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बागेश्वर धाम में आज (13 फरवरी) 301 कन्याओं के सामूहिक विवाह महोत्सव का कार्यक्रम चल रहा है। इस महोत्सव में देश-विदेश के लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं। खास बात ये है कि इसमें अमेरिका जैसे देशों से भी भक्त आए हैं।
इसी बीच, पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री का एक बड़ा बयान सामने आया है। हाल ही में खजुराहो में एक कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने स्थानीय होटल कारोबारियों पर बड़ा बयान दिया।
बाबा ने कहा कि बागेश्वर धाम में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं से होटलों का धंधा चमक रहा है, लेकिन जब धाम से जुड़े लोग वहां जाते हैं, तो उन्हें भारी भरकम बिल थमा दिया जाता है। उन्होंने कारोबारियों से अपील की कि वे सिर्फ मुनाफा न कमाएं बल्कि, समाज के लिए भी सोचें। आइए जानें उन्होंने क्या-क्या कहा...
होटल कारोबारियों से नाराजगी की असली वजह
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि जब धाम से जुड़े लोग इन होटलों में जाते हैं, तो उन्हें कोई रियायत नहीं मिलती। होटल मालिक उनसे पूरा बिल वसूलते हैं। वे किसी तरह का सहयोग नहीं करते।
धीरेंद्र शास्त्री ने साफ किया कि उन्हें मुफ्त में कोई सुविधा नहीं चाहिए। लेकिन जो लोग भक्तों की वजह से कमा रहे हैं, उन्हें समाज सेवा करनी चाहिए। उन्होंने इसे कारोबारियों की सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की है।
सामूहिक कन्या विवाह में सहयोग की मांग
पंडित धीरेंद्र शास्त्री जल्द ही बागेश्वर धाम में 301 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह (सामूहिक कन्या विवाह समारोह) कराने वाले हैं। इसी विषय पर उन्होंने कहा कि होटल मालिकों को सामाजिक जिम्मेदारी समझनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि हर होटल कम से कम एक कन्या के विवाह का खर्च उठा ले।
बाबा के मुताबिक, इससे जरूरतमंद परिवारों को बहुत बड़ा सहारा मिल सकता है। उन्होंने साफ किया कि वे मुफ्त सुविधा नहीं मांग रहे हैं। वे केवल सामाजिक सहभागिता चाहते हैं।
सनातन की रक्षा के लिए माला-भाला का मंत्र
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने केवल सामाजिक मुद्दों पर ही नहीं बल्कि धर्म रक्षा पर भी बात की। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए माला और भाला साथ रखने का नया मंत्र दिया।
उनका कहना है कि केवल भक्ति पर्याप्त नहीं है। रक्षा के लिए शक्ति भी जरूरी है। माला आध्यात्मिक ज्ञान का प्रतीक है। भाला अन्याय के खिलाफ खड़े होने का शस्त्र है। उन्होंने युवाओं से सनातन के सिपाही बनने और धर्म की रक्षा करने की अपील की।
युवाओं को दिया शक्ति का संदेश
पंडित धीरेंद्र शास्त्री (Pandit Dhirendra Shastri) ने युवाओं से अपील की कि वे अपने धर्म और संस्कृति के प्रति जागरूक रहें। उनका मानना है कि जब हाथ में ज्ञान और शस्त्र दोनों होंगे, तभी देश सुरक्षित रहेगा। उन्होंने साफ किया कि शांति की बात तभी शोभा देती है जब आप शक्तिशाली हों।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि जब किसी धार्मिक स्थल की वजह से क्षेत्र का विकास होता है, तो वहां के व्यापारियों को भी योगदान देना चाहिए। बागेश्वर धाम के इस मंच से सामाजिक और धार्मिक एकता का बड़ा आह्वान किया गया। अब देखना ये है कि स्थानीय व्यापारी इस अपील पर कितनी पॉजिटिव फीडबैक देते हैं। पंडित धीरेंद्र शास्त्री का खुलासा
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