आईएएस नियाज खान ने भ्रष्ट भगवाधारियों पर उठाए सवाल, बताया सनातन धर्म के लिए खतरा
Sanjay Dhiman | Aug 03, 2025, 16:12 IST
Photograph: (The Sootr)
आईएएस नियाज खान अपने टवीट को लेकर चर्चाओं में रहते है। ताजा मामले में उन्होंने अपने ट्वीट में भ्रष्ट भगवाधारी व्यक्तियों की आलोचना करते हुए इन्हें सनातन धर्म के लिए खतरनाक बताया, उन्होंने ब्राह्मणों के आईक्यू को भी सबसे अच्छा बताया।
एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी और उपन्यासकार नियाज खान के ट्वीट हमेशा से चर्चाओं में रहते है। इस बार आईएएस नियाज खान ने भ्रष्ट व अपराधी लोगों के भगवा वस्त्र पहनने पर सवाल उठाए है।
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि अपराधों को छिपाने के लिए भगवा वस्त्र या सनातन धर्म का उपयोग करना गलत है।अपने रीट्वीट में उन्होंने ब्राह्मणों के आईक्यू को सबसे अच्छा बताते हुए इसका सहीं दिशा में उपयोग करने की सलाह भी दी है।
नियाज खान का मानना है कि कई लोग अब भगवा वस्त्र पहनकर सनातन धर्म का नाम लेकर अपने निजी स्वार्थ साधने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के लोग सनातन धर्म की पवित्रता को दूषित कर रहे हैं। उनका कहना था कि धर्म का कोई भी दुरुपयोग समाज के हित में नहीं हो सकता। खान का कहना है कि सनातन धर्म को ऐसे भ्रष्ट लोगों से दूर रखा जाना चाहिए, जो उसका इस्तेमाल केवल अपने गलत कार्यों को छुपाने के लिए कर रहे हैं।
यह खबरें भी पढ़ें...
शराब की खाली बोतल लाओ 20 रुपए ले जाओ, जानिए कहां चालू हुई यह योजना
रक्षाबंधन से पहले बहन ने अपने ही भाई की हत्या की सुपारी दी, बोरे में भरकर फिंकवाई डेड बॉडी
नियाज खान ने अपने एक अन्य ट्वीट में ब्राह्मणों की बुद्धिमत्ता (आईक्यू) का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्राह्मणों का आईक्यू सबसे ऊंचा होता है। उनका मानना है कि इस उच्च बुद्धिमत्ता का इस्तेमाल समाज को जोड़ने और अंधविश्वास को समाप्त करने में किया जाना चाहिए।
खान ने कहा कि ब्राह्मण वही सफल हैं जिनकी सोच वैज्ञानिक है। उनका यह बयान भारतीय समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणा है। खान का कहना था कि वेदों का आधार भी वैज्ञानिक है,और इसलिए ब्राह्मणों को अपनी सोच और कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
खान ने अंधविश्वास को लेकर भी अपनी चिंताएं व्यक्त की। उन्होंने कहा कि अंधविश्वास लोगों को कट्टर और असहिष्णु बनाता है, जो समाज के लिए हानिकारक है। उनका मानना था कि एक विवेकशील व्यक्ति शांत और सहनशील होता है, जबकि अंधविश्वास से घृणा और हिंसा को बढ़ावा मिलता है। खान ने यह भी कहा कि अंधविश्वास न केवल व्यक्ति के मानसिक विकास को रोकता है, बल्कि समाज में अव्यवस्था और तनाव पैदा करता है।
यह खबरें भी पढ़ें...
रेत रॉयल्टी घोटाला की जांच फाइल गायब, पुलिस में चोरी की शिकायत, सवालों के घेरे में प्रशासन
MP News: भोपाल में मांस-मछली की बिक्री पर लगा बैन, कोई मीट शॉप खुली मिली तो लाइसेंस होगा रद्द
आईएएस नियाज खान अक्सर अपने सोशल मीडिया के बयानों और ट्वीट को लेकर चर्चाओं में रहते है। इस ट्वीट से पहले भी उनके कई सोशल मीडिया पोस्ट पर काफी चर्चाऐं और विवादों में रहे है। इस बार भी उन्होंने सनातन धर्म के दुरुपयोग और अंधविश्वास पर सवाल उठाए है।
आईएएस ने अपने रीट्वीट में ब्राहमणों के आईक्यू की तारीफ करते हुए उन्हें इसका इस्तेमाल समाज को सुधारने में करने की सलाह दी। आईएएस ने इशारों में कहा कि इस आईक्यू का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस आईक्यू का उपयोग समाज को तोड़ने या अंधविश्वास बढ़ाने के लिए कदापि नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आईक्यू का इस्तेमाल समाज में फैले अंधविश्वास को खत्म करने के लिए होना चाहिए।
आईएएस नियाज खान द्वारा लिखी गई ब्राह्मण द ग्रेट किताब को लेकर भी विमोचन के बाद काफी हंगामा हो चुका है। इस किताब को लेकर मुस्लिम समाज का एक वर्ग नाराज हुआ था, इस दौरान उनके खिलाफ फतवा तक जारी होने की बात कही गई थी, जिस पर उन्होंने स्वयं सफाई दी थी कि किताब में ऐसा कुछ नहीं है जिस पर फतवा जारी किया जाए।
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि अपराधों को छिपाने के लिए भगवा वस्त्र या सनातन धर्म का उपयोग करना गलत है।अपने रीट्वीट में उन्होंने ब्राह्मणों के आईक्यू को सबसे अच्छा बताते हुए इसका सहीं दिशा में उपयोग करने की सलाह भी दी है।
सनातन धर्म को दूषित कर रहे भ्रष्ट भगवाधारी
यह खबरें भी पढ़ें...
शराब की खाली बोतल लाओ 20 रुपए ले जाओ, जानिए कहां चालू हुई यह योजना
रक्षाबंधन से पहले बहन ने अपने ही भाई की हत्या की सुपारी दी, बोरे में भरकर फिंकवाई डेड बॉडी
ब्राह्मणों के आईक्यू का सही दिशा में उपयोग हो
खान ने कहा कि ब्राह्मण वही सफल हैं जिनकी सोच वैज्ञानिक है। उनका यह बयान भारतीय समाज में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रेरणा है। खान का कहना था कि वेदों का आधार भी वैज्ञानिक है,और इसलिए ब्राह्मणों को अपनी सोच और कार्यों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
ऐसे समझे आईएएस नियाज खान के ट्वीट में उठाए मुद्दों को
|
अंधविश्वास लोगों को कट्टर और असहिष्णु बनाता है
यह खबरें भी पढ़ें...
रेत रॉयल्टी घोटाला की जांच फाइल गायब, पुलिस में चोरी की शिकायत, सवालों के घेरे में प्रशासन
MP News: भोपाल में मांस-मछली की बिक्री पर लगा बैन, कोई मीट शॉप खुली मिली तो लाइसेंस होगा रद्द
चर्चाओं में रहते है आईएएस खान के बयान
इशारों में कहा,आईक्यू का सही दिशा में उपयोग करे ब्राह्मण
उन्होंने कहा कि इस आईक्यू का उपयोग समाज को तोड़ने या अंधविश्वास बढ़ाने के लिए कदापि नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस आईक्यू का इस्तेमाल समाज में फैले अंधविश्वास को खत्म करने के लिए होना चाहिए।
किताब पर भी नाराज हुए थे लोग
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava