सेल्फी नहीं लेता था पति तो मायके चली गई पत्नी, दी तलाक की धमकी
Sandeep Kumar | Dec 16, 2024, 16:21 IST
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मंदसौर में पति द्वारा सेल्फी न लेने से तलाक की नौबत आ गई। जज के एक अनोखे आदेश पर पति ने मंदिर में पत्नी संग सेल्फी खींचकर सुलह कराई। आइए जानते हैं आखिर हुआ क्या था...
मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक अनोखे तलाक विवाद ने सभी का ध्यान खींचा है। सेल्फी न खींचने के कारण पति-पत्नी के रिश्ते में दरार आ गई थी। मामला लोक अदालत (Lok Adalat) तक पहुंचा, लेकिन जज ने अनोखा आदेश देकर दोनों के बीच सुलह कराई। जज के आदेश पर पति ने भगवान पशुपतिनाथ के मंदिर (Pashupatinath temple) में पत्नी के साथ सेल्फी ली, जिसके बाद पत्नी ने ससुराल लौटने का फैसला किया। यह कहानी उन रिश्तों के लिए एक सीख है, जो छोटी-छोटी बातों पर टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं।
मंदसौर के इस मामले में पति-पत्नी के बीच की दूरियां (distance between husband and wife) सिर्फ इस वजह से बढ़ गईं क्योंकि पति ने अपनी पत्नी के साथ सेल्फी नहीं ली। 21 दिसंबर 2020 को महेंद्र और पायल (बदला हुआ नाम) की शादी हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही पायल अपने मायके चली गई और वापस लौटने से इनकार कर दिया। पायल का आरोप था कि महेंद्र उसे समय नहीं देता और उसके साथ सेल्फी नहीं खींचता (not taking selfies with her)। इस छोटी सी वजह ने तलाक की नौबत (divorce situation) पैदा कर दी।
इस अनोखे मामले में प्रधान न्यायाधीश गंगाचरण दुबे (Judge Gangacharan Dubey) ने मध्यस्थता की और सुलह का रास्ता खोजा। जज ने पति-पत्नी को भगवान पशुपतिनाथ मंदिर (Pashupatinath temple) भेजा और पति को आदेश दिया कि वह भगवान को साक्षी मानकर अपनी पत्नी के साथ सेल्फी खींचे (take a selfie with wife at the temple)। पति ने जज के आदेश का पालन किया और पत्नी के साथ मंदिर में सेल्फी खींची।
मंदसौर लोक अदालत के इस आदेश का असर दिखा। पति द्वारा मंदिर में खींची गई सेल्फी (temple selfie with wife) ने पत्नी का दिल जीत लिया और उसने घर लौटने का फैसला किया। विवाद खत्म होते ही पत्नी ने तलाक की अर्जी वापस ले ली और अपने ससुराल जाने को तैयार हो गई। इस सुलह के बाद पति-पत्नी दोनों खुश नजर आए।
दंपति के बीच सेल्फी को लेकर झगड़ा
तलाक की अर्जी का मामला पहुंचा कोर्ट
पति-पत्नी के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कोर्ट तक पहुंच गया। पति ने तलाक की अर्जी (divorce petition) दाखिल कर दी, जबकि पत्नी ने भरण-पोषण (maintenance case) की मांग कर दी। दोनों के बीच सुलह कराने के कई प्रयास किए गए, लेकिन मामला सुलझ नहीं सका। इसके बाद मामला मंदसौर की लोक अदालत (Mandsaur Lok Adalat) पहुंचा, जहां सुलह के प्रयासों के तहत एक अनोखी पहल की गई।
मंदिर में खींची गई सेल्फी ने बदली कहानी
पत्नी ने छोड़ी नाराजगी, वापस लौटी ससुराल
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