बीयू कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी का खेल, 25 से ज्यादा फैकल्टी ने लगाए आरोप
Amresh Kushwaha | Jun 27, 2025, 12:10 IST
faculty-issue-bu-colleges
मध्य प्रदेश के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) में फर्जी फैकल्टी का मामला सामने आया। कॉलेजों में बिना अनुमति के कई फैकल्टी के नाम दर्ज किए गए हैं।
मध्य प्रदेश के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी (बीयू) से संबद्ध कॉलेजों में फर्जी फैकल्टी रखने का मामला सामने आया है। यह मुद्दा तब उजागर हुआ जब बीयू ने कोड-28 के तहत फरवरी 2025 में फैकल्टी लिस्ट अपनी वेबसाइट पर जारी की थी। इस लिस्ट को लेकर कई आपत्तियां उठाई गई। इसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि कई फैकल्टी के नाम बिना उनकी अनुमति के दो-तीन कॉलेजों में शामिल किए गए हैं, जबकि वे वहां कभी कार्यरत नहीं रहे।
ये खबर भी पढ़िए...फर्जी फैकल्टी और बायोमेट्रिक प्रेजेंट में गड़बड़ी, MP के इस कॉलेज पर लगा 1 करोड़ का जुर्माना
ये खबर भी पढ़िए...भोपाल के बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी में बीएड कोर्स पर फैकल्टी संकट, NCTE ने लगाई रोक
फैकल्टी सदस्यों ने कई आरोप लगाए हैं। इनमे से कुछ इस प्रकार हैं:
बीयू के कुलगुरु डॉ. एसके जैन ने कहा कि फैकल्टी की आपत्ति के आधार पर संबंधित कॉलेजों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, उन फैकल्टी सदस्यों को भी स्वतंत्र रूप से विधिसम्मत कार्रवाई करने की अनुमति दी गई है, जिनके दस्तावेजों का गलत उपयोग किया गया है।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
Barkatullah University | barkatullah university bhopal | Barkatullah University Campus | बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल | फर्जीवाड़ा | Madhya Pradesh | MP News
ये खबर भी पढ़िए...फर्जी फैकल्टी और बायोमेट्रिक प्रेजेंट में गड़बड़ी, MP के इस कॉलेज पर लगा 1 करोड़ का जुर्माना
जानें क्या है पूरा मामला?
फर्जी फैकल्टी मामले की शुरुआत तब हुई जब फरवरी 2025 में बीयू ने कोड-28 के तहत वेबसाइट पर अपनी फैकल्टी लिस्ट जारी की। इसके बाद कई फैकल्टी सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम, फोटो और दस्तावेजों का अवैध रूप से उपयोग किया गया है। इनमें से अधिकतर महिलाएं थीं। इन्होंने अपनी पहचान की चोरी होने की शिकायत की। 25 से अधिक फैकल्टी सदस्य बीयू पहुंचे। इन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम पर कॉलेजों ने नियुक्ति दिखाकर उनका फोटो और दस्तावेज गलत तरीके से इस्तेमाल किया। बीयू प्रशासन ने 26 जून को एक ट्रिब्यूनल बैठक का आयोजन किया। इसमें केवल नाम हटाने की बात कही गई। फैकल्टी सदस्य इस फैसले से नाराज हैं। उनका कहना है कि कॉलेजों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें हर्जाना मिलना चाहिए।
फैकल्टी की आपत्तियां
- डॉ. लेखा चौरे: जो जौहरी कॉलेज, इंद्रपुरी (भोपाल) में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि राजीव गांधी कॉलेज, रायसेन ने 2017 से उनकी नियुक्ति दिखा दी, जबकि उन्होंने कभी वहां आवेदन तक नहीं किया। इसके अलावा, बीयू की लिस्ट में उनके बजाय किसी और का फोटो लगाया गया। साथ ही वेतन भी गलत बताया गया।
- डॉ. लोकेंद्र चौकसे: जो सीहोर के श्यामपुर स्थित अल्फा कॉलेज में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि भोपाल के एमके पोंडा कॉलेज ने उन्हें मैनेजमेंट विषय में नियमित शिक्षक बता रखा है, जबकि अकाउंट नंबर तक गलत था।
- डॉ. सुनीता सोनी: जो की मदन महाराज कॉलेज, करोंद (भोपाल) में कार्यरत हैं। उनका कहना है कि आदर्श महाविद्यालय, जीरापुर ने 2017 से उनकी सहायक प्राध्यापक के तौर पर नियुक्ति दिखा रखी है, लेकिन फोटो किसी और का था।
बीयू प्रशासन की लापरवाही
बीयू प्रशासन ने फरवरी 2025 में फैकल्टी लिस्ट को जारी किया, लेकिन उन्होंने कोई जांच नहीं की। यूनिवर्सिटी ने सिर्फ फैकल्टी से आपत्तियां मांगी और इसके बाद किसी तरह की गंभीर जांच नहीं की। इस तरह की लापरवाही के कारण कई गलत नाम और नियुक्तियां दर्ज हो गई।
संबंधित कॉलेजों के खिलाफ होगी कार्रवाई
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃 🤝💬👩👦👨👩👧👧
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
Barkatullah University | barkatullah university bhopal | Barkatullah University Campus | बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी भोपाल | फर्जीवाड़ा | Madhya Pradesh | MP News
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava