950 किमी की सनातन स्वाभिमान पदयात्रा: दिग्विजय सिंह के लिए MP से UP तक क्या दांव पर?

Sumit Kumar | Oct 07, 2026, 17:28 IST
Share
उज्जैन से अयोध्या तक 950 किलोमीटर की सनातन स्वाभिमान पदयात्रा पर निकल रहे दिग्विजय सिंह।
उज्जैन से अयोध्या तक 950 किलोमीटर की सनातन स्वाभिमान पदयात्रा पर निकल रहे दिग्विजय सिंह।

Digvijay Singh Sanatan Swabhiman Padyatra: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह फिर लंबी पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। इस बार उनकी मंजिल अयोध्या होगी। यात्रा उज्जैन से शुरू होने की बात कही गई है। इसकी दूरी करीब 950 किलोमीटर बताई गई है। इस यात्रा का नाम सनातन स्वाभिमान पदयात्रा रखा गया है।

इसे गैर-राजनीतिक यात्रा भी बताया जा रहा है। फिर भी इसकी टाइमिंग और मुद्दे चर्चा में हैं।

दिग्विजय सिंह पहले भी लंबी धार्मिक यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने 2017-18 में नर्मदा परिक्रमा की थी। उस यात्रा ने भी खूब राजनीतिक चर्चा बटोरी थी। इसके बाद 2018 में मध्य प्रदेश में कांग्रेस सत्ता में आई। हालांकि उस जीत के कई दूसरे कारण भी थे। अब सवाल फिर वही है। क्या नई यात्रा कांग्रेस के लिए जमीन तैयार करेगी? इसका असर मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश तक दिखेगा?

कब से शुरू होगी यात्रा?

दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से यात्रा (Digvijay Singh Sanatan Swabhiman Padyatra) शुरू करेंगे। यात्रा उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी। यह सफर करीब 950 किलोमीटर लंबा होगा। यात्रा को विजयादशमी से जोड़कर देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक वे रोज करीब 15 किलोमीटर चलेंगे। इस हिसाब से सफर लंबा चल सकता है। इसमें दो महीने से ज्यादा समय लग सकता है। हालांकि अंतिम अवधि तय कार्यक्रम पर निर्भर करेगी।

यात्रा मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरेगी। इनमें उज्जैन और आगर-मालवा शामिल बताए गए हैं। शाजापुर और राजगढ़ भी यात्रा मार्ग में हैं। इसके बाद यात्रा गुना क्षेत्र से आगे बढ़ सकती है। टीकमगढ़ और ओरछा भी संभावित मार्ग में हैं। इसके बाद यात्रा उत्तर प्रदेश में प्रवेश करेगी।

दिग्विजय सिंह की अयोध्या पदयात्रा: 80 की उम्र में 1000 किमी, राम मंदिर चंदे पर उठाए सवाल | Digvijaya Singh's Ayodhya Padayatra: 1000 km at 80, raises questions on Ram Mandir donations
अयोध्या पदयात्रा से पहले दिग्विजय सिंह बोले-मैं 50 का महसूस करता हूं तो किसी को आपत्ति क्यों?
04 Oct 2026 ,
By Sandeep Kumar
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन महाकाल मंदिर से अयोध्या के लिए पदयात्रा शुरू करेंगे। इसके पहले उन्होंने अंग्रेजी कहावत का हवाला देकर अपनी बात समझाई हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद को 50 साल का मानते हैं। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा, दान और निर्माण खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन महाकाल मंदिर से अयोध्या के लिए पदयात्रा शुरू करेंगे। इसके पहले उन्होंने अंग्रेजी कहावत का हवाला देकर अपनी बात समझाई हैं। उन्होंने कहा कि वे खुद को 50 साल का मानते हैं। इस पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा, दान और निर्माण खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं।

उम्र बड़ी चुनौती

दिग्विजय सिंह की उम्र अब 79 साल है। यही इस यात्रा की बड़ी चुनौती भी होगी। बताया गया है कि वे पहले से अभ्यास कर रहे हैं। वे रोज कई किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। उनकी पिछली नर्मदा परिक्रमा काफी लंबी थी। तब उन्होंने करीब 3,300 किलोमीटर की यात्रा की थी। उस समय उनकी उम्र करीब 70 साल थी। नई यात्रा उससे लगभग 70 फीसदी छोटी होगी।

फिर भी 950 किलोमीटर आसान सफर नहीं है। लगातार पैदल चलना बड़ी शारीरिक चुनौती होगी। यही कारण है कि उम्र पर भी नजर रहेगी।

सनातन नाम क्यों अहम

इस यात्रा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। नाम रखा गया है सनातन स्वाभिमान पदयात्रा। शुरुआत महाकाल की नगरी उज्जैन से होगी। यात्रा की मंजिल अयोध्या बताई गई है। इन दोनों शहरों का बड़ा धार्मिक महत्व है। इसलिए यात्रा का राजनीतिक अर्थ भी निकाला जाएगा। कांग्रेस लंबे समय से धार्मिक मुद्दों पर घिरी रही है। बीजेपी भी इन मुद्दों को लेकर हमला करती रही है।

ऐसे में दिग्विजय सिंह की यह यात्रा महत्वपूर्ण है। इससे कांग्रेस की धार्मिक छवि पर बहस होगी। पार्टी को नया राजनीतिक नैरेटिव भी मिल सकता है।

पदयात्रा का रूट
पदयात्रा का रूट

राम मंदिर पर भी सवाल

यात्रा के साथ राम मंदिर का मुद्दा भी जुड़ा है। दिग्विजय सिंह चंदे और भेंट पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने कथित अनियमितताओं को लेकर पारदर्शिता मांगी है। दिग्विजय सिंह ने राम जन्मभूमि की ट्रस्ट व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर से जुड़ी कथित चोरी की जांच और जिम्मेदार पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की है।

उज्जैन शाही मस्जिद विवाद: कांग्रेस की बढ़ी टेंशन, AIMIM ने खोला मोर्चा, विधायक मसूद के साथ कोई नहीं | Ujjain Shahi Masjid Dispute: Congress's Tension Increases, AIMIM Opens Front, No One With MLA Masood
उज्जैन शाही मस्जिद विवाद ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन, AIMIM खुलकर उतरी, विधायक आरिफ मसूद के साथ कोई नहीं
04 Oct 2026 ,
By Sanjay Gupta
उज्जैन की शाही मस्जिद में रिमूवल को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद एक मीनार दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई। इस मामले के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद शनिवार शाम उज्जैन पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस का कोई स्थानीय नेता उनके साथ नहीं था। पार्टी के जिलाध्यक्ष और दूसरे नेता भी नजर नहीं आए।
उज्जैन की शाही मस्जिद में रिमूवल को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद एक मीनार दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो गई। इस मामले के बाद कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद शनिवार शाम उज्जैन पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस का कोई स्थानीय नेता उनके साथ नहीं था। पार्टी के जिलाध्यक्ष और दूसरे नेता भी नजर नहीं आए।

निष्पक्ष चुनाव की भी मांग

दिग्विजय सिंह ने निष्पक्ष चुनाव और नागरिक अधिकारों से जुड़ी मांगें भी उठाई हैं। उन्होंने मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम बने रहने की बात कही है। साथ ही ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि बैलेट पेपर की गिनती पूरी पारदर्शिता से हो। इसके अलावा तत्कालीन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (CEC Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग भी की गई है।

इन मांगों से साफ है कि यात्रा में धार्मिक मुद्दों के साथ चुनाव व्यवस्था और पारदर्शिता के सवाल भी शामिल रहेंगे। ऐसे में यह पदयात्रा सिर्फ सनातन और राम मंदिर तक सीमित नहीं रहेगी।

MP में क्या दांव पर

मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह पुराना राजनीतिक चेहरा हैं। राज्य में उनका अपना राजनीतिक नेटवर्क भी है। कांग्रेस संगठन में भी उनका प्रभाव माना जाता है। लंबी यात्रा उन्हें कार्यकर्ताओं तक पहुंचने का मौका देगी। रास्ते में स्थानीय नेताओं से लगातार मुलाकात होगी। जिला स्तर के कार्यकर्ता भी यात्रा से जुड़ेंगे।

इससे कमजोर संगठन वाले इलाकों में गतिविधि बढ़ सकती है। पुराने कार्यकर्ता फिर पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय हो सकते हैं। स्थानीय मुद्दे भी नेतृत्व तक पहुंच सकते हैं।

यही फायदा 2017 की यात्रा में भी दिखा था। नर्मदा परिक्रमा (Narmada Parikrama) के दौरान नेताओं का संपर्क बढ़ा था। हालांकि 2018 की जीत को केवल इससे जोड़ना गलत होगा।

UP में कांग्रेस की चुनौती

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस (UP Congress) की स्थिति अलग है। वहां क्षेत्रीय राजनीति काफी मजबूत रही है। बीजेपी का संगठन भी व्यापक और मजबूत है। ऐसे में अयोध्या तक यात्रा पहुंचना प्रतीकात्मक रूप से अहम होगा। वहां पहुंचने पर मीडिया कवरेज बढ़ सकता है। राम मंदिर का मुद्दा फिर चर्चा में आएगा।

कांग्रेस के सामने बड़ा सवाल विश्वसनीयता का होगा। क्या धार्मिक मुद्दों पर उसका संदेश स्वीकार होगा? क्या कार्यकर्ता यात्रा के साथ जमीन पर जुड़ेंगे? इसका जवाब यात्रा के दौरान ही मिलेगा।

सिर्फ अयोध्या पहुंचना चुनावी सफलता की गारंटी नहीं है। उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण भी बहुत अहम हैं। स्थानीय नेतृत्व और संगठन भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह में क्यों हुई तीखी बहस? जानें नीतीश कुमार पर कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक का सच | Why did Sonia Gandhi and Digvijaya Singh have a heated debate? Know the truth of the Congress Working Committee meeting on Nitish Kumar
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में दिग्विजय सिंह पर क्यों भड़कीं सोनिया गांधी? जानें वजह...
30 Sept 2026 ,
By Amresh Kushwaha
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह के बीच नीतीश कुमार को लेकर तीखी बहस हुई। मुद्दा नीतीश कुमार के 2024 में इंडिया गठबंधन छोड़ने का था। दिग्विजय ने कहा कि गठबंधन को नीतीश को जाने नहीं देना चाहिए था। जानें ऐसे में सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह से क्या कहा...
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी और दिग्विजय सिंह के बीच नीतीश कुमार को लेकर तीखी बहस हुई। मुद्दा नीतीश कुमार के 2024 में इंडिया गठबंधन छोड़ने का था। दिग्विजय ने कहा कि गठबंधन को नीतीश को जाने नहीं देना चाहिए था। जानें ऐसे में सोनिया गांधी ने दिग्विजय सिंह से क्या कहा...

यूपी चुनाव से पहले गरमा सकता है राम मंदिर का मुद्दा

दिग्विजय सिंह की यह पदयात्रा ऐसे समय हो रही है जब अगले साल उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। यात्रा का अंतिम पड़ाव अयोध्या है और दिग्विजय सिंह राम मंदिर से जुड़ी कथित चोरी और चंदे की पारदर्शिता का मुद्दा भी उठा रहे हैं। ऐसे में पदयात्रा के दौरान यह मामला एक बार फिर राजनीतिक बहस में आ सकता है। कांग्रेस इन सवालों को जोर से उठा सकती है, जबकि बीजेपी अपनी ओर से जवाब दे सकती है। इसका चुनावी असर कितना होगा, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी, लेकिन अयोध्या और राम मंदिर से जुड़े मुद्दे यूपी की सियासत में फिर चर्चा के केंद्र में आ सकते हैं।

गैर-राजनीतिक का दावा

हालांकि दिग्विजय सिंह इस यात्रा को गैर-राजनीतिक बताया है। उनके मुताबिक इसका मकसद पारदर्शिता की मांग है। धर्म से जुड़े मामलों में जवाबदेही की बात है। यहीं सबसे बड़ा राजनीतिक विरोधाभास भी दिखता है। यात्रा का नाम सनातन स्वाभिमान है। शुरुआत उज्जैन से है। मंजिल अयोध्या है। साथ में राम मंदिर से जुड़े सवाल हैं।

इन वजहों से राजनीतिक चर्चा होना स्वाभाविक है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) इसे सियासी यात्रा बता सकती है। वहीं, कांग्रेस इसे धार्मिक और सामाजिक अभियान बताएगी। अंतिम असर लोगों की प्रतिक्रिया पर निर्भर करेगा।

क्या 2017 जैसा असर होगा?

दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा 2017-18 में हुई थी। वह करीब 3,300 किलोमीटर लंबी यात्रा थी। उस दौरान वे मध्य प्रदेश में लगातार सक्रिय रहे। एक साल बाद राज्य में कांग्रेस सरकार बनी थी। कमलनाथ मुख्यमंत्री बने थे। इसके बावजूद जीत के पीछे कई कारण थे। किसान आंदोलन और स्थानीय असंतोष भी अहम थे। उम्मीदवार चयन और सत्ता विरोधी माहौल भी कारक थे।

इसलिए नई यात्रा की तुलना करना आसान है। वही राजनीतिक नतीजा मान लेना सही नहीं होगा। इस बार परिस्थितियां पूरी तरह अलग हैं। यात्रा भी करीब 950 किलोमीटर की है। इसका दायरा दो राज्यों तक फैला है। संदेश भी पिछली यात्रा से अलग है।

दिग्विजय सिंह की 'सनातन स्वाभिमान यात्रा': महाकाल से अयोध्या तक, राम मंदिर चढ़ावे पर उठाए सवाल | Digvijaya Singh's 'Sanatan Swabhiman Yatra': From Mahakal to Ayodhya, raises questions on Ram Mandir donations
दिग्विजय सिंह 20 अक्टूबर से शुरू करेंगे सनातन स्वाभिमान यात्रा, महाकाल की नगरी से अयोध्या तक निकालेंगे पदयात्रा
30 Sept 2026 ,
By Amresh Kushwaha
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक लंबी पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। वे 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का नाम सनातन स्वाभिमान यात्रा रखा गया है। यह यात्रा अयोध्या के राम मंदिर पहुंचकर खत्म होगी। जानें दिग्विजय सिंह ने यात्रा को लेकर क्या कहा है...
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक लंबी पदयात्रा पर निकलने वाले हैं। वे 20 अक्टूबर को दशहरे के दिन उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर से यात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का नाम सनातन स्वाभिमान यात्रा रखा गया है। यह यात्रा अयोध्या के राम मंदिर पहुंचकर खत्म होगी। जानें दिग्विजय सिंह ने यात्रा को लेकर क्या कहा है...

यात्रा से कांग्रेस को क्या फायदा?

इस यात्रा से दिग्विजय सिंह को एक बार फिर जमीन पर सक्रिय होने का मौका मिलेगा। रास्ते में वे कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं से मिलेंगे। इससे कांग्रेस संगठन में हलचल बढ़ सकती है।

मध्य प्रदेश में यात्रा पुराने राजनीतिक संपर्कों को फिर सक्रिय कर सकती है। वहीं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को धार्मिक मुद्दों पर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। अयोध्या तक पहुंचने से यात्रा को ज्यादा राजनीतिक और मीडिया चर्चा भी मिल सकती है।

अब असली सवाल यही है कि यह यात्रा सिर्फ चर्चा तक रहती है या कांग्रेस को जमीन पर भी फायदा देती है। 2017 जैसी राजनीतिक तस्वीर दोहराना आसान नहीं होगा। इस बार हालात भी अलग हैं और चुनावी समीकरण भी।
Tags:
  • दिग्विजय सिंह
  • सनातन स्वाभिमान पदयात्रा
  • उज्जैन
  • नर्मदा परिक्रमा
  • राम मंदिर
  • विजयादशमी
  • कांग्रेस
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्य प्रदेश
  • Digvijaya Singh
राजस्थान पंचायत चुनाव : 41 जिलों के लिए 210 करोड़ का बजट जारी,जानें अपने जिले का चुनावी बजट

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान पंचायत चुनाव : 41 जिलों के लिए 210 करोड़ का बजट जारी,जानें अपने जिले का चुनावी बजट
रायपुर में घी की जांच में बड़ा खुलासा, अमूल-देवभोग समेत छह घी के नमूने मानकों पर फेल, आपकी सेहत से हो रहा खिलवाड़

By Umeshwari Baghel

रायपुर में घी की जांच में बड़ा खुलासा, अमूल-देवभोग समेत छह घी के नमूने मानकों पर फेल, आपकी सेहत से हो रहा खिलवाड़
जैसलमेर पुलिस कांस्टेबल की मौत, इंदिरा गांधी नहर में मिला शव; पोस्टमार्टम बिना धरने पर बैठे परिजन

By Jyoti Mahender Bhardwaj

जैसलमेर पुलिस कांस्टेबल की मौत, इंदिरा गांधी नहर में मिला शव; पोस्टमार्टम बिना धरने पर बैठे परिजन
नगर निगम हैरिटेज में 100 करोड़ का घोटाला, पॉश इलाके के रोड की जमीन कौड़ियों के भाव में बेची

By Mukesh Sharma

नगर निगम हैरिटेज में 100 करोड़ का घोटाला, पॉश इलाके के रोड की जमीन कौड़ियों के भाव में बेची
TNCP ज्वाइंट डायरेक्टर नीरज आनंद लिखार एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंचे, बोले-अलग-अलग याचिकाओं से किया जा रहा टारगेट

By Neel Tiwari

TNCP ज्वाइंट डायरेक्टर नीरज आनंद लिखार एक बार फिर हाईकोर्ट पहुंचे, बोले-अलग-अलग याचिकाओं से किया जा रहा टारगेट
थाली पर सरकार की नजर: छत्तीसगढ़ के बच्चों में बढ़ता मोटापा बना चिंता, स्कूलों में अब लाल-पीला-हरा बोर्ड बताएगा क्या खाएं

By VINAY VERMA

थाली पर सरकार की नजर: छत्तीसगढ़ के बच्चों में बढ़ता मोटापा बना चिंता, स्कूलों में अब लाल-पीला-हरा बोर्ड बताएगा क्या खाएं
पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस का ‘एकजुटता’ संदेश, गहलोत बोले- कहते थे एकता नहीं, आज देख लीजिए हम सब साथ हैं

By Raghvendra Singh Rathore

पंचायत चुनाव से पहले कांग्रेस का ‘एकजुटता’ संदेश, गहलोत बोले- कहते थे एकता नहीं, आज देख लीजिए हम सब साथ हैं