DPI की चेतावनी: बाबू बने शिक्षकों को अब जाना होगा स्कूल, नहीं तो रुकेगा वेतन

Sanjay Sharma | Jun 16, 2026, 19:37 IST
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अटैचमेंट पर काम नहीं करेंगे शिक्षक
Photograph: (Thesootr)

BHOPAL. DPI ने एक बार फिर अटैचमेंट पर नाराजगी जताई है। सरकार की मनाही के बावजूद अटैचमेंट पर विभागीय कार्यालयों में जमे शिक्षकों को तुरंत मूल पद और पदस्थापना पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

ऐसे समझें क्या है पूरा मामला...

  • डीपीआई का आदेश शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लें अधिकारी।
  • अटैचमेंट वाले शिक्षकों को त्वरित कार्रवाई कर मूल पद पर भेजा जाए।
  • शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 धारा 27 का दिया गया हवाला।
  • हर बार अटैचमेंट पर रोक के बावजूद आदेश का हो रहा उल्लंघन।
  • अब अटैचमेंट पर काम करने वाले शिक्षकों का रोका जाएगा वेतन।
लोक शिक्षण संचालनालय ने एक बार फिर सख्ती दिखाई है। 5 जून 2026 को जारी आदेश में DPI ने साफ कहा कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लिए जाएं।

विधानसभा के बीते सत्र में शिक्षकों के अटैचमेंट पर विधायकों ने प्रश्न उठाया था। जिसमें स्कूल शिक्षा विभाग को जवाब देते हुए मुश्किल का सामना करना पड़ा था। नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने अटैचमेंट पर सख्ती दिखाई है।

सभी शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही संचालनालय ने अटैचमेंट तत्काल समाप्त करने और शिक्षकों को अपने स्कूलों में लौटने का आदेश दिया है। वहीं ऐसा न होने पर शिक्षकों को वेतन रोकने की हिदायत भी दी गई है।

शिक्षक क्लास छोड़ ऑफिसों में नहीं रहेंगे

डीपीआई भोपाल ने नए शिक्षण सत्र से ठीक पहले आदेश जारी किया है। इसमें शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 27 और न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य में न लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। सभी कार्यालय प्रमुखों को हिदायत दी गई है कि किसी भी शिक्षक को गैर शैक्षणिक काम में व्यस्त नहीं रखा जाएगा।

डीपीआई को स्कूलों से गायब मिले शिक्षक

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा विधानसभा प्रश्न के आधार पर स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति का परीक्षण कराया गया था। इसमें जिला और विकासखंड स्तर से जुटाई गई जानकारी में शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कराने मी बात सामने आई।

जबकि सरकार द्वारा शिक्षकों से पढ़ाई के अलावा अन्य काम कराने की सख्त मनाही है। इसके बावजूद शासन के आदेश को अनदेखा कर शिक्षकों का अटैचमेंट किया गया।

ऐसे शिक्षकों को भी ई- अटेंडेंस से मिलेगा वेतन

डीपीआई कमिश्नर अभिषेक सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार अब किसी भी शिक्षक से अटैचमेंट पर काम नहीं लिया जा सकेगा। ऐसे सभी शिक्षकों को मूल पदस्थापना पर भेजा जाएगा। वहीं अन्य की तरह इन शिक्षकों के लिए भीर ई- अटेंडेंस अनिवार्य होगी और उन्हें इसके आधार पर मूल संस्था से वेतन भुगतान होगा।

16 जिलों के डीईओ को सूची सहित भेजा आदेश

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा अटैचमेंट समाप्त करने के लिए प्रदेश के 16 जिलों को आदेश जारी किया गया है। भिण्ड, दतिया, कटनी, सिवनी, विदिशा, गुना, ग्वालियर, भोपाल, सीहोर, श्योपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, उज्जैन, देवास, नीमच, शहडोल के जिला शिक्षा अधिकारियों को भेजे गए आदेश के साथ अटैचमेंट पर काम करने वाले शिक्षकों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है।

सवाल, किसके आदेश पर मिल जाता है अटैचमेंट

मध्य प्रदेश में शिक्षकों के अटैचमेंट पर सालों से रोक है। हर साल स्कूल शिक्षा विभाग और शासन स्तर से इस संबंध में आदेश भी जारी होते आ रहे हैं। इसके बावजूद इन आदेशों को नजरअंदाज कर आखिर शिक्षकों का अटैचमेंट कौन कर रहा है।

शासन के आदेश के बावजूद शिक्षकों से ऑफिसों में काम कराने वाले अधिकारी कौन हैं। यह भी बड़ा सवाल है। कोई भी शिक्षक खुद स्कूल छोड़कर विभाग के अन्य कार्यालयों में अटैच नहीं हो सकता। इसके लिए विभागीय आदेश जरूरी होता है।

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा परीक्षण से अटैचमेंट पर काम करने वाले शिक्षकों की जानकारी तो जुटाई है, लेकिन ऐसे आदेश जारी करने वाले अधिकारियों को अनदेखा किया गया है।

FAQ

  1. DPI ने शिक्षकों को लेकर क्या नया आदेश दिया?
    DPI ने कहा कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लें। अटैचमेंट वाले शिक्षकों को तत्काल मूल स्कूल भेजें। वेतन भी मूल संस्था से ई अटेंडेंस के आधार पर मिलेगा।
  2. अटैचमेंट खत्म करने के आदेश कितनी बार आते हैं?
    DPI बार- बार अटैचमेंट खत्म करने के आदेश जारी करता है। फिर भी कई शिक्षक दफ्तरों में अटैच हैं।
  3. अब वेतन भुगतान कैसे होगा और कार्रवाई क्या होगी?
    वेतन अब मूल पदस्थापना वाली संस्था से ही आहरित होगा। जो अधिकारी आदेश की अवमानना कर अटैचमेंट कर रहे हैं, उनकी लापरवाही को DPI गंभीरता से लेगा और कार्रवाई करेगा।
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