BRTS पर हाईकोर्ट अधिकारियों की बहानेबाजी पर हुआ सख्त, मजबूर मत करिए कि हम सख्त एक्शन लें
Sanjay Gupta | Jan 12, 2026, 18:15 IST
Photograph: (thesootr)
इंदौर बीआरटीएस हटाने का मामला फरवरी 2025 से अटका है। हाईकोर्ट ने 12 जनवरी को अधिकारियों की बहानेबाजी पर नाराजगी जताई और 19 जनवरी को सख्त एक्शन की चेतावनी दी।
News in Short
- बीआरटीएस हटाने के लिए फरवरी 2025 से टालमटोली हो रही है
- इस मामले व ट्रैफिक के अन्य मुद्दों को लेकर जनहित याचिकाएं दायर है
- हाईकोर्ट लगातार अधिकारियों को बुलाकर जवाब तलब कर रहा है
- सुनवाई के दौरान फिर अधिकारियों की बहानेबाजी हुई, इस पर अब डे टू डे मानिटरिंग की बात हुई है
News in Detail
बीआरटीएस हटाने वाला ठेकेदार फिर भाग गया है। उसे नोटिस दिए गए हैं लेकिन वह सुन नहीं रहा है। यह बात हाईकोर्ट में ट्रैफिक व बीआरटीएस के मुद्दे पर लगी जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अधिकारियों ने कही।
सुनवाई में कलेक्टर शिवम वर्मा के साथ ही ट्रैफिक डीसीपी आनंद कलादगी और निगमायुक्त क्षितिज सिंघल उपस्थित हुए थे। वहीं ठेकेदार के भागने को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया ने कहा कि ठेकेदार को भी इसमें अगली सुनवाई में बुलाया जाना चाहिए, क्योंकि हर बार यही बात हो रही है कि ठेकेदार काम नहीं कर रहे हैं।
एक साल होने को आ गया है और बीआरटीएस की रैलिंग तक अधिकारी नहीं हटवा सके हैं। वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बागडिया ने इसमें अहम तर्क रखे। उनके साथ अधिवक्ता शिरिन सिलावट थी। वहीं अन्य लिंक याचिकाओं में अधिवक्ता मनीष यादव है।
ये खबर भी पढ़ें...
इंदौर मां देवी अहिल्याबाई के होलकर राजवंश की विरासत को लेकर खड़ा हुआ विवाद, असली वंशज कौन?
एडिवेटेड कॉरिडोर का भी लिया बहाना
इसमें वर्तमान सीएम मोहन यादव तो शुरूआत कर चुके हैं, ऐसे में यह तो सिर्फ मामला सरकारी विभागों की लालफीताशाही का और एक-दूसरे के पाले में गेंद डालने के सिवा कुछ नहीं है। इसकी आड़ में यह बीआरटीएस की रैलिंग वाले काम से बच रहे हैं।
ये खबर भी पढ़ें...
MPPSC राज्य सेवा परीक्षा 2025 मेंस में कोई राहत नहीं, सुनवाई तारीख 10 फरवरी लगी
हाईकोर्ट ने दिखाई सख्ती
ये खबर भी पढ़ें...
MPPSC महाआंदोलन न्याय यात्रा 2.0 की तैयारी, मांगे फिर वही अधिक पद, 100 फीसदी रिजल्ट
ट्रैफिक डीसीपी पर जताई नाराजगी
जब इस पर नाराजगी जताई गई कि एक माह में नोडल अधिकारी तक नहीं नियुक्त कर सके तो फिर जवाब दिया गया कि बना दिया है लेकिन कमेटी को सूचित नहीं कर सके। इस पर हाईकोर्ट ने पूरी कार्यशैली को लेकर गहरी नाराजगी जाहिर की।
ये खबर भी पढ़ें...
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का दर्द- मुझे हराया लेकिन फिर भी मैंने उफ तक नहीं की
धार्मिक अतिक्रमण पर दो एक्शन रिपोर्ट
इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता अजय बाड़डिया ने आपत्ति लेते हुए कहा कि इसका मतलब है कि इन्होंने हाईकोर्ट के आदेश को ही नहीं पढ़ा है जिसमें पूरे शहर में चिन्हित करने और हटाने के लिए कहा गया था।
इस पर हाईकोर्ट ने दो सप्ताह में इस मामले में कलेक्टर को एक्शन रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया। जिसमें इन्हें चिन्हिंत करने जिसमें अवैध रूप से लाउडस्पीकर लगातार ध्वनि प्रदूषण भी किया जाता है उन्हें हटाने तक की रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया।
24 घंटे ट्रैफिक लाइट चालू रहे
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari