भागीरथपुरा कांड-दूषित पानी से और दो लोगों की मौत, मृतक संख्या हुई 20

Rahul Dave | Jan 07, 2026, 13:08 IST
Share
indore baghirathpura contaminated water deaths
indore baghirathpura contaminated water deaths

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 20 मौतें हो चुकी हैं। प्रशासन स्थिति को सामान्य बता रहा है, लेकिन स्थानीय लोग और परिजन प्रशासन को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।

इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से फैली बीमारी अब भयावह जल-त्रासदी का रूप ले चुकी है। मंगलवार को दो और लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद दूषित पानी से हुई मौतों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। नलों से गंदे पानी के रूप में टपकती मौतों को लेकर प्रशासन अब भी सच्चाई को स्वीकार नहीं कर रहा है। पूरे क्षेत्र में हालात सामान्य बता रहा है।

महाराष्ट्र में किया अंतिम संस्कार

श्रावण नत्थु खुपराव की मौत होना सामने आया है। श्रावण 25 दिसंबर को उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती हुए थे। शुरुआती इलाज से हालत में कुछ सुधार भी हुआ, लेकिन 29 दिसंबर को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। उनका अंतिम संस्कार महाराष्ट्र के बुलढ़ाना जिले के सेलापुर गांव में किया गया।

परिजन बोले- तो शायद आज जिंदा होते श्रावण

दर्दनाक पहलू यह है कि श्रावण का परिवार इंदौर में पानी की टंकी से जुड़े काम के कारण ही रह रहा था। जिस पानी की व्यवस्था से उनका रोजगार जुड़ा था, उसी दूषित पानी ने उनकी जान ले ली।

परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने पानी की जांच और सप्लाई पर ध्यान दिया होता, तो शायद श्रावण आज जिंदा होते।

निजी अस्पताल में हुई रामकली की मौत

47 वर्षीय रामकली पत्नी जगदीश की मौत ने भी प्रशासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 28 दिसंबर को अचानक उन्हें उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। हालत बिगडने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिवार का साफ कहना है-

रामकली को पहले कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। दूषित पानी पीने के बाद ही उनकी तबीयत बिगड़ी और कुछ ही घंटों में जान चली गई।
भागीरथपुरा कांड से जुड़ी खबरें पढ़िए...

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से आखिर कितनों की मौत, हाईकोर्ट में बताया 4, मुआवजा लिस्ट में 18, 5 माह का अव्ययान भी शामिल

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर दूसरे घर में कोई न कोई सदस्य बीमार है, लेकिन हालात की गंभीरता को प्रशासन हल्के में ले रहा है। इस इलाके में हालात दिन-प्रतिदिन बदतर होते जा रहे हैं।

उल्टी-दस्त, बुखार और गंभीर संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी और निजी अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। इससे साफ पता चलता है कि गंदे पानी के कारण बीमारी बढ़ रही है।

हर मौत पर नए-नए कारण

परिजन साफ तौर पर नलों से सप्लाई हो रहे दूषित पानी को मौतों का जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि जब से पानी की गुणवत्ता खराब हुई है, तब से बीमारियों का सिलसिला शुरू हुआ है। इसके विपरीत, प्रशासन हर मौत को अलग-अलग कारणों से जोडक़र मामले को दबाने की कोशिश करता दिखाई दे रहा है। कहीं हार्ट अटैक बताया जा रहा है तो कहीं पुरानी बीमारी का हवाला दिया जा रहा है।

हर गली में बीमारी, हर घर में डर

भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों में भय और असुरक्षा का माहौल है। लोग नलों का पानी पीने से डर रहे हैं। कई परिवार मजबूरी में बोतलबंद या टैंकर का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन गरीब और मजदूर वर्ग के लिए यह विकल्प भी आसान नहीं है। महिलाएं बच्चों को पानी पीने से पहले उबालने या छानने की कोशिश कर रही हैं, फिर भी बीमारी का खतरा टल नहीं रहा। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई | इंदौर जिला प्रशासन

कितनी और मौतों के बाद जागेगा सिस्टम

सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर कितनी और मौतों के बाद सिस्टम जागेगा? क्या 20 जानें जाना प्रशासन के लिए भी पर्याप्त चेतावनी नहीं हैं? यदि समय रहते दूषित पानी की सप्लाई रोकी जाती, वैकल्पिक व्यवस्था की जाती और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होती, तो शायद यह भयावह स्थिति पैदा ही नहीं होती।

कड़वी सच्चाई, मौतों की हो निष्पक्ष जांच

भागीरथपुरा में बहता दूषित पानी अब सिर्फ स्वास्थ्य संकट नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक लापरवाही, संवेदनहीनता और जवाबदेही के अभाव की कड़वी सच्चाई बन चुका है। जनता की मांग है कि मौतों की निष्पक्ष जांच हो, दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाए और क्षेत्र में सुरक्षित पेयजल की स्थायी व्यवस्था तुरंत की जाए, ताकि नलों से आगे कोई और मौत न टपके।

Tags:
  • इंदौर जिला प्रशासन
  • इंदौर
  • दूषित पानी
  • भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई
  • भागीरथपुरा
  • भागीरथपुरा कांड
  • इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग

By Jitendra Shrivastava

Top News: खबरें काम की... नेपाल में पहाड़ टूटा, भूस्खलन और बाढ़ में 24 की मौत, डोनाल्ड ट्रंप का दावा- ईरान से जल्द खत्म होगी जंग
मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती

By VINAY VERMA

मंत्रालय में बड़ा फेरबदल, 38 अनुभाग अधिकारियों की बदली जिम्मेदारी; वित्त-गृह समेत कई विभागों में नई तैनाती