अवैध फीस वसूली नहीं रोकी तो अब स्कूलों में ताला जड़ेंगे पेरेंट्स
Neel Tiwari | Jul 15, 2024, 15:32 IST
सड़क पर उतरे पेरेंट्स
जबलपुर में अवैध फीस वसूली को लेकर निजी स्कूल अब भी अपनी मनमानी कर रहे हैं। इसके खिलाफ अब पेरेंट्स ने कमर कस ली है और अपने हक की लड़ाई खुद लड़ने की ठान ली है।
जबलपुर में स्कूलों के द्वारा की जा रही अवैध फीस वसूली पर कार्रवाई केवल मध्य प्रदेश ही नहीं पूरे देश में मिसाल बनकर सामने आई है। लेकिन शिक्षा माफिया ने जैसे ठान लिया है कि वह अपने शिक्षा के इस व्यापार को ध्वस्त नहीं होने देंगे चाहे इसके लिए उन्हें कोई भी हथकंडा क्यों न अपनाना पड़े। जबलपुर में शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी किए गए आदेश को मानने से निजी स्कूल साफ इनकार करते हुए नजर आ रहे हैं। इसके विरोध में अब अभिभावक भी लाम बंद हो चुके हैं।
सोमवार ( 15 जुलाई ) को सुबह हजारों की संख्या में अभिभावक सेंट ग्रेबियल स्कूल रांझी पहुंचे और विरोध करते हुए स्कूल में तालाबंदी की। प्रदर्शन के बाद भी स्कूल के पीआरओ विवेक सिंह ने यह साफ कहा कि हमने कोई भी अवैध वसूली नहीं की है और अगर हमारी बढ़ाई फीस अवैध वसूली में आती है तो मैं जेल जाने को भी तैयार हूं। अभिभावकों की दी गई शिकायत पर जवाब देने पर उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल मीटिंग में बाहर गए हुए हैं और उनके आने के बाद ही इसका जवाब दिया जाएगा। जिससे यह तो साफ हो गया है कि कोई भी निजी स्कूल अपनी गलती को मानने को तैयार नहीं है और सभी इस जांच पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं।
सेंट ग्रेबियल स्कूल के PRO विवेक सिंह चौहान से जब यह पूछा गया कि अभिभावकों को क्या आश्वासन दिया गया है तो उन्होंने कहा कि कोई आश्वासन नहीं दिया गया। PRO ने अहम दिखाते हुए यह कहा कि अभी चाहूं तो 1 घंटे में इसका जवाब बना दूं। लेकिन जब प्रिंसिपल लौटेंगे तब जवाब देंगे। इस दौरान मीडिया के सामने स्कूल के स्टाफ का व्यवहार इस तरह का नजर आया कि वह स्वयं जबलपुर के जिला कलेक्टर या कोई मंत्री हों। अब जब मीडिया के कैमरे के सामने स्कूल का स्टाफ इस तरह व्यवहार करता है तो अभिभावकों से उनका व्यवहार कैसा रहता होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
अभिभावकों से अवैध वसूली गई फीस को वापस करने के लिए जिला शिक्षा का कार्यालय से आदेश जारी किए जा चुके हैं। स्कूलों के द्वारा ली जाने वाली फीस भी निर्धारित की गई है। लेकिन कुछ स्कूल आदेश अब तक उनके पास ना आने का बहाना बना रहे हैं तो कुछ स्कूलों ने तो साफ कह दिया है कि हमें आदेश के खिलाफ कोर्ट जाएंगे। स्कूल प्रबंधन के द्वारा अभिभावकों को मैसेज भेजकर यह बताया गया है कि यदि उन्होंने फीस जमा नहीं की तो उनके बच्चे को एग्जाम में बैठने नहीं दिया जाएगा। बात बच्चे की भविष्य पर आने के कारण कुछ अभिभावक मजबूरी में फीस जमा भी कर रहे हैं।
इस मामले में जब द सूत्र ने कानून विशेषज्ञों से बात की तो यह सामने आया कि स्कूल आदेश के खिलाफ कोर्ट जाने के लिए तो स्वतंत्र हैं पर जब तक कोर्ट से उन्हें इस आदेश के खिलाफ स्थगन ( Stay ) नहीं मिलता तब तक वॉइस आदेश को मानने से मन नहीं कर सकते क्योंकि यह क्षेत्र के न्यायिक दंडाधिकारी के द्वारा की गई जांच के बाद जारी किया गया आदेश है जिसे मानने के लिए स्कूल बाध्य है।
द सूत्र ने आपको अपनी खबर के जरिए बताया था कि जबलपुर शहर में एक ऐसा भी स्कूल है जो 2 साल पहले ही अवैध फीस वसूली का दोषी पाया गया था और उसपर अब तक कार्यवाही नहीं हुई है। जबलपुर जिला कलेक्टर के द्वारा की जा रही अगली खुली सुनवाई में इस जॉय सीनियर सेकेंडरी स्कूल का नाम भी शामिल है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने 16 जुलाई मंगलवार को उन स्कूलों की सुनवाई रखी है जिनके विरुद्ध उन्हें शिकायतें मिली है।
पैरंट्स असोसिएशन ऑफ़ मध्य प्रदेश के सदस्य अभिभावक इस सुनवाई में हजारों की संख्या में शिकायतें लेकर पहुंचने वाले हैं। संगठन के अध्यक्ष सचिन गुप्ता ने बताया कि उन्होंने स्कूलों के खिलाफ पुख्ता सबूत भी एकत्र किए हैं जो अभिभावक अपनी शिकायत की फाइलों के साथ जिला कलेक्टर को सौंपेंगे। सचिन गुप्ता ने बताया कि यह खुली सुनवाई ऐतिहासिक होने वाली है । क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में स्कूलों के खिलाफ शिकायतें आज तक जिला कलेक्टर के पास नहीं पहुंची होगी।
सोमवार ( 15 जुलाई ) को सुबह हजारों की संख्या में अभिभावक सेंट ग्रेबियल स्कूल रांझी पहुंचे और विरोध करते हुए स्कूल में तालाबंदी की। प्रदर्शन के बाद भी स्कूल के पीआरओ विवेक सिंह ने यह साफ कहा कि हमने कोई भी अवैध वसूली नहीं की है और अगर हमारी बढ़ाई फीस अवैध वसूली में आती है तो मैं जेल जाने को भी तैयार हूं। अभिभावकों की दी गई शिकायत पर जवाब देने पर उन्होंने बताया कि स्कूल के प्रिंसिपल मीटिंग में बाहर गए हुए हैं और उनके आने के बाद ही इसका जवाब दिया जाएगा। जिससे यह तो साफ हो गया है कि कोई भी निजी स्कूल अपनी गलती को मानने को तैयार नहीं है और सभी इस जांच पर ही सवाल खड़े कर रहे हैं।
मीडिया को दिखाए तेवर
विभाग के आदेश को नहीं मान रहे स्कूल
कोर्ट जाना है अधिकार पर मानना होगा आदेश
16 जुलाई को बाकी स्कूलों की सुनवाई
ऐतिहासिक होगी सुनवाई
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava