सौरभ शर्मा की लाल डायरी से खुलेंगे राज, कई अधिकारी आएंगे लपेटे में
Siddhi Tamrakar | Dec 27, 2024, 17:40 IST
SAURABH SHARMA RED DIARY
कुछ दिन पहले आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा द्वारा परिवहन विभाग के अफसरों के साथ 100 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ था। अब अफसरों के हाथ वो डायरी लगने के बाद सौरभ की मदद के लिए आने वाले परिवहन अधिकारी भी इनकम टैक्स के घेरे में आ गए हैं।
कुछ दिन पहले अधिकारियों को एक डायरी और दस्तावेज मिले थे, जिसमें आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा द्वारा परिवहन विभाग के अफसरों के साथ 100 करोड़ रुपए से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ था। अब अफसरों के हाथ वो डायरी लगने के बाद सौरभ की मदद के लिए आने वाले परिवहन अधिकारी भी इनकम टैक्स के घेरे में आ गए हैं। बता दें इनकम टैक्स विभाग को भोपाल के शाहपुरा बी-सेक्टर में 20 हजार वर्ग फीट जमीन पर बन रहे जयपुरिया नाम के स्कूल में गुप्त इनकम का इस्तेमाल होने की आशंका है। इस स्कूल को बनाने वाली संस्था में सौरभ शर्मा के रिलेटिव और करीबी चेतन गौर शामिल हैं।
आपको बता दें सौरभ शर्मा के द्वारा निर्माण कराए जा रहे स्कूल को गैर सरकारी संगठन के द्वारा कराया जा रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस जमीन को भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के द्वारा साल 2004 में राजमाता समिति को अलॉट किया गया था। वहीं बीडीए के द्वारा ये शर्त तय की गई थी की स्कूल का निर्माण तीन साल पूरा कराया जाए, लेकिन स्कूल निर्माण प्रक्रिया 2022 में शुरू हो पाई।
वहीं शर्त के मुताबिक निर्माण न होने पर नगर निगम वीएस चौधरी कोलसानी के द्वारा निर्माण प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। इसके कुछ समय के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई और शाहपुरा हाउस आनर्स एसोसिएशन के द्वारा हाई कोर्ट में रोक को लेकर याचिका लगाई गई है।
बता दें इनकम टैक्स विभाग को सौरभ शर्मा के पास बेनामी संपत्ति की जानकारी मिल गई है। इसके बाद इनकम टैक्स विभाग ने पुलिस को सौरभ शर्मा की बेनामी संपत्तियों की जानकारी लेने को कहा है। इसके अलावा ये भी जानकारी प्राप्त की जा रही है कि सौरभ शर्मा के द्वारा किस नाम से संपत्ति बनाई गई थी।
पत्नी, मां, रिश्तेदार, दोस्त से होगी पूछताछ
वहीं इनकम टैक्स विभाग के द्वारा ये जानने का प्रयास किया जाएगा कि स्कूल के निर्माण के लिए कितना पैसा खर्च किया जा रहा था और इन पैसों का सोर्स क्या है। ऐसे में स्कूल के निर्माण के लिए किसी अधिकारी के द्वारा नियमों के अनुरूप परमिशन दी गई है तो उनसे भी पूछताछ होगी। इसके अलावा उन लोगों से भी पूछताछ होगी जिनका नाम बरामद की गई डायरी में मिला है। बरामद की गई डायरी में परिवहन विभाग के अधिकारियों और कुछ नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, जिसके बाद उन सभी अधिकारियों और कर्मचारयों को बयान के लिए बुलाया जा सकता है। इसके अलावा सौरभ की पत्नी, मां, रिश्तेदार, दोस्त, ड्राइवर और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
भोपाल विकास प्राधिकरण ने रखी थी ये शर्तें
वहीं शर्त के मुताबिक निर्माण न होने पर नगर निगम वीएस चौधरी कोलसानी के द्वारा निर्माण प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी। इसके कुछ समय के बाद निर्माण प्रक्रिया शुरू हुई और शाहपुरा हाउस आनर्स एसोसिएशन के द्वारा हाई कोर्ट में रोक को लेकर याचिका लगाई गई है।
पुलिस ने बेनामी संपत्ति की मांगी जानकारी
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