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Photograph: (the sootr)
INDORE. इंदौर पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में आ गई है। इंदौर के एक फरियादी ने क्राइम ब्रांच इंदौर में पदस्थ इंस्पैक्टर सुजीत श्रीवास्तव के खिलाफ गंभीर शिकायत की है। मामले में फरियादी ने डीजीपी कैलाश मकवाना और इंदौर पुलिस कमिशनर संतोष सिंह को डिमांड आफ जस्टिस लैटर अपने अधिवक्ता के जरिए भेजा है।
मामला रिटायर डीआईजी रेंक पुलिस अधिकारी का
यह पूरा मामला रिटायर डीआईजी रेंक अधिकारी कमल शर्मा का बताया गया है। इनके द्वारा प्रॉपर्टी कारोबारी अतुल अग्रवाल के खिलाफ प्लाट को लेकर शिकायत की है। इसी शिकायत की जांच को लेकर गंभीर इंस्पैक्टर सुजीत श्रीवास्तव ने नोटिस जारी कर अग्रवाल को बयान के लिए बुलाया था।
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क्रांइम ब्रांच इंस्पेक्टर की कारोबारी को धमकी को ऐसे समझें
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बयान के लिए नहीं गए तो फोन पर धमकी
नोटिस पर जब अतुल थाने गए तो वह नहीं मिले। बाद में गए तो सभी दस्तावेज और बयान के लिए कहा गया। अतुल ने कहा कि दो-तीन दिन में आकर दस्तावेज, बयान देता हूं। जब वह बयान पर नहीं पहुंचे तो फोन पर अतुल को उन्होंने जमकर फटकार लगाई। साथ ही कहा कि बयान देने नहीं आए तो 420 का केस कर दूंगा, घर से उठा लूंगा और जेल में बंद कर दूंगा। (इसकी आडियो रिकार्डिंग भी है)
इसके बाद लिखा डीजीपी को पत्र
अतुल के अधिवक्ता रोहित दुबे के साथ फरियादी ने क्राइम ब्रांच डीसीपी व अन्य अधिकारियों से भी मुलाकात कर इस घटना की जानकारी दी। इसके बाद भी स्थिति नहीं सुधरी और श्रीवास्तव के फोन आए। इस पर अब यह लैटर डीजीपी और सीपी को लिखा। इसमें बताया गया कि इस प्लाट विवाद को लेकर पहले से ही जिला कोर्ट में परिवाद दायर है और इसमें थाना तिलकनगर को जांच के लिए कहा गया है।
इसके बाद भी बिना संज्ञान के जांच आवेदन लेकर जांच की जा रही है। इस मामले में पहले भी इंदौर क्राइम ब्रांच इंस्पैक्टर विष्णु वास्कले द्वारा जांच की गई और उन्हें सभी दस्तावेज, बयान दे चुका हूं। लेकिन अब निरीक्षक सुजीत श्रीवास्तव द्वारा बुलाया जा रहा है। अभद्र व्यवहार किया जा रहा है, धमकाया जा रहा है।
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निरीक्षक श्रीवास्तव क्या बोल रहे हैं
वहीं इस मामले में श्रीवास्तव ने कहा कि जांच आवेदन आया है, जो डीआईजी रेंक के रिटायर अधिकारी है। उनके साथ अतुल ने प्लाट की गड़बड़ी की है। मामले की जांच की जा रही है और इसी लिए बयान लेने बुलाया जा रहा है। मेरा काम शिकायत आवेदन पर जांच करना है इसके लिए बयान, दस्तावेज जरूरी है, यही चाहे गए हैं। इसमें गलत कुछ भी नहीं, जांच में उन्हें सहयोग करना चाहिए।
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