मध्य प्रदेश में 11 साल बाद होंगे सहकारी समितियों के चुनाव, जानें चुनाव की तारीख
Sandeep Kumar | Jun 12, 2024, 12:29 IST
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मध्य प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव की तैयारियां चल रही हैं। 11 साल बाद यह चुनाव होने जा रहे है। 24 जून से 9 सितंबर के बीच चार चरणों में इस चुनाव को प्रस्तावित किया गया है।
अब मध्य प्रदेश में सहकारी समितियों के चुनाव ( elections of cooperative societies ) का बिगुल बजने वाला है। खबर है कि मध्य राज्य सहकारी निर्वाचन पदाधिकारी एमबी ओझा ने 24 जून से 9 सितंबर के बीच चार चरणों में 4500 से अधिक प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के चुनाव प्रस्तावित किए हैं। इसके बाद जिला सहकारी बैंक ( Cooperative bank ) और फिर अपेक्स बैंक ( Apex Bank ) के चुनाव होंगे। इसके पहले साल 2013 में सहकारी समितियों के चुनाव हुए थे और इनका कार्यकाल 2018 तक था। कार्यकाल समाप्त होने के बाद जब चुनाव नहीं हुए तो सहकारी समितियों की जिम्मेदारी प्रशासक को सौंप दी गई थी।
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नियमानुसार सहकारी संस्थाओं में 2 साल से अधिक प्रशासक कार्यकाल नहीं हो सकता, लेकिन प्रदेश में पिछले 6 साल से संस्थाएं प्रशासक के अधीन हैं। सहकारी संस्थाओं में चुनाव कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी। हाईकोर्ट ने जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
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कृषि सहकारी समितियों के चुनाव की घोषणा तो हो गई, लेकिन राज्य सहकारी संघ, दुग्ध महासंघ, राज्य उपभोक्ता संघ और आवास संघ के चुनाव 2005 से लंबित हैं। आपको बताते चलें कि सहकारी समितियों के चुनाव हुए आखिरी बार 2013 में हुए थे। जिसका कार्यकाल 2018 तक था, लेकिन पांच साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए थे।
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मध्य प्रदेश में सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 का प्रावधान जिसके तहत ही सहकारी संस्थाओं के चुनाव होते हैं। प्रदेश में लगभग 4531 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएं हैं। इन संस्थाओं में चुनाव न होने से ज्यादातर संस्थाओं में फिलहाल प्रशासक कार्यरत हैं।
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हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रहे चुनाव
नियमानुसार सहकारी संस्थाओं में 2 साल से अधिक प्रशासक कार्यकाल नहीं हो सकता, लेकिन प्रदेश में पिछले 6 साल से संस्थाएं प्रशासक के अधीन हैं। सहकारी संस्थाओं में चुनाव कराने को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर हुई थी। हाईकोर्ट ने जल्द चुनाव कराने के निर्देश दिए हैं।
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इन संस्थाओं के 2005 से चुनाव नहीं
कृषि सहकारी समितियों के चुनाव की घोषणा तो हो गई, लेकिन राज्य सहकारी संघ, दुग्ध महासंघ, राज्य उपभोक्ता संघ और आवास संघ के चुनाव 2005 से लंबित हैं। आपको बताते चलें कि सहकारी समितियों के चुनाव हुए आखिरी बार 2013 में हुए थे। जिसका कार्यकाल 2018 तक था, लेकिन पांच साल से भी ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी चुनाव नहीं हो पाए थे।
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प्रदेश में 4531 प्राथमिक कृषि साख संस्थाएं
मध्य प्रदेश में सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 का प्रावधान जिसके तहत ही सहकारी संस्थाओं के चुनाव होते हैं। प्रदेश में लगभग 4531 प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाएं हैं। इन संस्थाओं में चुनाव न होने से ज्यादातर संस्थाओं में फिलहाल प्रशासक कार्यरत हैं।
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