हैंग होती HC वेबसाइट, कोर्ट को लेना पड़ा संज्ञान, तकनीकी खामियों पर मांगी जांच
Neel Tiwari | Sept 09, 2026, 20:04 IST
Photograph: (THESOOTR)
JABALPUR. मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की नई वेबसाइट लगातार तकनीकी दिक्कतों से जूझ रही है। ई-सुनवाई से लेकर दस्तावेज अपलोड करने तक परेशानी सामने आई। अब कोर्ट ने खुद इस मामले में संज्ञान लिया है। सात दिन में जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- हाईकोर्ट की नई वेबसाइट शुरू होने के बाद कई दिक्कतें सामने आईं।
- ई-सुनवाई के दौरान भी वेबसाइट सही तरीके से काम नहीं कर रही।
- दस्तावेज अपलोड करने और जानकारी लेने में भी परेशानी हुई।
- कोर्ट ने आईटी व्यवस्था की खामियों पर गंभीर नाराजगी जताई।
- अब सात दिन में जांच और 30 दिन में स्वतंत्र ऑडिट होगा।
कभी वेबसाइट धीमी हो रही है, तो कभी काम ही नहीं करती। इसका असर कोर्ट के कई जरूरी कामों पर पड़ रहा है। ई-सुनवाई से लेकर दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी हो रही है।
वकीलों को भी जरूरी जानकारी हासिल करने में दिक्कत आ रही है। बीते कुछ दिनों में यह परेशानी और ज्यादा बढ़ गई। आखिरकार अब हाईकोर्ट को खुद इस मामले में संज्ञान लेना पड़ा।
ई-सुनवाई के दौरान भी वेबसाइट ने नहीं दिया साथ
सुनवाई के दौरान वेबसाइट ई-सुनवाई में सहयोग नहीं कर रही थी। वेबसाइट में कई तकनीकी खामियां सामने आईं। इससे अदालत की कार्यवाही भी प्रभावित हुई। कोर्ट ने इस परेशानी को गंभीरता से लिया।
कोर्ट ने कहा, आईटी खामियों से बर्बाद हुआ न्यायिक समय
इसके लिए रजिस्ट्रार आईटी सीएसए को जवाब देना होगा। कोर्ट ने श्री केएस कुशवाहा से कारण बताने को कहा।।उन्हें बताना होगा कि काम में रुकावट क्यों आई।
आठ दिन में वेबसाइट ठीक होने की बात कही गई थी
कोर्ट ने इसी बात पर गंभीर चिंता जताई। पीठ ने माना कि समस्या अभी भी बनी हुई है। इसलिए अब इसकी अलग से जांच कराने का फैसला हुआ।
वकीलों ने कहा, पुरानी वेबसाइट ज्यादा बेहतर थी
कुछ वकीलों ने पुरानी वेबसाइट को बेहतर बताया। उनका कहना था कि पुरानी वेबसाइट ज्यादा आसानी से चलती थी। इस शिकायत ने भी कोर्ट की चिंता बढ़ाई। कोर्ट ने वकीलों की बात को गंभीरता से लिया। इसके बाद वेबसाइट की जांच का आदेश दिया गया।
सात दिन में बताना होगा वेबसाइट क्यों खराब हुई
जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अगर कोई दोषी मिला, तो कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट सात दिन के भीतर देनी होगी। रिपोर्ट इसी पीठ के सामने पेश करनी होगी।
अब बाहरी विशेषज्ञ करेंगे हाईकोर्ट के आईटी सिस्टम की जांच
इंफोसिस और एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज का भी नाम है। इन कंपनियों के विशेषज्ञ सिस्टम की जांच कर सकते हैं। इस जांच को तीसरे पक्ष से कराया जाएगा। ऑडिट रिपोर्ट 30 दिन के भीतर कोर्ट में देनी होगी।
सीडॉट और नैसकॉम के अधिकारी भी टीम में हो सकते हैं
विशेषज्ञ वेबसाइट की तकनीकी व्यवस्था की जांच करेंगे। वे यह भी देखेंगे कि परेशानी कहां से आ रही है। ऑडिट के बाद इसकी पूरी रिपोर्ट कोर्ट में आएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय हो सकती है।
जांच के दौरान भी सिस्टम में बफरिंग और हैंगिंग मिली
कई बार सिस्टम हैंग होने की स्थिति भी बनी। इससे कोर्ट के सामने समस्या की गंभीरता साफ हुई। अब जांच में इन खामियों की वजह तलाशनी होगी। साथ ही जिम्मेदारी भी तय की जा सकती है।
अब वेबसाइट सुधारने की जिम्मेदारी तय होगी
30 दिन में स्वतंत्र ऑडिट की रिपोर्ट भी आएगी। इसके बाद वेबसाइट की कमियों की पूरी तस्वीर साफ होगी। कोर्ट की इस कार्रवाई से सुधार की उम्मीद बढ़ी है।
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