/sootr/media/media_files/2026/01/26/care-chl-2026-01-26-10-15-42.jpg)
News in Short
- CARE CHL अस्पताल में बिना मंजूरी के निर्माण कार्य चल रहा है।
- ICU में भर्ती मरीजों को हैवी मशीनरी से परेशानी हो रही है।
- पार्षद ने एक महीने पहले शिकायत की थी, फिर भी काम नहीं रुका।
- अस्पताल प्रबंधन ने आयुष्मान मरीजों से राशि ली, नोटिस भी जारी हुए।
- स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की लापरवाही से मामले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
News in Detail
इंदौर के एलआईजी चौराहा स्थित CARE CHL अस्पताल का एक और कारनामा सामने आया है। अस्पताल पहले ही आयुष्मान मरीजों से राशि लेने में तीन-तीन नोटिस पा चुका है।
अब यहां पर बिना सक्षम मंजूरी के ही अस्पताल परिसर में हैवी मशीन लगाकर काम किया जा रहा है। ये सब तब हो रहा है जब अस्पताल में मरीज भर्ती हैं, खासकर बायपास और हार्ट के मरीज कार्डियक यूनिट में भर्ती हैं।
इस सब पर नगर निगम के जिम्मेदारों की चुप्पी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग भी मरीजों की परेशानियों को नजरअंदाज किए बैठा है।
ये भी पढ़ें...सीएम मोहन यादव आज उज्जैन में, देवड़ा इंदौर में फहराएंगे झंडा
रविवार को हुआ बवाल
रविवार को आईसीयू में भर्ती गंभीर मरीजों ने अस्पताल में चल रही भारी मशीनों की आवाज पर आपत्ति जताई। मशीनों के शोर से मरीजों को घबराहट हुई और कई मरीजों का ECG भी बिगड़ गया।
इस पर मरीजों के परिजनों ने विरोध किया और सोशल मीडिया पर इसके बारे में पोस्ट किए। इसके बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने फोन करके काम रोकवाया। वहीं निगमायुक्त क्षितिज सिंघल सिर्फ मामले की जांच करने की बात कहते रहे।
ये भी पढ़ें...26 जनवरी का इतिहास: 1950 की वो सुबह जब भारत बना दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र
पार्षद एक महीने पहले कर चुके शिकायत
इस मामले में वार्ड 45 की पार्षद सोनिला मिमरोट ने एक महीने पहले ही शिकायत की थी। उन्होंने कहा था कि यहां बिना मंजूरी के अवैध निर्माण हो रहा है और पार्किंग एरिया को कवर किया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/01/26/care-chl-2026-01-26-08-43-02.jpeg)
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/01/26/care-chl-2026-01-26-08-43-22.jpeg)
स्वास्थ्य प्रोटोकॉल को ताक पर रखा
अस्पताल के पास पहले से नगर निगम की मंजूरी नहीं है। ये अस्पताल खासतौर पर हार्ट बीमारियों के इलाज के लिए है, लेकिन यहां के इलाज के प्रोटोकॉल को नजरअंदाज किया जा रहा है। हैवी मशीनों, कटर और ड्रिल से काम हो रहा है, जिससे आईसीयू में भर्ती मरीजों को परेशानियां बढ़ रही हैं।
CMHO डॉ. माधव हसानी का कहना है कि इस निर्माण काम को लेकर पहले शिकायत आई थी और नोटिस भी दिया गया था। उन्होंने 15 दिन में काम पूरा करने की बात की थी, लेकिन उनका वक्त अब पूरा हो चुका है। अब जिम्मेदारों के पास इसका कोई जवाब नहीं है कि जब मरीज भर्ती हैं, तो अस्पताल में निर्माण कैसे हो सकता है, क्योंकि ये प्रोटोकॉल के खिलाफ है। इससे मरीजों को संक्रमण का खतरा हो सकता है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि उन्होंने काम बंद करवा दिया है।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/01/26/care-chl-2026-01-26-08-44-20.jpeg)
ये भी पढ़ें...मध्यप्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से, 18 को पेश होगा बजट
आयुष्मान मरीजों से राशि लूट रहा अस्पताल
अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कई शिकायतें आई हैं, खासकर आयुष्मान मरीजों से पैसे लेने के मामले में। एक महीने में तीन बार नोटिस भेजे गए हैं। दो नोटिस सीधे भोपाल से आए, जबकि एक मामले में अस्पताल ने मरीज से भी पैसे लिए।
साथ ही रेडक्रॉस से भी पैसे लेने के लिए एस्टीमेट बनाकर जिला कलेक्टर को भेज दिया। लेकिन प्रबंधन के हौंसले इसलिए बुलंद हैं क्योंकि अब तक किसी भी मामले में उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ये सारे मामले नोटिस और जवाब तक ही सीमित रह गए हैं।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us