एमपी की गोशालाओं में 270 करोड़ का निवेश, फिर भी सड़कों पर भटक रहे लाखों पशु
Amresh Kushwaha | Dec 07, 2025, 10:00 IST
go-shaala-investment-animals-street-problem-madhya-pradesh
मध्यप्रदेश सरकार ने गोशालाओं के लिए 270 करोड़ का निवेश किया है। फिर भी सड़कों पर अनाथ पशुओं की संख्या 8.50 लाख तक पहुंच गई है। सरकार ने कई योजनाएं बनाईं, लेकिन उनके असल प्रभाव में कमी नजर आई है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट...
BHOPAL. मध्यप्रदेश में सरकार ने गोशालाओं के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर दिए हैं। फिर भी, सड़कों पर अनाथ पशुओं की समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। सरकार ने योजनाएं बनाई और बजट भी दिया, लेकिन असर नहीं दिख रहा है।
जमीन पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पाया है। नतीजा ये हुआ कि सड़कों पर पशु घूमते रहते हैं। सरकार के प्रयासों और जमीन पर असल काम में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है।
ये खबर भी पढ़िए...सिंहस्थ 2028 के लिए होगी 5 हजार होमगार्ड्स की भर्ती, रिटायरमेंट अब 62 साल में
विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 8.50 लाख अनाथ पशु सड़कों पर भटक रहे हैं। ये पशु सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। राज्य सरकार ने इन घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की योजना बनाई थी। इसके तहत राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अनुबंध हुआ था। योजना के तहत हर 50 किमी पर हाइड्रोलिक लिफ्टर और गोठान बनाने थे।
ये खबर भी पढ़िए...एमपी सरकार हवाई यात्रा पर रोजाना खर्च कर रही 21 लाख से ज्यादा, एक घंटे का रेट 5 लाख रुपए
ये खबर भी पढ़िए...MP News: एक बीघा जमीन से एक लाख कमाने वाले किसानों को एमपी सरकार करेगी सम्मानित
यह योजना नर्मदापुरम रोड पर कुछ हद तक सफल रही है। वहीं, बाकी प्रदेशों में इसे लागू नहीं किया जा सका है। विभागीय मंत्री लखन सिंह पटेल ने कहा कि सरकार जल्द ही स्वावलंबी गोशालाओं का निर्माण करेगी। इससे अनाथ पशुओं की समस्या का ठोस समाधान निकाला जा सकेगा। हालांकि, फिलहाल यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
ये खबर भी पढ़िए...बुंदेलखंड के लिए बड़े पैकेज का ऐलान कर सकते हैं सीएम मोहन यादव, खजुराहो कैबिनेट में होगा फैसला
राज्य सरकार ने अप्रैल 2025 में स्वावलंबी गोशालाओं बनाने का काम शुरू किया था। अगस्त में इस योजना को लॉन्च किया गया था। योजना के तहत हर जिले में 125 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाने का लक्ष्य था। वहीं, अब तक केवल 20 जिलों में ही भूमि का चयन हो पाया है। भोपाल, जबलपुर, दमोह, राजगढ़, मंदसौर और रतलाम में काम शुरू हो चुका है। बाकी जिलों में अभी जमीन की तलाश जारी है।
पशुपालन विभाग एमपी ने एक अभियान शुरू किया था। इसमें अनाथ पशुओं के कानों पर टैग लगाया गया था। इसका मकसद था कि पशुओं के मालिकों का पता लगाया जा सके। हालांकि, टैग लगाने पर मालिकों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान था। इसका ग्रामीणों और पशु मालिकों ने विरोध किया था। इसके बाद इस योजना को रोक दिया गया था।
जमीन पर इन योजनाओं का क्रियान्वयन ठीक से नहीं हो पाया है। नतीजा ये हुआ कि सड़कों पर पशु घूमते रहते हैं। सरकार के प्रयासों और जमीन पर असल काम में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है।
270 करोड़ का निवेश, फिर भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं
मध्यप्रदेश सरकार ने 10 महीनों में गोशालाओं के लिए 270 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसका मकसद अनाथ पशुओं की संख्या घटाना था। ये पैसे 2937 गोशालाओं के संचालन में लगाए गए हैं। इसके बावजूद, सड़कों पर भटकते पशुओं की संख्या 8.50 लाख तक पहुंच गई है। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में सिर्फ 4.22 लाख गोवंश को गोशालाओं में रखा जा सकता है। वहीं, सड़कों पर गायों और अन्य पशुओं की संख्या कहीं ज्यादा है।
सड़कों पर सजा की तरह भटक रहे पशु
ये खबर भी पढ़िए...एमपी सरकार हवाई यात्रा पर रोजाना खर्च कर रही 21 लाख से ज्यादा, एक घंटे का रेट 5 लाख रुपए
32dd4f90-5aa
नर्मदापुरम में सफल, वहीं बाकी जगह पर सुस्त
ये खबर भी पढ़िए...बुंदेलखंड के लिए बड़े पैकेज का ऐलान कर सकते हैं सीएम मोहन यादव, खजुराहो कैबिनेट में होगा फैसला
125 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाने का था लक्ष्य
टैग लगाने का प्रयोग नाकाम
देश में मानसून की बेरुखी से 51% हिस्से में सूखे का संकट: खरीफ फसलों पर मार, बढ़ सकती है महंगाई और आम आदमी की मुश्किलें
By Aman Vaishnav, CHAKRESH
Live |उज्जैन में मस्जिद हटाने पर बवाल
By
राजस्थान नगर निगम चुनाव में BJP का दबदबा
By
गंगरेल बांध का विकराल रूप, खोले गए सभी 14 गेट, महानदी में बढ़ा जलस्तर
By
छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का असर: महादेव घाट पुल डूबा, शबरी पर बढ़ा खतरा; कई रास्तों पर आवाजाही बंद
By Umeshwari Baghel
छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अक्टूबर से बदलेगा पढ़ाई का तरीका, कठिन विषयों की होंगी लाइव ऑनलाइन क्लास
By Harrison Masih
31 साल का साथ, फिर शादी पर उठे सवाल, ग्वालियर हाईकोर्ट ने दिलाया पत्नी होने का हक
By Sanjay Dhiman