EPFO ने बदला PF ट्रांसफर नियम : नौकरी बदलते ही पैसा आसानी से होगा ट्रांसफर
Jitendra Shrivastava | May 23, 2025, 18:38 IST
Photograph: (THESOOTR)
EPFO ने PF ट्रांसफर नियम में बड़ा बदलाव किया है। अब नौकरी बदलने पर सर्विस पीरियड ओवरलैप के कारण PF ट्रांसफर क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा। पुराने और नए एंप्लॉयर के ईपीएफ खाते के बीच PF ट्रांसफर आसान हो जाएगा।
ईपीएफओ (Employee Provident Fund Organisation) ने अपने पीएफ (Provident Fund) ट्रांसफर नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिससे प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों को फायदा होगा। अब जब कोई कर्मचारी नई नौकरी ज्वॉइन करता है, तो उसके पुराने और नए एंप्लॉयर के ईपीएफ खाते के बीच PF ट्रांसफर आसान हो जाएगा।
पहले यदि दो नौकरियों के सर्विस पीरियड में मामूली ओवरलैप होता था, तो ट्रांसफर क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता था। लेकिन अब EPFO ने यह नियम बदल दिया है और ओवरलैपिंग के कारण क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा। यह फैसला हजारों प्राइवेट कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है।
जब कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है, तो कई बार पुराने और नए एंप्लॉयर की सर्विस डेट्स ओवरलैप हो जाती हैं। इसका मतलब यह होता है कि एक ही दिन या कुछ दिनों के लिए दोनों जगह पर कर्मचारी की सर्विस जुड़ी होती है।
पहले इस मामूली ओवरलैप को लेकर EPFO ट्रांसफर क्लेम को रिजेक्ट कर देता था, जिससे कर्मचारियों को बहुत परेशानी होती थी। उन्हें बार-बार क्लेम वापस जमा करना पड़ता था और समय की भी हानि होती थी।
ये खबर भी पढ़ें...
मध्य प्रदेश में प्रोफेसर के जैसे स्कूल शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ेगी, भेजा गया पत्र
EPFO ने एक नया सर्कुलर जारी किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि-
कर्नल सोफिया से विजय शाह ने फिर मांगी माफी, एक्स पर लिखित और मौखिक माफीनामा
पीएफ बचत कर्मचारी के भविष्य के लिए बहुत जरूरी होती है। जब कर्मचारी नौकरी बदलता है तो उसका पुराना PF बैलेंस नए अकाउंट में ट्रांसफर होना चाहिए, ताकि बचत एक जगह सुरक्षित रहे और वह ईएमआई या अन्य फंड निकालने में आसानी महसूस करे।
यदि ट्रांसफर क्लेम बार-बार रिजेक्ट होता है, तो कर्मचारी को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नया नियम इसे आसान बनाकर कर्मचारियों को राहत देगा।
ये खबर भी पढ़ें...
MP Free Laptop Yojana 2025 : 12वीं में लाएं 85%, खाते में आएंगे सीधे 25,000 रुपए
ओपन स्कूल परीक्षा परिणाम 2025 घोषित: बालिकाओं ने फिर मारी बाजी
पहले यदि दो नौकरियों के सर्विस पीरियड में मामूली ओवरलैप होता था, तो ट्रांसफर क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता था। लेकिन अब EPFO ने यह नियम बदल दिया है और ओवरलैपिंग के कारण क्लेम रिजेक्ट नहीं होगा। यह फैसला हजारों प्राइवेट कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है।
PF ट्रांसफर क्लेम में ओवरलैपिंग डेट्स
पहले इस मामूली ओवरलैप को लेकर EPFO ट्रांसफर क्लेम को रिजेक्ट कर देता था, जिससे कर्मचारियों को बहुत परेशानी होती थी। उन्हें बार-बार क्लेम वापस जमा करना पड़ता था और समय की भी हानि होती थी।
ये खबर भी पढ़ें...
मध्य प्रदेश में प्रोफेसर के जैसे स्कूल शिक्षकों की रिटायरमेंट उम्र बढ़ेगी, भेजा गया पत्र
क्या कहता है नया EPFO सर्कुलर?
- अब ट्रांसफर क्लेम को सिर्फ इसलिए रिजेक्ट नहीं किया जाएगा क्योंकि दो नौकरियों की सर्विस डेट्स में ओवरलैप है।
- यदि ट्रांसफर क्लेम में ओवरलैपिंग डेट्स मिलती हैं, तो क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) को क्लेम रिजेक्ट करने की बजाय इसे प्रोसेस करना होगा।
- क्लेम को बिना रिजेक्ट किए आगे बढ़ाना होगा और केवल तभी जवाब देना होगा जब वास्तविक जरूरत हो।
- इसका मकसद ट्रांसफर प्रोसेस को सरल और तेजी से पूरा करना है।
कर्नल सोफिया से विजय शाह ने फिर मांगी माफी, एक्स पर लिखित और मौखिक माफीनामा
PF ट्रांसफर का क्या महत्व है?
यदि ट्रांसफर क्लेम बार-बार रिजेक्ट होता है, तो कर्मचारी को वित्तीय दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नया नियम इसे आसान बनाकर कर्मचारियों को राहत देगा।
ये खबर भी पढ़ें...
MP Free Laptop Yojana 2025 : 12वीं में लाएं 85%, खाते में आएंगे सीधे 25,000 रुपए
EPFO की नई गाइडलाइंस से क्या फायदा?
- ट्रांसफर क्लेम प्रोसेसिंग में तेजी: ओवरलैप के कारण रिजेक्ट कम होंगे।
- कम समय में PF ट्रांसफर: कर्मचारियों को जल्दी फायदा मिलेगा।
- प्रोसेस सरल और पारदर्शी: बिना अनावश्यक टालमटोल के क्लेम को पूरा किया जाएगा।
- अधिक संतोषजनक सेवा: कर्मचारी अपनी PF राशि को बेहतर तरीके से ट्रैक कर सकेंगे।
ओपन स्कूल परीक्षा परिणाम 2025 घोषित: बालिकाओं ने फिर मारी बाजी
EPFO PF ट्रांसफर के लिए जरूरी टिप्स...
- नौकरी बदलते समय PF ट्रांसफर आवेदन समय पर करें।
- अपने दोनों एंप्लॉयर से सर्विस पीरियड की सही जानकारी प्राप्त करें।
- आधार और बैंक खाते की सही जानकारी दर्ज करें।
- EPFO पोर्टल पर ट्रांसफर स्टेटस नियमित जांचें।
- कोई समस्या होने पर EPFO हेल्पलाइन से संपर्क करें।
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj