सिंधिया घराने की पहचान ग्वालियर मेला को अब सीएम यादव के विक्रमोत्सव से मिलेगी चुनौती, ऑटो सेक्टर छूट के साथ रीजनल इंडस्ट्रियल कान्क्लेव भी

Pratibha Rana | Feb 22, 2024, 13:20 IST
Share
BGB CV
ग्वालियर मेला VS उज्जैन मेला

ग्वालियर मेला 25 दिसंबर से 25 फरवरी तक होता है और इसके एक सप्ताह से भी कम समय में अब विक्रमोत्सव होगा, इस बार यह एक मार्च से शुरू हो रहा है। ऐसे में जो मालवा-निमाड़ रीजन के व्यक्ति छूट के लिए वाहन खरीदी के लिए ग्वालियर जाते हैं।

संजय गुप्ता, INDORE. साल 1905 से सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) घराने की पहचान रहे ग्वालियर मेले को अब सीएम डॉ. मोहन यादव (CM Dr. Mohan Yadav) के विक्रमोत्सव से चुनौती मिलने जा रही है। विक्रमोत्सव में वह सभी कार्यक्रम शामिल है जो ग्वालियर मेले में होते हैं, खासकर ऑटो सेक्टर को मिलने वाली छूट जो ग्वालियर मेले की सबसे बड़ी पहचान है। विक्रमोत्सव में यह छूट तो मिलेगी ही, साथ ही इसके साथ ही एक व दो मार्च को पहली रीजनल इंडस्ट्रियल कान्क्वेल भी हो रही है जो उज्जैन को निवेश और रोजगार का गढ़ बनाने के लिए अहम पहल है।

ये खबर भी पढ़िए...पटवारी नियुक्ति रोकने के लिए आंदोलनकारी हाईकोर्ट जाने की तैयारी में, उधर सहायक विस्तार अधिकारी नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी

क्यों मिलेगी सिंधिया की पहचान को चुनौती


ग्वालियर मेला 25 दिसंबर से 25 फरवरी तक होता है और इसके एक सप्ताह से भी कम समय में अब विक्रमोत्सव होगा, इस बार यह एक मार्च से शुरू हो रहा है। ऐसे में जो मालवा-निमाड़ रीजन के व्यक्ति छूट के लिए वाहन खरीदी के लिए ग्वालियर जाते हैं वह वहां जाने की जगह इंदौर के पास उज्जैन की ओर रूख करेंगे। क्योंकि छूट तो वही मिल रही है। मोहन सरकार का इरादा हर गुड़ी पड़वा के समय इसका उज्जैन में आयोजन करने से है। इस बार ग्वालियर मेले में 900 करोड़ से ज्यादा के वाहन बिके, यह कारोबार आने वाले समय में निश्चित तौर पर अब उज्जैन की ओर शिफ्ट होगा। वहीं सीएम का गृह जिला होने से कारोबारी और डीलर्स भी इस ओर जाना अधिक पसंद करेंगे।

lll
lll


ये खबर भी पढ़िए...ट्रैफिक सिग्नल का पालन करते दिखे राजस्थान के सीएम भजनलाल

परिवहन पंजीयन शुल्क में यहां भी 50 फीसदी की छूट


- उज्जैन व्यापार मेले जो विक्रमोत्सव का ही हिस्सा है, इसमें वाहन खरीदी पर रोड टैक्स में 50 फीसदी की छूट मिलेगी जो ग्वालियर मेले में भी मिलती है। मेला एक मार्च से नौ अप्रैल तक चलेगा।
- उज्जैन के बाहर के आने वाले ऑटोमोबाइल व्यवसाई यहां के रीजनल परिवहन कार्यालय से व्यवसाय सर्टिफिकेट ले सकेंगे।
- यह वाहन उज्जैन आरटीओ में ही पंजीकृत होना जरूरी होगा

इलेक्ट्रानिक्स गुड्स पर भी विशेष छूट देंगे


केवल यह छूट का ऑफर ऑटो सेक्टर पर नहीं है बल्कि इलेक्ट्रानिक्स गुड्स पर भी आकर्षक छूट देने की बात कही जा रही है। इसके लिए थोक डीलर्स से बात हो रही है कि वह विशेष ऑफर देकर सीधे माल बेचें, जिससे लोगों को डिस्काउंट मिल सके। यानि रिटेल में बिकने वाले माल की तुलना में ग्राहकों को यहां पर छूट अधिक मिलेगी।

ये खबर भी पढ़िए..जम्मू कश्मीर के पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक के घर CBI रेड

रीजनल कान्क्लेव एक बड़ा कदम


ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जगह सीएम डॉ. मोहन यादव ने रीजनल स्तर पर समिट करने का फैसला लिया है और इसकी शुरूआत मालवा-निमाड़ रीजन में उज्जैन में रीजनल इंडस्ट्रियल कान्क्लेव से हो रही है, जो एक व दो मार्च को उज्जैन में होगी। उल्लेखनीय है कि मप्र में कुल निवेश का 80 फीसदी हिस्सा इसी रीजन में आता है। इसमे वन टू वन मीटिंग, प्रमुख सेक्टर जिसमें धार्मिक पयर्टन, मेडिकल डिवाइस, एग्रो, डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, फार्मा भी शामिल है, उस पर निवेश पर जोर होगा, इस रीजन के सभी प्रमुख खूबियों की जानकारी दी जाएगी। कान्क्वेल के लिए 22 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं।

इसमें करार नहीं होंगे, नंबर गेम पर भरोसा नहीं


इसमें मोहन सरकार का पूरा ध्यान वास्तविक निवेश पर है और किसी तरह के एमओयू नहीं होंगे। जो निवेश करना चाहता है वह यहां की खूबियां, मौजूदा 5000 हेक्टेयर लैंड बैंक को देखे और निवेश करें। एमपीआईडीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजेश राठौड़ ने कहा कि एक हजार से अधिक प्रतिनिधि इसमें शामिल हो रहे हैं, हम इस रीजन की सभी खूबियां और अन्य जानकारी उपलब्ध कराएंगे, ताकि निवेशक इन्हें देखकर सीधे निवेश करने पर विचार करे और धरातल पर प्रोजेक्ट लेकर आए।

ये खबर भी पढ़िए..पटवारी नियुक्ति रोकने के लिए आंदोलनकारी हाईकोर्ट जाने की तैयारी में, उधर सहायक विस्तार अधिकारी नियुक्ति प्रक्रिया भी जारी

इंडस्ट्रियल कान्क्लेव का इस तरह होगा आयोजन


एक मार्च को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में इस कॉन्क्लेव का शुभारंभ होगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल भी मौजूद रहेंगे। मुख्य सचिव श्रीमती वीरा राणा के स्वागत भाषण के पश्चात प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह प्रदेश में निवेश की संभावनाएं , पॉलिसी और अवसर को लेकर प्रेजेंटेशन देंगे तो एमएसएमई और स्टार्टअप पर पी नरहरि जानकारी रखेंगे। वही एमपीआईडीसी एमडी चंद्रमौली शुक्ला भी निवेश के अवसर और उनके विभाग द्वारा तैयार किए लैंड बैंक सहित पॉलिसी पर बात करेंगे।

विदेशों से भी आ रहे प्रतिनिधि


एक हजार से अधिक प्रतिनिधिय. के साथ ही यूएसए, मंगोलिया और फिजी का सरकारी प्रतिनिधिमंडल भी शिरकत करेगा तो साउथ कोरिया , जर्मनी और जापान के व्यापारिक प्रतिनिधि मंडल भी आ रहे हैं।

Tags:
  • CM Dr. Mohan Yadav
  • सीएम डॉ. मोहन यादव
  • Jyotiraditya Scindia
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा