भोजशाला की सुरक्षा में बड़ी चूक! गर्भगृह में चुपके से रखी वाग्देवी की प्रतिमा
Aman Vaishnav | Jun 07, 2026, 10:27 IST
dhar bhojshala vagdev pratima
मध्य प्रदेश के धार जिले में स्थित भोजशाला परिसर की सुरक्षा में बड़ी चूक हुई। भारी सुरक्षा के बीच गर्भगृह में किसी ने मां वाग्देवी की अष्टधातु प्रतिमा रख दी। इसे एएसआई ने बाद में हटा दिया।
समझें क्या है पूरा मामला...
- भोजशाला परिसर के गर्भगृह में चुपके से मां वाग्देवी की अष्टधातु प्रतिमा रख दी गई।
- सुरक्षा व्यवस्था तैनात होने के बाद भी किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी।
- प्रतिमा के पास पूजा सामग्री भी मिली,-वहां बाकायदा पूजा-अर्चना भी की गई थी।
- अधिकारियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर प्रतिमा को वहां से हटवाया।
- हाल ही में हाईकोर्ट ने भोजशाला को सरस्वती मंदिर माना है।
सुरक्षा के बावजूद किसी अज्ञात व्यक्ति ने भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा स्थापित कर दी। चौंकाने वाली बात यह रही कि इतनी सुरक्षा होने के बाद भी किसी को इस बात का पता तक नहीं चला।
शाम को जब यह बात भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के ध्यान में आई, तो विभाग के बड़े अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रतिमा को वहां से हटवा दिया गया।
हाल ही में हाई कोर्ट ने भोजशाला को सरस्वती मंदिर घोषित किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यहां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनाने का बड़ा ऐलान किया है। इस माहौल में अचानक मूर्ति का रखा जाना और फिर हटाया जाना एक नई बहस को जन्म दे गया है।
दोपहर में कम भीड़ का उठाया फायदा
इतना ही नहीं प्रतिमा के आगे फूल, चावल और बाकी पूजन सामग्री भी चढ़ाई गई थी। इससे यह पूरी तरह साफ है कि मूर्ति रखने के बाद वहां बकायदा अच्छे से पूजा-पाठ भी किया गया।
शाम को लगभग साढ़े छह बजे एएसआई के अधिकारियों को इस बात का पता चला था। हालांकि अब तक यह पहेली बनी हुई है कि इतनी भारी मूर्ति अंदर कौन लाया? सुरक्षाकर्मियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
कैसे पार हुआ सुरक्षा घेरा?
ऐसे में यह सवाल उठना लाजमी है कि इतनी भारी मूर्ति सुरक्षा घेरे को भेदकर अंदर तक कैसे पहुंच गई?
मुख्य बातें और घटनाक्रम
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| स्थान | भोजशाला परिसर, धार जिला, मध्य प्रदेश |
| घटना का समय | शनिवार दोपहर (शाम 6:30 बजे एएसआई ने हटाया) |
| क्या हुआ? | गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु प्रतिमा चोरी-छिपे रखी गई |
| सुरक्षा स्थिति | पुलिस और एएसआई गार्ड्स की मौजूदगी के बावजूद चूक हुई |
| हालिया संदर्भ | हाई कोर्ट द्वारा सरस्वती मंदिर घोषित करना और 'सरस्वती लोक' की घोषणा |
भोज उत्सव समिति ने मामले से पल्ला झाड़ा
वहीं समिति के संयोजक गोपाल शर्मा का बयान सामने आया है। उन्होंने बताया कि समिति पहले से स्थापित की गई मां वाग्देवी की प्रतीकात्मक मूर्ति की ही नियमित पूजा कर रही है।
गोपाल शर्मा ने बताया कि बीते 17 मई को समिति ने मैहर की अखंड ज्योत यहां स्थापित की थी। शनिवार को जो अष्टधातु की नई प्रतिमा देखी गई है उससे समिति का कोई वास्ता नहीं है।
कोर्ट के फैसले के बाद बढ़ा तनाव
इसके ठीक बाद 25 मई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यहां सरस्वती लोक और राजा भोज शोध संस्थान बनाने की बड़ी घोषणा की।
इसके साथ ही, मां वाग्देवी की असली प्रतिमा को लंदन के म्यूजियम (London Museum) से भारत वापस लाने की मांग भी बहुत समय से चल रही है। ऐसे माहौल में अचानक इस प्रतिमा का मिलना कई तरह के संशयों को पैदा करता है।
निरीक्षण के तुरंत बाद हुई घटना
शिवाकांत बाजपेई ने पूरे परिसर का निरीक्षण किया था। साथ ही सुरक्षा के इंतजामों को देखा था। उन्होंने हाई कोर्ट के आदेशों के पालन को लेकर की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की थी।
वहीं उनके जाने के कुछ ही घंटों बाद यह मूर्ति मिलने की घटना हो गई। इससे मामला और ज्यादा रहस्यमयी हो गया है।
ये खबरें भी पढ़िए...
हाईकोर्ट के फैसले के बाद पहली बार भोजशाला पहुंचे सीएम मोहन यादव
721 साल बाद पहली बार धार भोजशाला में महाआरती, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
भोजशाला में आज नहीं होगी नमाज, फैसले के बाद पहला शुक्रवार, चप्पे-चप्पे पर पुलिसकर्मी तैनात
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj