SRS Report 2024: भारत में बिना इलाज 45.5% मरीजों की मौत, इसमें आधे गांव के
Manya Jain | Jun 07, 2026, 16:25 IST
SRS Report 2024 on death rate
भारत की ताजा एसआरएस रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। साल 2024 में देश की 45.5 प्रतिशत मौतें बिना किसी प्रशिक्षित डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी के हुईं।
समझें पूरा मामला...
- भारत में साल 2024 में होने वाली 45.5% मौतें बिना किसी डॉक्टर के हुईं।
- साल 2020 में यह डराने वाला आंकड़ा केवल 18 प्रतिशत दर्ज किया गया था।
- सिर्फ चार सालों में बिना इलाज के मरने वालों की संख्या ढाई गुना बढ़ गई।
- ग्रामीण क्षेत्रों की हालत ज्यादा खराब है जहाँ यह दर 48.9% तक पहुंच गई है।
- बिहार और झारखंड जैसे पिछड़े राज्यों में आधे से ज्यादा लोग बिना इलाज मर रहे हैं।
क्या कहती है SRS की रिपोर्ट?
इस श्रेणी में वे मौतें शामिल हैं जहां या तो कोई मेडिकल देखभाल (medical care) नहीं मिली, या सिर्फ किसी अट्रेन्ड व्यक्ति ने मदद की। यह दर 2020 में महज 18 प्रतिशत थी। यानी सिर्फ चार साल में यह संख्या ढाई गुना से भी ज्यादा (high death rate) हो गई।
2020 के बाद अचानक क्यों बढ़ा यह आंकड़ा?
लेकिन एक और पहलू भी है। 2020 के बाद "योग्य पेशेवर" की परिभाषा या रिपोर्टिंग के तरीके में बदलाव भी इस उछाल की आंशिक वजह हो सकते हैं। अगर कुछ ट्रेन्ड श्रेणियों को अलग तरह से दर्ज किया जाने लगा हो तो इससे भी आंकड़ों में फर्क आ सकता है।
गांव और शहर के बीच बड़ी खाई
SRS Statistical Report 2024
2021 में यह खाई और चौड़ी हो गई थी। उस साल ग्रामीण इलाकों में यह दर 51.4 प्रतिशत तक पहुंच गई थी और शहरी में 40.3 प्रतिशत।
एमपी, छत्तीसगढ़ में क्या है हाल?
SRS Statistical Report 2024
किस राज्य में कितनी बेसहारा मौतें?
- बिहार में सबसे ज्यादा 67.8 प्रतिशत मौतें बिना ट्रेन्ड डॉक्टर की देखभाल के हुईं।
- झारखंड में यह दर 61.8 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 60.4 प्रतिशत रही।
- राजस्थान में 54.2 प्रतिशत, तेलंगाना में 52.6 प्रतिशत और ओडिशा में 52 प्रतिशत मौतें इसी श्रेणी में आईं।
- दूसरी तरफ केरल में यह दर सबसे कम 26.8 प्रतिशत रही। जम्मू-कश्मीर में 29.2 प्रतिशत और कर्नाटक में 32.5 प्रतिशत।
अस्पतालों में भी घटी मौतें?
2024 में करीब 24.7 प्रतिशत मौतें सरकारी अस्पतालों में हुईं। 2014 में यह 27 प्रतिशत था। 2020 में यह बढ़कर 30 प्रतिशत हो गया था, लेकिन उसके बाद से गिर रहा है।
इसके अलावा "योग्य पेशेवर" द्वारा मेडिकल देखभाल की दर 2014 के 35 प्रतिशत से गिरकर 2024 में 14 प्रतिशत पर आ गई है। यह गिरावट रिपोर्टिंग पद्धति या वास्तविक स्थिति में बदलाव को दर्शा सकती है।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
उनका यह भी कहना है कि भले ही 2020 के बाद का कुछ उछाल रिपोर्टिंग बदलाव से हो, लेकिन राज्यों और ग्रामीण-शहरी असमानता के आंकड़े साफ बताते हैं कि जिंदगी के आखिरी पलों में मेडिकल देखभाल की पहुंच अभी भी एक बड़ी चुनौती है।
FAQ
SRS रिपोर्ट 2024 के अनुसार भारत में कितनी मौतें बिना डॉक्टर के हुईं?
2024 में भारत में 45.5 प्रतिशत मौतें बिना किसी ट्रेन्ड स्वास्थ्यकर्मी की मौजूदगी के हुईं। यह 2020 की 18 प्रतिशत दर से ढाई गुना से ज्यादा है। SRS सांख्यिकी रिपोर्ट 2024 में यह आंकड़े जारी किए गए हैं।- किन राज्यों में बिना डॉक्टर मौतों की दर सबसे ज्यादा है?
बिहार में 67.8%, झारखंड में 61.8% और छत्तीसगढ़ में 60.4% मौतें बिना ट्रेन्ड डॉक्टर के हुईं। राजस्थान और तेलंगाना भी इस सूची में हैं। केरल में यह दर सबसे कम 26.8% है। - ग्रामीण और शहरी इलाकों में क्या फर्क है?
2024 में ग्रामीण इलाकों में यह दर 48.9% और शहरी इलाकों में 36.1% रही। यह फर्क 2014 से लगातार बना हुआ है और स्वास्थ्य सेवाओं की असमान पहुंच को दर्शाता है। - क्या होती है SRS रिपोर्ट?
एसआरएस रिपोर्ट (Sample Registration System) भारत के Registrar General of India द्वारा जारी किया जाने वाला एक वार्षिक जनसांख्यिकीय सर्वेक्षण है। यह रिपोर्ट जन्म दर, मृत्यु दर, प्रजनन दर और शिशु मृत्यु दर जैसे स्वास्थ्य और जनसंख्या के विश्वसनीय आंकड़े प्रस्तुत करती है।
रेफरेंस
- SRS Statistical Report 2024, Office of the Registrar General of India
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