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Gwalior. ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 10 वर्षीय मासूम का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक बच्चा तीसरी कक्षा का छात्र था और घटना के समय घर में अकेला था। पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और बड़ी साजिश।
कब हुआ यह हादसा
मूल रूप से सबलगढ़ के रहने वाले कमल सिंह केवट ग्वालियर के कैंसर अस्पताल में कार्यरत हैं। वह यहां किराए के मकान में अपने 10 साल के बेटे सौरभ के साथ रहते थे। रविवार शाम करीब 6:50 मिनट पर कमल सिंह अपने बेटे को खाना खिलाकर ड्यूटी पर चले गए थे।
घर में सौरभ अकेला था, इसलिए पिता ने अपने मित्र और ऊपर के कमरे में रहने वाले किराएदार पवन धाकड़ को फोन कर कहा था कि वह रात में बच्चे के साथ ही सो जाएं। रात करीब 8:41 बजे जब पवन धाकड़ ड्यूटी से लौटे तो उन्होंने सौरभ का दरवाजा खटखटाया। काफी देर तक कोई जवाब नहीं मिला।
पवन को अनहोनी की आशंका होने पर उन्होंने पास की एक महिला किराएदार की मदद से अंदर देखा। तो सौरभ बेड पर लगी एक कील के सहारे फंदे से लटका हुआ था। पवन ने आनन-फानन में इसकी सूचना सौरभ के पिता और पुलिस को दी।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गई सांसें
सूचना मिलते ही पिता कमल सिंह बदहवास हालत में घर पहुंचे। झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह के मुताबिक पिता ने बताया कि जब उन्होंने बच्चे को नीचे उतारा तब उसकी नब्ज चल रही थी। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही FSL टीम ने भी मौके पर पहुंचकर बारीकी से साक्ष्य जुटाए हैं।
घटना के वक्त सौरभ की मां गांव में थी
मृतक सौरभ की मां रामसनेही अपने छोटे बेटे गौरव के साथ 27 जनवरी को ही ग्वालियर से गांव गई थीं। पिता कमल सिंह का कहना है कि शाम को खाना खाते वक्त सौरभ बिल्कुल सामान्य था और उसने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। पिता ने इस मामले में हत्या की आशंका जाहिर की है, जिससे मामला और भी पेचीदा हो गया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
झांसी रोड पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मर्ग कायम कर लिया गया है और मौत के असली कारणों (हत्या या आत्महत्या) का पता बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। इतना आत्मघाती कदम 10 साल के बच्चे का उठाना हर किसी के गले नहीं उतर रहा है, इसलिए पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है।
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