बड़े शहर, जहां पर एयरपोर्ट की सुविधा भी है, वहां पर हेलीकॉप्टर के अलावा एरोप्लेन एंबुलेंस सुविधा भी रहेगी। मध्यप्रदेश शासन के विमानन विभाग ने इस एयर एम्बुलेंस सुविधा को जल्द शुरू करने की तैयारी भी कर ली है और इस संबंध में अधिकारियों की एक बैठक भी कल हुई। वहीं प्रदेश की हवाई पट्टियों को भी नए सिरे से दुरुस्त किया जा रहा है। इसके लिए भी टेंडर बुलवाए जा रहे हैं। अभी निजी अस्पतालों द्वारा ही एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई जाती रही है।
इंदौर से मुंबई का न्यूनतम 5 लाख का खर्च
अभी आपातकालीन परिस्थितियों में मरीज को मुंबई या किसी बड़े शहर में शिफ्ट करने में कम से कम 5 लाख रुपए खर्च आता है और इसकी व्यवस्था करने में समय भी लगता है। यही कारण है कि अब प्रदेश की मोहन यादव सरकार एयर एम्बुलेंस की सुविधा देने जा रही है। इससे जहां समय की बचत होगी ज्यादा राशि वसूली पर भी रोक लगेगी। शासन द्वारा जल्द ही इसके टेंडर बुलवाए जा रहे हैं, जिसमें दरों के साथ-साथ आवश्यक शर्तें और परिस्थितियों को भी शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री की मंशा है कि हर मरीज को इस तरह की सुविधा मिलना चाहिए। इससे प्रदेश के भीतर के मरीजों को भी जहां समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा, वहीं ऐसा पहला राज्य भी होगा।
मुख्यमंत्री का बजट में एयर एंबुलेंस के लिए प्रावधान
सरकार मुख्यमंत्री हेली पर्यटन सेवा योजना के जरिए प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों के लिए पर्यटकों को हवाई यात्रा की सुविधा उपलब्ध कराएगी। इसी के तहत केदारनाथ धाम की तर्ज पर इंदौर से बाबा महाकाल एवं ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग, जबलपुर से चित्रकूट, ग्वालियर से ओरछा तथा पीतांबरा पीठ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा शुरू करेगी। इसी के साथ सरकार मुख्यमंत्री एयर एंबुलेंस सेवा शुरू करने जा रही है। दोनों योजनाओं के लिए अंतरिम बजट में राशि का प्रावधान किया जा रहा है।
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