सिंगरौली में मिली सोने की खान, अडानी ग्रुप निकालेगा 5 साल में 1.83 लाख किलो गोल्ड
Jitendra Shrivastava | Sept 19, 2025, 17:37 IST
Photograph: (THESOOTR)
सिंगरौली के चकरिया गोल्ड ब्लॉक में एक सोने की खान मिली है, जहां से 1.83 लाख किलो सोना निकाला जाएगा। अडानी ग्रुप को पांच साल के लिए खनन का ठेका मिला है। इस परियोजना से राज्य को करोड़ों रुपये का राजस्व और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
मध्य प्रदेश का सिंगरौली जिसे "ऊर्जांचल" के नाम से भी जाना जाता है, अब सोने की खानों के लिए भी सुर्खियों में है। सिंगरौली में सोने की खदान मिली है। यहां के चितरंगी क्षेत्र में स्थित चकरिया गोल्ड ब्लॉक (Chakriya Gold Block) में सोने का विशाल भंडार पाया गया है।
इस खदान से कुल 1,83,56,000 किलोग्राम (1.83 लाख किलो) सोना निकाला जाएगा। इस सोने की खदान का ठेका अडानी ग्रुप की सहयोगी कंपनी, गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (Garima Natural Resources Pvt Ltd) को पांच साल के लिए सौंपा गया है।
इस परियोजना को लेकर स्थानीय प्रशासन ने पुष्टि की है कि 23 हेक्टेयर जमीन पर खनन का अधिकार अडानी ग्रुप को पांच वर्षों के लिए दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप, राज्य सरकार को लंदन गोल्ड मार्केट (London Gold Market) की दरों के हिसाब से करोड़ों रुपये का राजस्व मिलेगा। वहीं, स्थानीय समुदाय के लिए यह परियोजना रोजगार के कई अवसरों का स्रोत बनेगी, जिससे इलाके की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी।
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कंपनी द्वारा पिछले एक साल से इस क्षेत्र में ड्रिलिंग कार्य (Drilling Work) चलाया जा रहा था, जिसके परिणामस्वरूप सोने के भंडार की पुष्टि हुई। अब कंपनी को यह अधिकार मिला है कि वह इन भंडारों से सोना निकाल सके। इससे पहले सिंगरौली क्षेत्र में 11 कोयला खदानें संचालित हैं, जो इस सोने के खनन कार्य को भी सहयोग प्रदान करेंगी। यह परियोजना इलाके में खनन कार्य को और अधिक मजबूत बनाएगी।
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने इस ऐतिहासिक घटना की सराहना की है। उन्होंने कहा कि चकरिया गोल्ड ब्लॉक की पहली ई-नीलामी (E-auction) ने मध्य प्रदेश के खनन क्षेत्र में नया इतिहास रचा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस परियोजना से रिफाइनिंग (Refining), लॉजिस्टिक्स (Logistics) और अन्य संबंधित उद्योगों में निवेश बढ़ेगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था (Local Economy) को नया जीवन मिलेगा। यह परियोजना राज्य की आर्थिक स्थिति को एक नई दिशा दे सकती है।
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गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड 2010 में छत्तीसगढ़ के रायपुर में रजिस्टर्ड हुई थी और यह मुख्य रूप से खनन और क्वारिंग (Mining and Quarrying) के क्षेत्र में सक्रिय है। अडानी ग्रुप की सहयोगी इकाई होने के कारण, इस परियोजना के सफलतापूर्वक संचालन की उम्मीद जताई जा रही है। अडानी ग्रुप की यह परियोजना स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित करेगी।
इस खदान से कुल 1,83,56,000 किलोग्राम (1.83 लाख किलो) सोना निकाला जाएगा। इस सोने की खदान का ठेका अडानी ग्रुप की सहयोगी कंपनी, गरिमा नेचुरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड (Garima Natural Resources Pvt Ltd) को पांच साल के लिए सौंपा गया है।
अडानी ग्रुप को 5 साल के लिए ठेका
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अडानी ग्रुप का खनन कार्य
FAQ
- इस खनन परियोजना से सिंगरौली की अर्थव्यवस्था पर क्या असर होगा?
इस परियोजना से सिंगरौली की अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ होगा। इससे न केवल राजस्व में वृद्धि होगी, बल्कि स्थानीय उद्योगों में भी निवेश बढ़ेगा, जिससे रोजगार के अवसर सृजित होंगे और स्थानीय विकास में मदद मिलेगी। - अडानी ग्रुप को सिंगरौली के
सोने की खान का ठेका कब और क्यों मिला?
अडानी ग्रुप को सिंगरौली के चकरिया गोल्ड ब्लॉक का ठेका पांच साल के लिए मिला है। इस ठेके का उद्देश्य सोने के भंडार का खनन करना है, जिससे राज्य को राजस्व और स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
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