Dhar Bhojshala survey : भीतरी भाग में तलघर, सीढ़ी जैसी संरचनाएं मिलीं
Jitendra Shrivastava | May 11, 2024, 23:33 IST
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मध्यप्रदेश के धार में भोजशाला के एएसआई सर्वे में कई सीढ़ीनुमा संरचनाएं मिली हैं। इससे भोजशाला के अंदर तलघर होने की संभावना बढ़ गई हैं। बाहरी परिसर में उत्तर दिशा में खोदाई के दौरान एक सिक्का मिला हैं...
Dhar Bhojshala survey : धार भोजशाला में 51वें दिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की टीम ने भीतरी और बाहरी परिसर का सर्वे किया। अंदर के परिसर में दक्षिण भाग में ट्रेंच में खुदाई जारी रही। इस ट्रेंच में कई सीढ़ीनुमा संरचनाएं मिली हैं जिससे भीतरी भाग में तलघर होने की संभावना को बल मिला है। बाहरी परिसर में उत्तर दिशा में खोदाई के दौरान एक सिक्का मिला हैं।
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और भोजशाला प्रकरण की याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री ने भोजशाला के पुरातात्विक महत्व का होने का दावा किया है। सहायक याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने सर्वे के बाद बताया कि गर्भगृह के सामने भीतरी परिसर के दक्षिण दिशा में बनी ट्रेंच के अंदर गहराई तक कई छोटी-बड़ी सीढ़ियां दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इसके बारे में एएसआई टीम की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शनिवार,11 मई को याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री ने भोजशाला के भीतर जाकर सर्वे कार्य देखा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से खुदाई में लगातार अवशेष, मूर्तियां और भग्नावशेष मिल रहे हैं, इसमें दो राय नहीं कि यह स्थान महाराजा भोज की बनाई हुई भोजशाला है। यह एक हिंदू मंदिर था और रहेगा।
याचिकाकर्ता अग्निहोत्री ने कहा कि एएसआई को अतिरिक्त समय मिला है। मेरे अनुभव के आधार पर ऐसा लगता है कि इस अतिरिक्त समय में भी सर्वे कार्य पूरा हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में एएसआई को एक बार फिर से अतिरिक्त समय लेना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सर्वे भिन्न है क्योंकि यहां अयोध्या में हुए सर्वे जैसी गंभीरता नहीं है। जब अयोध्या में एएसआइ की टीम ने सर्वे किया था तो वहां जब भी कोई वस्तु निकलती थी तो टीम उसे पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करती थी। यह टीम कुछ सुनती ही नहीं है। इनके सामने कुछ भी कहो तो यह कुछ नहीं सुनते।
कई छोटी-बड़ी सीढ़ियां दिखाई दे रही हैं
हिंदू फ्रंट फार जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष और भोजशाला प्रकरण की याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री ने भोजशाला के पुरातात्विक महत्व का होने का दावा किया है। सहायक याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने सर्वे के बाद बताया कि गर्भगृह के सामने भीतरी परिसर के दक्षिण दिशा में बनी ट्रेंच के अंदर गहराई तक कई छोटी-बड़ी सीढ़ियां दिखाई दे रही हैं। हालांकि, इसके बारे में एएसआई टीम की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। शनिवार,11 मई को याचिकाकर्ता रंजना अग्निहोत्री ने भोजशाला के भीतर जाकर सर्वे कार्य देखा। उन्होंने बताया कि जिस तरह से खुदाई में लगातार अवशेष, मूर्तियां और भग्नावशेष मिल रहे हैं, इसमें दो राय नहीं कि यह स्थान महाराजा भोज की बनाई हुई भोजशाला है। यह एक हिंदू मंदिर था और रहेगा।
याचिकाकर्ता अग्निहोत्री ने लगाया आरोप
याचिकाकर्ता अग्निहोत्री ने कहा कि एएसआई को अतिरिक्त समय मिला है। मेरे अनुभव के आधार पर ऐसा लगता है कि इस अतिरिक्त समय में भी सर्वे कार्य पूरा हो पाना संभव नहीं है। ऐसे में एएसआई को एक बार फिर से अतिरिक्त समय लेना पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि यह सर्वे भिन्न है क्योंकि यहां अयोध्या में हुए सर्वे जैसी गंभीरता नहीं है। जब अयोध्या में एएसआइ की टीम ने सर्वे किया था तो वहां जब भी कोई वस्तु निकलती थी तो टीम उसे पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत करती थी। यह टीम कुछ सुनती ही नहीं है। इनके सामने कुछ भी कहो तो यह कुछ नहीं सुनते।
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