बेटे और बेटी की शिक्षा में फर्क क्यों? इंदौर हाईकोर्ट ने पिता की दलील को किया खारिज
Anjali Dwivedi | Jun 01, 2026, 16:39 IST
indore highcourt
इंदौर हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि पिता बेटे और बेटी की शिक्षा के खर्च में भेदभाव नहीं कर सकता है। कोर्ट ने नाबालिग बेटी की याचिका पर उसका गुजारा भत्ता बढ़ाने का आदेश दिया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- इंदौर हाईकोर्ट ने बच्चों की शिक्षा को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
- कोर्ट ने कहा कि कोई भी पिता बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में अंतर नहीं कर सकता।
- एक नाबालिग बेटी ने अपने पिता के खिलाफ गुजारा भत्ता बढ़ाने की याचिका दायर की थी।
- पिता का तर्क था कि वह बेटे की पढ़ाई पर पहले ही बहुत पैसा खर्च कर चुका है।
- हाई कोर्ट ने पिता की दलील खारिज करते हुए बेटी का गुजारा भत्ता बढ़ाने का आदेश दिया।
यह पूरा मामला एक नाबालिग बेटी से जुड़ा हुआ है। उस बेटी ने अदालत में अपने पिता के खिलाफ एक अर्जी लगाई थी। बेटी का कहना था कि उसे मिलने वाले पैसे उसकी अच्छी पढ़ाई के लिए कम पड़ रहे हैं।
पिता की दलील को कोर्ट ने किया खारिज
पिता ने आगे तर्क दिया कि बेटे पर ज्यादा खर्च होने के कारण वह बेटी को अलग से अतिरिक्त राशि देने में असमर्थ है। हालांकि हाई कोर्ट ने पिता की इस दलील को मानने से साफ इनकार कर दिया।
पिता बेटे और बेटी की पढ़ाई के खर्च में भेदभाव नहीं कर सकते: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट
शिक्षा हर बच्चे का बुनियादी अधिकार है
अदालत ने आगे जोड़ा कि लड़की होने की वजह से उसकी पढ़ाई की जरूरतों को कम करके नहीं आंका जा सकता। कानून के सामने माता-पिता पर दोनों बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी बिल्कुल बराबर रूप से लागू होती है।
बेटी की राशि बढ़ाने का दिया निर्देश
अदालत ने स्पष्ट किया कि बेटी को अच्छी शिक्षा, बेहतर विकास और सम्मानजनक जीवन देना पिता का कानूनी कर्तव्य है। कोई भी पिता अपनी इस बड़ी जिम्मेदारी से किसी भी बहाने पीछे नहीं हट सकता है।
इंदौर में एक नाबालिग बेटी की तरफ से पैरवी कर रहे वकील पंकज खंडेलवाल ने भी इस निर्णय की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह फैसला समाज में बेटियों की शिक्षा और उनके समान अधिकारों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।
इस फैसले से साफ है कि अब कोई भी व्यक्ति पैसे की कमी का बहाना बनाकर अपनी बेटी को पढ़ने से नहीं रोक पाएगा। यह आदेश देश की हर बेटी को आगे बढ़ने का एक नया हौसला देता है।
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