अवैध खनन पर सख्त हुई एमपी सरकार, गांव स्तर पर सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू
Aman Vaishnav | Jan 28, 2026, 13:21 IST
illegal mining strict action environment rules
मध्य प्रदेश में अवैध खनन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार ने कड़ी पहल शुरू की है। अब गांव-गांव में पर्यावरण नियमों की निगरानी की जाएगी। इसके लिए सिया के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने प्रदेश के 23 हजार सरपंचों को पत्र लिखकर अपील की है।
मध्य प्रदेश में कहीं रेत का खनन हो रहा है, तो कहीं जमीन का। ये घटनाएं न सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरे की वजह बन रही हैं, बल्कि सरकारी नियमों का भी उल्लंघन कर रही हैं। ऐसे में अवैध खनन करने वाले माफिया पर कड़ी नजर रखना और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करना अब जरूरी हो गया है।
राज्य सरकार ने पर्यावरण नियमों के पालन को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। अब गांव स्तर पर इसकी निगरानी की जाएगी।
एमपी स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी (सिया) के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने प्रदेश के 23 हजार सरपंचों को पत्र लिखा है।
पत्र में सभी से अपील की गई है कि, कहीं भी खनन या किसी अन्य गतिविधि में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उसकी जानकारी सीधे सिया को दें।
अगर कहीं भी नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो शिकायत करना बहुत आसान है। आप कलेक्टर, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सिया को लिखित रूप में शिकायत दे सकते हैं।
शिकायत में इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
राज्य सरकार का यह कदम अवैध खनन माफियाओं पर कड़ी नजर रखने और पर्यावरणीय नियमों का पालन करवाने में मदद करेगा। अब तक जिन जगहों पर अवैध खनन हो रहा था, वहां सख्ती से कार्रवाई की जाएगी। जिन लोगों ने नियमों का उल्लंघन किया है, उन्हें सजा दी जाएगी। यह कदम प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों को बचाने में भी मदद करेगा।
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पर्यावरण नियमों का उल्लंघन नहीं सहेंगे
एमपी स्टेट एनवायरमेंट इंपैक्ट एसेसमेंट अथॉरिटी (सिया) के अध्यक्ष शिवनारायण सिंह चौहान ने प्रदेश के 23 हजार सरपंचों को पत्र लिखा है।
पत्र में सभी से अपील की गई है कि, कहीं भी खनन या किसी अन्य गतिविधि में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो उसकी जानकारी सीधे सिया को दें।
निगरानी में क्या ध्यान रखना है
- बैरियर जोन चेक करें: यह देखना है कि खनन क्षेत्र के चारों ओर 7.5 मीटर (25 फीट) का बैरियर जोन छोड़ा गया है या नहीं।
- पौधरोपण की जांच करें: ये देखें कि बैरियर जोन में पौधरोपण किया गया है या नहीं।
- खुदाई की स्थिति: ये चेक करें कि कहीं बैरियर जोन को खोद तो नहीं दिया गया।
- जलमग्न क्षेत्र में खनन: ये देखें कि क्या पानी के अंदर से भारी मशीनों या पनडुब्बी से रेत निकाली जा रही है।
- पर्यावरणीय मंजूरी: जांचें कि कहीं बिना पर्यावरणीय मंजूरी के खनन तो नहीं हो रहा।
नियमों के उल्लंघन की शिकायत कैसे करें?
शिकायत में इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
- शिकायत करने वाले का नाम
- नियम तोड़ने वाले व्यक्ति या संस्था का नाम
- खदान या खनिज का नाम
- खनन की सटीक लोकेशन
- नियम का उल्लंघन किस प्रकार हो रहा है
राज्य सरकार की इस निगरानी से क्या होगा?
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