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Photograph: (the sootr)
News in Short
- धीरेंद्र शास्त्री का आगमन: पंडित धीरेंद्र शास्त्री अचानक सीहोर के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम पहुंचे।
- कर्ज उतारने की बात: बोले- प्रदीप मिश्रा जी बागेश्वर धाम आए थे, अब मैं कर्ज चुकाने आया हूं।
- दो दिग्गजों का मिलन: दोनों संतों को एक साथ देख श्रद्धालुओं में भारी उत्साह छा गया।
- महादेव पर अटूट भरोसा: प्रदीप मिश्रा ने कहा, शिव से रिश्ता जन्मों का और सबसे सच्चा है।
- सोशल मीडिया पर चर्चा: दोनों महाराज की इस मुलाकात का वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल है।
News in DETAIL
SEHORE. जिले में स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में सात दिवसीय शिव महापुराण कथा का आयोजन हो रहा है। सीहोर की पावन धरती पर आज एक ऐसा नजारा दिखा जिसने सबको हैरान कर दिया। मध्य प्रदेश के कुबेरेश्वर धाम में भक्तों का भारी सैलाब कथा सुन रहा था।
अचानक वहां बागेश्वर धाम के सरकार पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पहुंच गए। उन्हें देखते ही वहां मौजूद लाखों लोगों के चेहरों पर मुस्कान आ गई। धीरेंद्र शास्त्री ने मंच पर जाते ही सबसे पहले व्यासपीठ को नमन किया। उन्होंने पंडित प्रदीप मिश्रा से बहुत ही गर्मजोशी के साथ मुलाकात भी की।
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दोस्ती का कर्ज और भक्ति का संगम
धीरेंद्र शास्त्री ने माइक संभालते ही अपने चिरपरिचित अंदाज में जनता से बात की। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि वह आज अपना पुराना कर्ज उतारने आए हैं। दरअसल कुछ समय पहले पंडित प्रदीप मिश्रा खुद चलकर बागेश्वर धाम गए थे। बाबा ने कहा कि वह किसी का भी अहसान अपने ऊपर नहीं रखते। इसलिए आज वह खुद सीहोर आकर उस प्रेम का कर्ज चुका रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि पर आकर उन्हें बहुत खुशी हुई। दोनों संतों का यह मिलन अब सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है।
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महादेव पर अटूट विश्वास ही असली ताकत है
इस मौके पर पंडित प्रदीप मिश्रा ने भी भक्तों को बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि महादेव पर विश्वास ही हर बड़ी समस्या का असली समाधान है। मिश्रा जी ने समझाया कि दुनिया के सारे रिश्ते मौत के साथ खत्म होंगे। लेकिन शिव के साथ हमारा रिश्ता तो कई जन्मों का बना रहता है। उन्होंने शिव-सती प्रसंग का जिक्र कर भक्तों को भक्ति का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि महादेव ने सती के 88 लाख जन्म खुद देखे हैं। यह रिश्ता ही इस दुनिया का सबसे सच्चा और अमर रिश्ता कहलाता है।
संघर्ष के बाद सुख का आना बिल्कुल तय है
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने शिवरात्रि और नवरात्रि का रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि रात के बाद जैसे सवेरा होना पूरी तरह तय है। वैसे ही जीवन के कठिन संघर्ष के बाद सुख जरूर आता है। उन्होंने 'बटरफ्लाई इफेक्ट' की बात कर लोगों को बड़ी प्रेरणा भी दी। उन्होंने कहा कि जब तितली के पंख फड़फड़ाने से असर हो सकता है। तो फिर श्रद्धा से चढ़ाई बेलपत्री का फल क्यों नहीं मिलेगा? महादेव आपकी हर छोटी से छोटी प्रार्थना को जरूर सुन लेते हैं।
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सनातन एकता की गूंज
वहां मौजूद लोगों का कहना है कि यह केवल मुलाकात नहीं थी। यह दो बड़े आध्यात्मिक दिग्गजों का एक साथ आना एक संकेत भी है। धीरेंद्र शास्त्री और प्रदीप मिश्रा दोनों ही सनातन धर्म की बात करते हैं। मंच पर दोनों को साथ देखकर भक्तों ने खूब जयकारे भी लगाए। पूरे कुबेरेश्वर धाम में 'हर हर महादेव' और जय श्रीराम के नारों की गूंज सुनाई दी। इस मिलन ने विरोधियों को भी एक बड़ा और कड़ा संदेश दिया है।
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