नगरपालिका टैक्स घोटाला: पतंजलि फूड्स टैक्स राहत मामले में हाईकोर्ट ने EOW से मांगा जवाब
Jitendra Shrivastava | Apr 22, 2026, 23:59 IST
Photograph: (thesootr)
JABALPUR. पतंजलि फूड्स को गलत तरीके से दी गई प्रॉपर्टी टैक्स राहत पर हाईकोर्ट ने EOW से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों पर 80 लाख के राजस्व नुकसान का आरोप है।
News In Short
- अधिकारियों ने नियमों के विरुद्ध भारी टैक्स राहत प्रदान की।
- कमर्शियल संपत्ति को कागजों में आवासीय श्रेणी में बदला गया।
- नगरपालिका को करीब 80 लाख रुपये के राजस्व का चूना लगा।
- हाईकोर्ट ने EOW को तीन सप्ताह में जवाब देने को कहा।
- परिषद की अनुमति के बिना गोपनीय तरीके से फैसला लिया गया।
News In Detail
न्यायालय ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से अब तक की प्रगति पूछी है। राजस्व की चोरी और पद के दुरुपयोग का यह मामला अब कानूनी पेचीदगियों में फंस गया है।
हाईकोर्ट की बड़ी कार्रवाई
न्यायालय ने अब तक की जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा। जनहित याचिका (Public Interest Litigation) के बाद यह आदेश आया है। राजस्व हानि को लेकर कोर्ट काफी गंभीर नजर आया। भ्रष्टाचार के आरोपों पर अब स्टेटस रिपोर्ट अनिवार्य है। अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं।
करोड़ों का कथित टैक्स घोटाला
याचिकाकर्ता ने इसे एक बड़ा भ्रष्टाचार बताया है। पद का दुरुपयोग (Misuse of Office) कर राहत दी गई। सरकारी खजाने को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया गया है। इस हेरफेर ने प्रशासनिक सुस्ती की पोल खोल दी है।
श्रेणी बदलकर की गई टैक्स चोरी
आवासीय श्रेणी में टैक्स की दरें बहुत कम होती हैं। इस बदलाव के लिए कोई ठोस आधार नहीं था। दस्तावेजों में हेरफेर कर पतंजलि को लाभ पहुँचाया गया। यह टैक्स चोरी (Tax Evasion) का एक स्पष्ट उदाहरण है। इसकी जांच अब उच्च स्तर पर की जा रही है।
परिषद को रखा गया अंधेरे में
प्रक्रियात्मक चूक (Procedural Lapse) को जानबूझकर नजरअंदाज किया गया। परिषद की बैठकों में इस पर चर्चा तक नहीं हुई। यह पारदर्शिता के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। बिना आधिकारिक प्रस्ताव के ही टैक्स राशि कम कर दी गई। प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को गोपनीय बनाए रखा।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तक्षेप
पूर्व मंत्री उमंग सिंघार ने भी इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी। भ्रष्टाचार (Corruption) के खिलाफ अब जनता एकजुट हो रही है। हाईकोर्ट के हस्तक्षेप से न्याय की उम्मीद जगी है। अब EOW की रिपोर्ट पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होने की संभावना बढ़ गई है।
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