उच्च शिक्षा विभाग का दोहरा रवैया : बीबीए-बीसीए में प्रवेश, बीए-बीएससी और बीकॉम में बंद

Sanjay Sharma | Aug 30, 2025, 18:20 IST
Share
higher education
higher education

मध्‍य प्रदेश में हजारों छात्रों के कॉलेज जाने का सपना उच्च शिक्षा विभाग तोड़ रहा है। कॉलेजों में अभी भी तीन लाख से ज्यादा सीटें खाली होने के बाद भी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश बंद कर दिए गए हैं।

BHOPAL. मध्य प्रदेश में हजारों छात्रों के कॉलेज जाने का सपना उच्च शिक्षा विभाग तोड़ रहा है। उच्च शिक्षा विभाग ने बीए, बीएससी, बीकॉम जैसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश 14 अगस्त के बाद से बंद कर दिए हैं। इस वजह से हायर सेकेण्डरी पास करके बैठे ये छात्र बेबस नजर आ रहे हैं। उधर प्रदेश के कॉलेजों में अभी भी तीन लाख से ज्यादा सीटें खाली पड़ी हैं।

सीट खाली होने के बावजूद उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रवेश पर रोक लगा देने से प्रवेश का औसत बीते साल के मुकाबले गिरने का अंदेशा है। मध्य प्रदेश में यह स्थिति तब है जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी स्वयं कॉलेजों में प्रवेश दर बढ़ाने का आह्वान कर चुके हैं।

स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश पर रोक लगाने की वजह भी अधिकारी स्पष्ट नहीं कर रहे हैं। जबकि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार भी छात्रों की परेशानी से अंजान हैं। वहीं सीट खाली होने और छात्रों के अप्रवेशी रहने की स्थिति को देखते हुए छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कॉलेजों में प्रवेश की अंतिम तारीख 14 अगस्त से बढ़ाकर 5 सितम्बर कर दी है।

सवा दो लाख से ज्यादा सीट खाली

मध्य प्रदेश में 56 विश्वविद्यालयों के अंतर्गत 1360 सरकारी और निजी कॉलेज संचालित हैं। इनमें स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी के रेग्युलर कोर्स के साथ तकनीकी एवं वोकेशनल शिक्षा पाठ्यक्रम की 14.85 लाख सीटें हैं। रेग्युलर कोर्स की 7.48 लाख सीटों में से स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 5.54 सीट निर्धारित हैं।

इस साल बीए, बीएससी, बीकॉम एवं अन्य स्नातक पाठ्यक्रमों में 3.18 लाख छात्रों ने ही प्रवेश लिया है। यानी अब भी 2.36 लाख सीटें कॉलेजों में खाली पड़ी हैं। इसके बावजूद उच्च शिक्षा विभाग ने 14 अगस्त के बाद कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश बंद कर दिए हैं।

छात्र जिस पोर्टल के जरिए ऑनलाइन प्रवेश ले रहे थे उसे भी बंद कर दिया गया है। इस वजह से हजारों छात्र इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने से वंचित रह गए हैं। अब उन्हें साल बर्बाद होने की आशंका परेशान कर रही है।

छात्रों को साल बर्बाद होने की चिंता

कॉलेजों में प्रवेश के लिए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा स्नातक - स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 31 जुलाई अंतिम तिथि निर्धारित की थी। जिसे बाद में 14 अगस्त तक बढ़ा दिया गया था। हांलाकि इससे पूर्व के वर्षों में कॉलेजों में सीट खाली रहने की स्थिति में प्रवेश की प्रक्रिया अक्टूबर तक बढ़ाई जाती रही है।

इस स्थिति को देखते हुए ज्यादातर छात्र अपने नजदीक के कॉलेज में प्रवेश लेने का इंतजार करते रहे। इनमें से अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्र हैं। जो कम फीस और अपने गांव या कस्बे के नजदीकी कॉलेज में ही प्रवेश लेने में सक्षम हैं।

उनके सामने कॉलेज में प्रवेश के लिए फीस जुटाने की भी समस्या होती है। इसी वजह से इन छात्रों को समय लग गया और अंतिम तिथि बढ़ने की उम्मीद में वे प्रवेश से वंचित रह गए।

ये खबरें भी पढ़िए :

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, WBSSC में हजारों पदों पर आवेदन शुरू, जानिए सैलरी

नशे में धुत-हेडमास्टर, न कलेक्टर पता न पीएम का पूरा नाम, रमन सिंह को बताया मुख्यमंत्री

बीबीए-बीसीए में प्रवेश की छूट

उच्च शिक्षा विभाग ने जहां रेग्युलर पाठ्यक्रमों में 14 अगस्त के बाद प्रवेश बंद कर दिए हैं वहीं तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को खुला रखा गया है। कॉलेज जाने वाले छात्र बीबीए, बीसीए जैसे पाठ्यक्रमों में तो प्रवेश ले सकते हैं लेकिन बीए, बीएससी या बीकॉम जैसे पाठ्यक्रम में नहीं।

पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अंतिम तिथि को लेकर उच्च शिक्षा विभाग के दोहरे रवैए से भी छात्र असमंजस में हैं। छात्रों का कहना है कि प्रदेश में ज्यादातर छात्र बीए, बीएससी या बीकॉम में प्रवेश लेकर पढ़ाई करते हैं। इस साल कॉलेजों में करीब ढाई लाख सीट खाली हैं।

इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग ने प्रवेश बंद कर दिए हैं। प्रवेश खोले जाने चाहिए। इससे छात्रों का साल बर्बाद होने से बच जाएगा और कॉलेजों को भी सीट खाली रहने का नुकसान नहीं होगा।

ये खबरें भी पढ़िए :

MP Weather Report: एमपी में शनिवार को भारी बारिश, इंदौर की सड़कों पर 2 फीट पानी, तवा डैम के 3 गेट खुले

गणेश विसर्जन से लेकर शारदीय नवरात्रि तक, देखें सितंबर 2025 में व्रत और त्योहारों की पूरी सूची

छात्रों की परेशानी से अनजान मंत्री-अधिकारी

प्रदेश के हजारों छात्र स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश बंद होने की वजह से कॉलेजों के चक्कर काटने मजबूर हैं। किसी कॉलेज से उन्हें प्रवेश खुलने की आस बंधाई जा रही है तो कहीं से बैरंग लौटाया जा रहा है। कॉलेजों में ऑनलाइन प्रवेश की अंतिम तारीख आगे बढ़ाने और पोर्टन खोलने की मांग उच्च शिक्षा मुख्यालय तक भी पहुंची है।

इसके बाद भी विभाग के अधिकारी छात्रों की मुश्किल को अनदेखा कर रहे हैं। द सूत्र ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को इस समस्या से अवगत कराते हुए प्रवेश बंद करने के निर्णय के संबंध में बात करनी चाहिए लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧

Tags:
  • मध्य प्रदेश
  • उच्च शिक्षा विभाग
  • कॉलेज
  • प्रवेश
  • उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा