इंदौर CHL अस्पताल चेयरमैन डॉ. भार्गव, हार्ट सर्जन मनीष पोरवाल पर कोर्ट ने लिया गैर इरादतन हत्या केस का संज्ञान

Sanjay Gupta | Jun 07, 2025, 11:14 IST
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इंदौर के सीएचएल अस्पताल के चेयरमैन डॉ. राजेश भार्गव और प्रमुख कार्डियक सर्जन डॉ. मनीष पोरवाल समेत अन्य डॉक्टरों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के तहत कोर्ट में केस संज्ञान में लिया गया है।

इंदौर के सीएचएल अस्पताल के चेयरमैन डॉ. राजेश भार्गव के साथ ही सबसे ज्यादा बायपास सर्जरी करने वाले जाने-माने चीफ कार्डियक सर्जन डॉक्टर मनीष पोरवाल, डॉक्टर पियूष गुप्ता और डॉक्टर अरुण चोपड़ा के खिलाफ जिला कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या की धारा 304 ए के तहत केस में संज्ञान में लिया है। कोर्ट ने इन सभी को 5000-5000 रुपए जमानती वारंट के साथ बुलाया है। सभी को 18 अगस्त की सुनवाई में पेश होना होगा।

बायपास सर्जरी के बाद हुई मौत का केस

किरण कुमार महाजन पिता पांडुरंग महाजन नवासी शिवशक्ति नगर इंदौर एमआईजी थाना इंदौर द्वारा यह केस इन सभी के खिलाफ लगाया गया। इसमें आरोप है कि प्रार्थी के पिता पांडुरंग को 21 जनवरी 2019 को बायपास सर्जरी के लिए सीएचएल में चीफ कार्डियक सर्जन डॉ. पोरवाल से हार्ट सर्जरी के लिए भर्ती कराया गया था। लेकिन उनकी घोर लापरवाही, उतावलेपन के कारण उनकी मौत हो गई।

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डॉ. पोरवाल की जगह दूसरों ने कर दी सर्जरी

केस में बताया गया कि इन सभी पर आईपीसी की धारा 304 (ए) के तहत मेडिकल नेग्लिजेंस किए जाने के कारण पिता पांडुरंग की 1 फरवरी 2019 को मौत हो गई। इसमें दस्तावेजों से पाया गया कि सर्जरी डॉ. पोरवाल से कराने के लिए सहमति दी गई थी, लेकिन चेकलिस्ट दस्तावेजों में डॉ. पियूष गुप्ता का नाम है। ऑपरेशन नोटशीट में भी गुप्ता के ही हस्ताक्षर हैं। जबकि इनसे सर्जरी के लिए सहमति दी ही नहीं गई थी।

डॉ. पोरवाल ने बेलून लगाने का कहा, लेकिन नहीं लगाया

यह भी कहा गया कि डॉ. पोरवाल ने मरीज को इंट्रा एटीक बलून लगाने के लिए कहा था लेकिन वास्तव में वह मरीज को लगाया ही नहीं गया। जिस दिन प्रार्थी के पिता की मृत्यु हुई उस दिन डॉ. अरुण चोपड़ा द्वारा सीपीआर दिया गया जबकि इसके लिए वह योग्य ही नहीं थे। सभी दस्तावेजों के बाद कोर्ट ने कहा कि चेयरमेन डॉ. राजेश भार्गव, चीफ कार्डियक सर्जन मनीष पोरवाल, पियूष गुप्ता और अरुण चोपड़ा पर धारा 304 ए का केस संज्ञान में लिया जाता है। वहीं इन सभी के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर 18 अगस्त को उपस्थित होने के निर्देश दिए जाते हैं।

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