भस्मासुर से बचने इस गुफा में छिपे थे शिव, जानें पचमढ़ी की गुप्त महादेव गुफा का रहस्य
Kaushiki | Aug 06, 2026, 16:10 IST
Gupt Mahadev Temple Pachmarhi
मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में स्थित गुप्त महादेव और जटाशंकर गुफा मंदिर बेहद रहस्यमयी हैं। सावन में यहाँ भक्तों की भीड़ लगती है। पौराणिक कथा के अनुसार भस्मासुर से बचने के लिए शिवजी यहाँ छिपे थे। जानिए इस मंदिर का रहस्य।
Gupt Mahadev Pachmarhi: सावन में शिवजी के दर्शन का खास महत्व होता है। अगर आप इस सावन किसी अद्भुत जगह जाना चाहते हैं, तो मध्य प्रदेश का पचमढ़ी शहर आपके लिए सबसे अच्छा है। पचमढ़ी को सतपुड़ा की रानी भी कहा जाता है। यहां की ऊंची पहाड़ियों के बीच गुप्त महादेव मंदिर है। साथ ही पास में प्रसिद्ध जटाशंकर गुफा मंदिर स्थित है। ये दोनों मंदिर अपने आप में बेहद अनोखे हैं।
घने जंगलों और गहरी गुफाओं में बने ये स्थान चमत्कारी हैं। यहां की गुफाएं इतनी संकरी हैं कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मंदिर के अंदर का नजारा किसी को भी हैरान कर देगा। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, भस्मासुर से बचने शिवजी यहां आए थे। उन्होंने इन्हीं गुफाओं के अंदर शरण ली थी। सावन के महीने में यहां का नजारा देखते ही बनता है। देशभर से लाखों भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। आइए जानते हैं इन रहस्यों से भरी गुफाओं का सच।
![e66d5482-57c]()
गुप्त महादेव मंदिर मध्य प्रदेश के पचमढ़ी में है। यह सुंदर सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच स्थित है। यहां की प्राकृतिक गुफाएं बहुत ही प्रसिद्ध हैं। गुफा के अंदर हमेशा हल्की ठंडी हवा चलती है। सावन में यहां का प्राकृतिक दृश्य बहुत सुंदर दिखता है।
यह स्थान प्रकृति और भक्ति का अद्भुत मेल है। गुप्त महादेव की गुफा बहुत ज्यादा संकरी है। गुफा की चौड़ाई केवल दो से तीन फीट है। यहां एक बार में एक ही व्यक्ति प्रवेश करता है। लोग एक-एक करके ही गुफा के अंदर जाते हैं।
गुफा में थोड़ी दूर पैदल चलना पड़ता है। अंदर पहुंचते ही प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन होते हैं। शिवलिंग के पास एक छोटा सा दीपक जलता रहता है। यहां दर्शन करके भक्तों को असीम शांति मिलती है।
![गुप्त महादेव, पचमढ़ी, मध्य प्रदेश, पर्यटन, 2021 | कैसे पहुंचे गुप्त महादेव, गुफा, मंदिर, शिव, समय, करने के लिए चीज़ें, शुल्क - Tripinvites - TripInvites]()
भस्मासुर से जुड़ी
पौराणिक कथाओं में इस स्थान का वर्णन मिलता है। राक्षस भस्मासुर ने कठोर तपस्या की थी। भगवान शिव ने प्रसन्न होकर उसे वरदान दिया था। भस्मासुर जिसके सिर पर हाथ रखता वह भस्म हो जाता।
वरदान पाते ही वह शिवजी को भस्म करने दौड़ा। अपनी रक्षा के लिए शिवजी सतपुड़ा की पहाड़ियों में आए। भगवान शिव इन गुप्त गुफाओं में आकर छिप गए। इसी वजह से इस जगह को गुप्त महादेव कहते हैं।
![जटाशंकर: पचमढ़ी का रहस्यमय गुफा मंदिर, जहाँ प्रकृति, पौराणिक कथाएँ और रोमांच का संगम होता है - ट्रैवल वर्ल्ड डायरेक्टरी]()
गुप्त महादेव के पास ही जटाशंकर गुफा है। कहा जाता है शिवजी भागते हुए यहां पहुंचे थे। जल्दी में उनकी जटाएं इस गुफा में छूट गईं। गुफा की चट्टानें शिवजी की जटाओं जैसी दिखती हैं। यहां चट्टानों से अपने आप पानी टपकता रहता है। यह पानी सीधे प्राकृतिक शिवलिंग पर गिरता है। स्थानीय लोग इसे बहुत बड़ा चमत्कार मानते हैं। यहां आने वाले भक्त इस दृश्य को देखकर झूम उठते हैं।
शिवजी को संकट में देखकर भगवान विष्णु आगे आए। विष्णुजी ने सुंदर मोहिनी रूप धारण किया। वे भस्मासुर के सामने जाकर नृत्य करने लगे। भस्मासुर मोहिनी के सुंदर रूप पर मोहित हो गया। वह मोहिनी की तरह ही नाचने लगा। नृत्य करते समय उसने अपना हाथ सिर पर रख लिया। वरदान के कारण भस्मासुर खुद ही भस्म हो गया। इसके बाद भगवान शिव सुरक्षित गुफा से बाहर निकले।
![पचमढ़ी में शिव महादेव के गुफा मंदिर, अवश्य देखने योग्य स्थान | यात्रा ब्लॉग]()
सावन का पूरा महीना यहां बहुत खास होता है। देश के कोने-कोने से श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। हर तरफ बम-बम भोले के जयकारे गूंजते हैं।
भक्त शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं। सावन के सोमवार को यहां बहुत भीड़ होती है। मंदिर समिति भक्तों के लिए अच्छे इंतजाम करती है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहता है।
![fcf1feaf-aed]()
पचमढ़ी जाने के लिए सड़क मार्ग बहुत आसान है। भोपाल और होशंगाबाद से सीधी बसें मिल जाती हैं। सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया स्थित है। पिपरिया से पचमढ़ी की दूरी 50 किलोमीटर है।
पिपरिया स्टेशन से टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। निकटतम हवाई अड्डा भोपाल शहर में स्थित है। भोपाल से आप टैक्सी लेकर पचमढ़ी पहुंच सकते हैं।
![cc0f16fe-63c]()
गुफा में जाने के लिए आरामदायक जूते पहनें। सावन में बारिश के कारण रास्ते में फिसलन होती है। गुफा के अंदर ज्यादा सामान लेकर बिल्कुल न जाएं। छोटे बच्चों का हाथ हमेशा पकड़कर रखें। स्थानीय नियमों का पालन जरूर करें। प्रकृति को साफ रखें और कचरा न फैलाएं। मंदिर दर्शन का समय सुबह 6 से शाम 6 है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
क्या रात के समय भगवान की पूजा करना सही है, पहले जान लें ये जरूरी बातें
गीता में कृष्ण ने क्यों कहा मैं वृक्षों में पीपल हूं, जानें पीपल पूजा के नियम
सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा का क्या है असली राज, भूलकर भी न करें ये काम
सावन में क्यों होती है नागों की पूजा, जानें इसके पीछे का रहस्य
घने जंगलों और गहरी गुफाओं में बने ये स्थान चमत्कारी हैं। यहां की गुफाएं इतनी संकरी हैं कि रोंगटे खड़े हो जाते हैं। मंदिर के अंदर का नजारा किसी को भी हैरान कर देगा। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, भस्मासुर से बचने शिवजी यहां आए थे। उन्होंने इन्हीं गुफाओं के अंदर शरण ली थी। सावन के महीने में यहां का नजारा देखते ही बनता है। देशभर से लाखों भक्त यहां दर्शन करने आते हैं। आइए जानते हैं इन रहस्यों से भरी गुफाओं का सच।
e66d5482-57c
पचमढ़ी की पहाड़ियों में छिपे महादेव
यह स्थान प्रकृति और भक्ति का अद्भुत मेल है। गुप्त महादेव की गुफा बहुत ज्यादा संकरी है। गुफा की चौड़ाई केवल दो से तीन फीट है। यहां एक बार में एक ही व्यक्ति प्रवेश करता है। लोग एक-एक करके ही गुफा के अंदर जाते हैं।
गुफा में थोड़ी दूर पैदल चलना पड़ता है। अंदर पहुंचते ही प्राकृतिक शिवलिंग के दर्शन होते हैं। शिवलिंग के पास एक छोटा सा दीपक जलता रहता है। यहां दर्शन करके भक्तों को असीम शांति मिलती है।
गुप्त महादेव, पचमढ़ी, मध्य प्रदेश, पर्यटन, 2021 | कैसे पहुंचे गुप्त महादेव, गुफा, मंदिर, शिव, समय, करने के लिए चीज़ें, शुल्क - Tripinvites - TripInvites
भस्मासुर से जुड़ी पौराणिक कथाएं
वरदान पाते ही वह शिवजी को भस्म करने दौड़ा। अपनी रक्षा के लिए शिवजी सतपुड़ा की पहाड़ियों में आए। भगवान शिव इन गुप्त गुफाओं में आकर छिप गए। इसी वजह से इस जगह को गुप्त महादेव कहते हैं।
जटाशंकर: पचमढ़ी का रहस्यमय गुफा मंदिर, जहाँ प्रकृति, पौराणिक कथाएँ और रोमांच का संगम होता है - ट्रैवल वर्ल्ड डायरेक्टरी
विष्णुजी ने किया था भस्मासुर का अंत
शिवजी को संकट में देखकर भगवान विष्णु आगे आए। विष्णुजी ने सुंदर मोहिनी रूप धारण किया। वे भस्मासुर के सामने जाकर नृत्य करने लगे। भस्मासुर मोहिनी के सुंदर रूप पर मोहित हो गया। वह मोहिनी की तरह ही नाचने लगा। नृत्य करते समय उसने अपना हाथ सिर पर रख लिया। वरदान के कारण भस्मासुर खुद ही भस्म हो गया। इसके बाद भगवान शिव सुरक्षित गुफा से बाहर निकले।
पचमढ़ी में शिव महादेव के गुफा मंदिर, अवश्य देखने योग्य स्थान | यात्रा ब्लॉग
सावन के महीने में लगता है मेला
भक्त शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं। सावन के सोमवार को यहां बहुत भीड़ होती है। मंदिर समिति भक्तों के लिए अच्छे इंतजाम करती है। सुरक्षा के लिए पुलिस बल भी तैनात रहता है।
fcf1feaf-aed
कैसे पहुंचे पचमढ़ी के इस मंदिर
पिपरिया स्टेशन से टैक्सियां आसानी से मिल जाती हैं। निकटतम हवाई अड्डा भोपाल शहर में स्थित है। भोपाल से आप टैक्सी लेकर पचमढ़ी पहुंच सकते हैं।
cc0f16fe-63c
यात्रा के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।
FAQ
- पचमढ़ी का गुप्त महादेव मंदिर क्यों प्रसिद्ध है?
गुप्त महादेव मंदिर अपनी बेहद संकरी प्राकृतिक गुफा और पौराणिक कथा के लिए प्रसिद्ध है। मान्यता है कि भस्मासुर से बचने के लिए भगवान शिव ने इसी गुप्त गुफा में शरण ली थी। - जटाशंकर गुफा मंदिर पचमढ़ी का क्या रहस्य है?
मान्यता के अनुसार भस्मासुर से भागते समय भगवान शिव की जटाएं इस गुफा में छूट गई थीं। यहाँ की चट्टानें जटाओं जैसी दिखती हैं और उन पर प्राकृतिक रूप से जल टपकता रहता है। - गुप्त महादेव पचमढ़ी पहुंचने का सबसे आसान रास्ता कौन सा है?
सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन पिपरिया है, जो पचमढ़ी से 50 किमी दूर है। पिपरिया से टैक्सी या बस द्वारा आसानी से गुप्त महादेव और जटाशंकर पहुँचा जा सकता है।
क्या रात के समय भगवान की पूजा करना सही है, पहले जान लें ये जरूरी बातें
गीता में कृष्ण ने क्यों कहा मैं वृक्षों में पीपल हूं, जानें पीपल पूजा के नियम
सावन में पार्थिव शिवलिंग पूजा का क्या है असली राज, भूलकर भी न करें ये काम
सावन में क्यों होती है नागों की पूजा, जानें इसके पीछे का रहस्य
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
By Jitendra Shrivastava
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती
By VINAY VERMA