हरदा किसान आंदोलन: समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी और फसल बीमा के हक की बड़ी लड़ाई

Ramanand Tiwari | Jul 15, 2026, 22:20 IST
Share
harda-farmers-protest-moong-msp-news
harda-farmers-protest-moong-msp-news

हरदा में मूंग MSP खरीदी घटने से नाराज हजारों किसानों ने इंदौर-नागपुर हाईवे पर चक्काजाम किया। किसान 100% MSP खरीदी, ज्यादा खरीदी केंद्र और फसल बीमा राशि की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने 500 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं।

हरदा में किसानों का चक्काजाम सिर्फ MSP की लड़ाई नहीं है। यह उन सरकारी व्यवस्थाओं पर बड़ा सवाल है, जो हर सीजन नए वादे करती हैं, लेकिन किसानों को फिर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर कर देती हैं।

मध्यप्रदेश में एक बार फिर किसानों का गुस्सा सड़क पर है। हरदा के पास इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर हजारों किसानों का चक्काजाम केवल मूंग खरीदी का मुद्दा नहीं, बल्कि सरकारी व्यवस्थाओं की लगातार नाकामी की कहानी भी है। सवाल यह है कि जब हर साल खरीद, सर्वर, बीमा और भुगतान जैसी समस्याएं दोहराई जाती हैं, तो समीक्षा बैठकों के बावजूद हालात क्यों नहीं बदलते?

हर साल वही संकट, किसान फिर सड़क पर

कभी गेहूं खरीदी में अव्यवस्था, कभी समर्थन मूल्य पोर्टल पर सर्वर डाउन, कभी फसल बीमा भुगतान में देरी और अब मूंग खरीदी को लेकर विरोध। हर सीजन किसानों के सामने नई परेशानी खड़ी हो जाती है, लेकिन व्यवस्था में स्थायी सुधार दिखाई नहीं देता।

इस बार हरदा में किसानों ने इंदौर-नागपुर नेशनल हाईवे पर टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया। इससे यातायात प्रभावित हुआ और आम लोगों को भी घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।

किसानों की नाराजगी की तीन बड़ी वजह

किसानों ने आंदोलन के दौरान अपनी प्रमुख मांगें साफ रखीं।

  • मूंग की 100% खरीदी समर्थन मूल्य (MSP) पर हो।
  • जिले में खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाए।
  • खरीफ-2025 की लंबित फसल बीमा राशि जल्द खातों में भेजी जाए।
किसानों का कहना है कि जब उत्पादन बढ़ा है तो खरीदी घटाने का कोई औचित्य नहीं है।

वादे बड़े, खरीदी छोटी..यहीं से बढ़ा गुस्सा

किसानों का आरोप है कि पहले प्रति हेक्टेयर 10 से 12 क्विंटल तक मूंग खरीदी जाती थी। इस बार उत्पादन अधिक होने के बावजूद खरीदी सीमा घटाकर करीब 3 क्विंटल प्रति हेक्टेयर कर दी गई।

उनका कहना है कि सरकार ने किसानों से जो वादे किए थे, जमीन पर उनकी तस्वीर अलग दिखाई दे रही है।

समीक्षा बैठकों के बावजूद क्यों नहीं सुधरती व्यवस्था?

सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब हर साल खरीदी सीजन से पहले तैयारी की जाती है, तो फिर आंदोलन की नौबत क्यों आती है?

यदि समय रहते खरीदी केंद्र बढ़ा दिए जाते, तकनीकी दिक्कतें दूर कर दी जातीं और भुगतान प्रक्रिया तेज होती, तो शायद किसानों को सड़क पर बैठने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

यही स्थिति प्रशासनिक मॉनिटरिंग पर भी सवाल खड़े करती है। कागजों में समीक्षा होती है, लेकिन फील्ड में समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं।

प्रशासन अलर्ट, लेकिन सवाल व्यवस्था पर

आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने करीब 500 पुलिसकर्मी तैनात किए हैं। आसपास के जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।

कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, एसपी शशांक और अन्य अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

हालांकि किसानों का कहना है कि यदि समस्याओं का समाधान पहले ही कर दिया जाता, तो इतनी बड़ी पुलिस व्यवस्था की जरूरत ही नहीं पड़ती।

20 हजार किसानों के पहुंचने का दावा

आम किसान यूनियन के नेताओं का दावा है कि जिले के अलग-अलग गांवों से लगातार किसान आंदोलन स्थल पहुंच रहे हैं।

संगठन का कहना है कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और बड़ा हो सकता है।

आम जनता भी बनी परेशानी की भागीदार

हाईवे जाम होने से इंदौर और हरदा के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। ऐसी स्थिति हर बार यह सवाल छोड़ जाती है कि सरकारी तैयारी की कमी का खामियाजा आखिर आम नागरिक और किसान दोनों क्यों भुगतें?

मुख्य बातें एक नजर में

  • हरदा में किसानों ने नेशनल हाईवे पर चक्काजाम किया।
  • मूंग की 100% MSP खरीदी की मांग।
  • खरीदी केंद्र बढ़ाने की मांग।
  • खरीफ-2025 की फसल बीमा राशि जारी करने की मांग।
  • करीब 5 हजार किसान धरने पर, 20 हजार जुटने का दावा।
  • 500 पुलिसकर्मी तैनात।
  • हाईवे जाम होने से आम लोगों को परेशानी।
यह खबरें भी पढ़ें...

इंदौर में 1539 पुलिस अधिकारी पदोन्नत, सीएम ने वर्दी की रिबन काट किया सम्मानित

एमपी के 1895 स्कूलों में एक भी शिक्षक नहीं! CAG की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट सख्त

MP में मास्टर प्लान: छोटे शहर आगे, भोपाल-इंदौर पीछे, सीहोर-रीवा प्लान को मिली रफ्तार

एमपी के सरकारी अस्पताल होंगे पूरी तरह पेपरलेस, सबकुछ होगा डिजिटल

Tags:
  • चक्काजाम
  • हरदा
  • MSP
  • समर्थन मूल्य
  • खरीदी केंद्र
  • मूंग खरीदी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा