सिलेबस, कंप्यूटर और एक्सपर्ट बिना साइबर सुरक्षा का सरकारी प्लान, कैसे होगा अमल ?
Sanjay Sharma | May 13, 2026, 17:19 IST
cyber security syllabus computers
MP सरकार ने नए सत्र से स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी पढ़ाने का आदेश दिया है। हालांकि हिंदी, अंग्रेजी और गणित के शिक्षक नहीं हैं। विभाग 70 हजार गेस्ट टीचर्स से चल रहा है। सिलेबस और कंप्यूटर की कमी है। इस आदेश को दिखावा बनने का डर है।
News in short
- नए सत्र से स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी पढ़ाने का फरमान।
- हिंदी-अंग्रेजी, गणित पढ़ाने वाले शिक्षकों के हजारों पद खाली।
- 70 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स के सहारे चल रहा विभाग।
- साइबर सिक्योरिटी का सिलेबस नहीं, शिक्षकों को ट्रेनिंग नहीं।
- 60% सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर-इंटरनेट की सुविधा नहीं।
News in Detail
जमीनी हकीकत यह है कि सरकारी स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित पढ़ाने वाले शिक्षक तक नहीं हैं। शिक्षा विभाग 70 हजार से ज्यादा गेस्ट टीचर्स के सहारे चल रहा है। नए सत्र के लिए साइबर सिक्योरिटी का सिलेबस क्या होगा, इसका पता नहीं है।
असर की हालिया रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 40% ही सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर लैब है। 60 फीसदी स्कूलों ने कम्प्यूटर नहीं देखे। उनमें पढ़ने वाले छात्र- छात्राओं को मोबाइल चलाने भी नहीं मिलता। ऐसे में सरकार और स्कूल शिक्षा विभाग की यह घोषणा मजाक न बन जाए, यह बड़ा सवाल है।
पढ़ाएगा कौन, जब शिक्षक ही नहीं ?
अब साइबर सिक्योरिटी जैसे तकनीकी विषय के लिए प्रशिक्षित शिक्षक कहां से आएंगे? विभाग ने कोई रोडमैप नहीं बताया। शिक्षकों को साइबर सुरक्षा की ट्रेनिंग देने की कोई कार्ययोजना अभी तक सामने नहीं आई है।
सिलेबस का अता-पता नहीं
शिक्षक संगठनों का कहना है कि बिना होमवर्क के आदेश जारी कर दिया गया है। बाद में "उपलब्ध संसाधनों से पढ़ाएं" का सर्कुलर आ जाएगा।
संसाधन नहीं, आदेश लंबे- चौड़े
बच्चों ने कंप्यूटर देखा तक नहीं है। ऐसे में पासवर्ड सुरक्षा, एथिकल हैकिंग, सोशल मीडिया सेफ्टी प्रैक्टिकल के बिना कैसे पढ़ाई जाएगी? सिर्फ थ्योरी से बच्चे साइबर क्राइम से नहीं बच पाएंगे।
पहले के प्रयोग भी फेल
जमीन पर कुछ नहीं हुआ, पर उपलब्धि जरूर दर्ज हो गई। अभिभावकों का कहना है कि पहले बुनियादी पढ़ाई तो सुधार लें। हिंदी-अंग्रेजी-गणित ढंग से पढ़ा दें, साइबर सिक्योरिटी बाद में पढ़ा लेना।
गेस्ट टीचर्स के भरोसे एडवांस शिक्षा
FAQ
- सरकारी स्कूलों में साइबर सिक्योरिटी कौन पढ़ाएगा?
यही सबसे बड़ा सवाल है। प्रदेश के स्कूलों में हिंदी, अंग्रेजी, गणित के हजारों पद खाली हैं। विभाग 70 हजार गेस्ट टीचर्स के भरोसे चल रहा है। साइबर सिक्योरिटी के लिए प्रशिक्षित शिक्षक नहीं हैं। शिक्षकों को ट्रेनिंग देने की कोई योजना भी सामने नहीं आई है।
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