IAS अपर आयुक्त के आदेश से इंदौर प्रशासन के हाथ से फिसली क्रिश्चियन कॉलेज के 500 करोड़ की जमीन

इंदौर में क्रिश्चियन कॉलेज की 500 करोड़ की जमीन पर विवाद बढ़ गया है। आईएएस अपर आयुक्त तरूण भटनागर के आदेश के चलते हाईकोर्ट से स्टे हो गया। छह सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी।

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Sanjay Gupta
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जिस बात की आशंका थी वही हुआ। इंदौर संभागायुक्त कार्यालय में पदस्थ 2012 बैच के आईएएस अपर आयुक्त तरूण भटनागर के आदेश से खेला हो गया। इंदौर क्रिश्चियन कॉलेज की 500 करोड़ की जमीन पर कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर हाईकोर्ट से स्टे हो गया है। 

अपर आयुक्त का आदेश ही बना वजह

याचिकाकर्ता क्रिश्चियन कॉलेज के अधिवक्ता ने कहा कि यह आदेश कलेक्टर कोर्ट में 23 जनवरी के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन आदेश 12 जनवरी को ही कर दिया गया। इसकी वजह थी कि 19 जनवरी को अपर आयुक्त में हमारी तरफ से प्रति परीक्षण का आवेदन लगाया था। इसमें अपर आयुक्त कोर्ट से यथास्थिति के आदेश हुए थे। इसी आदेश को विफल करने के लिए ही इस तय तारीख से पहले कलेक्टर कोर्ट से 12 जनवरी को आदेश कर दिया गया। 

इस बात को हाईकोर्ट इंदौर ने मान्य किया और इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए कहा कि 19 जनवरी को अपर आयुक्त कोर्ट से यथास्थिति के आदेश थे। कलेक्टर कोर्ट से 23 जनवरी को आदेश होना था, लेकिन यह 12 जनवरी को हो गए।

ऐसे में आदेश दिए जाते हैं कि 12 जनवरी के कलेक्टर कोर्ट के आदेश का प्रभाव और संचालन स्थगित रहेगा। छह सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी। इस आदेश के लिए जिला प्रशासन की पूरी टीम तीन महीने से मेहनत कर रही थी और इसमें हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक से जीत कर आई थी, लेकिन अपर आयुक्त के एक आदेश ने पूरी 500 करोड़ की जमीन सरकार के हाथ से निकाल दी। 

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अपर आयुक्त कोर्ट में यह हुआ था 

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा की कोर्ट में क्रिश्चियन कॉलेज की जमीन को सरकारी घोषित करने का राजस्व संहिता की धारा 181 व 182 का केस चल रहा था। इसी दौरान इस कार्रवाई को त्रूटिपूर्ण बताते हुए प्रबंधन ने कलेक्टर कोर्ट में धारा 32 के तहत प्रतिपरीक्षण की याचिका लगाई जो 26 दिसंबर को खारिज कर दी गई। 

फिर सात जनवरी को सुनवाई हुई और आदेश के लिए रखा गया। इसी दौरान कॉलेज ने अपर आयुक्त भटनागर की कोर्ट में प्रतिपरीक्षण याचिका खारिज होने के खिलाफ याचिका लगाई। इस पर 19 जनवरी को अपर आयुक्त ने आदेश किया कि  तर्कों व साक्ष्य के प्रति परीक्षण का अधिकार आवेदक का बनता है, तथा नियमों के अनुसार यह होना चाहिए।

ऐसे में 26 दिसंबर के कलेक्टर कोर्ट के आदेश पर स्टे दिया जाता है और यथास्थिति के आदेश दिए जाते हैं अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी। 

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जब द सूत्र ने किया खुलसाा तो खंडन जारी कराया था

जब आईएएस भटनागर के इस आदेश का खुलासा द सूत्र ने मंगलवार 27 जनवरी को सुबह किया तो इससे इंदौर से भोपाल तक हड़कंप मच गया। इसके बाद शाम को जनसंपर्क के जरिए आईएएस अपर आयुक्त के आदेश को लेकर खंडन जारी किया गया। 

इसमें कहा गया कि कलेक्टर कोर्ट के 12 जनवरी के आदेश पर स्टे नहीं दिया गया है (स्टे तो वैसे ही 26 दिसंबर के आदेश पर दिया था। इसमें यथास्थिति का बोल दिया था, यानी स्टे कर दिया था)। खंडन में आगे लिखा कि 26 दिसंबर के प्रतिपरीक्षण आदेश के खिलाफ आवेदन था। यह निगरानी प्रकरण अपर आयुक्त कोर्ट में प्रचलित था और स्टे दिया था। 

कलेक्टर कोर्ट द्वारा 12 जनवरी के आदेश की जानकारी अपर आयुक्त कोर्ट को 27 जनवरी को मिली। कलेक्टर कोर्ट से केस का अंतिम निराकरण कर दिया गया है।  ऐसे में अब निगरानी प्रकरण को समाप्त किया जा चुका है।

मध्यप्रदेश इंदौर द सूत्र कलेक्टर शिवम वर्मा क्रिश्चियन कॉलेज
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