500 करोड़ की डायमंड कॉलोनी की जमीन विवाद में पुलिस पर पथराव के मामले में प्रतीक संघवी से पूछताछ

Sanjay Gupta | Jun 30, 2026, 15:09 IST
Share
बिल्डर प्रतीक संघवी उलझे
बिल्डर प्रतीक संघवी उलझे

इंदौर के 500 करोड़ की डायमंड कॉलोनी जमीन विवाद में कनाडिया पुलिस ने मशहूर बिल्डर प्रतीक संघवी से पूछताछ शुरू कर दी है। डीसीपी जोन-2 अमन सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है।

इंदौर में रविवार 21 जून की रात को 500 करोड़ की डायमंड कॉलोनी की जमीन को लेकर विवाद हो गया था। इसमें अब इंदौर के जाने-माने बिल्डर प्रतीक संघवी उलझ गए हैं। संयम इंफ्रा कंपनी के डायरेक्टर प्रतीक संघवी से कनाडिया पुलिस थाने में पूछताछ हो रही है।

डीसीपी जोन-2 अमन सिंह राठौर ने बताया कि पुलिस इस मामले में पूछताछ कर रही है। दरअसल, संयम इंफ्रा कंपनी की जमीन पर कुछ लोगों के बीच झगड़ा हो गया था और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया था। इस पथराव में पुलिस के दो जवान भी घायल हो गए थे।

पुलिस ने इस मामले में पहले ही अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज करके चार आरोपियों को पहचान कर गिरफ्तार कर लिया था। इनके नाम मोहसिन अली, मोहम्मद अफजल, दर्शन कृष्णारे और सुरेश वर्मा हैं। इन सभी पर पुलिस ने सरकारी काम में रुकावट डालने और मारपीट करने जैसी कई गंभीर धाराएं लगाई हैं।

बड़े पुलिस अधिकारी प्रतीक से करेंगे पूछताछ

सूत्रों के अनुसार प्रतीक को बचाने के लिए उनके चाचा और भाजपा नेता पंकज ने पुलिस अधिकारियों से बात भी की थी, लेकिन फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि अब बड़े पुलिस अधिकारी प्रतीक से पूछताछ करेंगे।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे मामले में प्रतीक का क्या रोल था। वे यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि जमीन पर कब्जा जमाने या उसकी रक्षा करने के लिए पथराव करने वाले मोहसिन और बाकी लोगों को वहां किसने तैनात किया था। यह मारपीट किसके इशारे पर हुई थी।

पुलिस पर हुआ था हमला

मोहसिन और उसके साथियों ने पुलिस को भी नहीं छोड़ा। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी नशे में थे। नशे की हालत में उन्होंने पुलिसकर्मियों पर भी हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक आशीष शर्मा को आठ टांके आए। एक और पुलिसकर्मी विजय सिकरवार को 16 टांके लगे। दोनों के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं।

साथी पुलिसकर्मी घायल जवानों को तुरंत अस्पताल ले गए थे। वहां दोनों का इलाज शुरू किया गया था। यह पूरी घटना रविवार रात कनाडिया थाना क्षेत्र में हुई थी। पुलिसकर्मियों पर हमला होने के बावजूद शुरुआत में यह मामला दबा दिया गया था।

पहले दबाया गया था मामला

इस घटना को लेकर शुरुआत में कोई कड़ी कार्रवाई नहीं हुई थी। मामले को पूरी तरह दबाने की कोशिश की गई थी। कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव ने मामला दबा दिया था। इस दबाव के पीछे जमीन विवाद से जुड़े बड़े नाम बताए जा रहे हैं। द सूत्र ने इस मामले का खुलासा किया था। खुलासे के बाद ही प्रशासन और पुलिस हरकत में आए।

खुलासे के बाद कनाड़िया थाने ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की। जांच में मोहसिन अली का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था।

पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन्हें ठेका किसने दिया था। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जमीन विवाद में और कौन शामिल है। मामले की जांच अभी जारी है और आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

जमीन विवाद की पूरी कहानी

यह जमीन500 करोड़ रुपए की बताई जा रही है। इसे लेकर कई पक्षों के बीच कब्जे का विवाद चल रहा है। डायमंड कॉलोनी में कई प्लॉट मालिक अपनी जमीन पर कब्जे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। भूमाफियाओं ने इस जमीन को कब्जे में रखने के लिए स्थानीय गुंडों का सहारा लिया।

मोहसिन अली जैसे लोगों को इसी काम के लिए रखा गया था। उनका काम जमीन पर किसी और को कब्जा करने से रोकना था। यही वजह है कि जब असली मालिक अपनी जमीन पर पहुंचे तो उन्हें पीटा गया। पुलिस के पहुंचने पर भी आरोपियों ने हमला जारी रखा।

प्रशासन की भूमिका पर सवाल

इस मामले में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। शुरुआत में घटना को दबाने की कोशिश की गई थी। पुलिसकर्मियों पर हमला होने के बावजूद कोई तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। यह बात प्रशासनिक लापरवाही की तरफ इशारा करती है। द सूत्र की रिपोर्ट के बाद ही मामला सामने आया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमाफियाओं का इलाके में लंबे समय से दबदबा है। पुलिस पर हमला होने के बाद भी मामला दबाना गंभीर सवाल खड़े करता है। अब प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।

ये खबरें भी पढ़िए...

मध्यप्रदेश | इंदौर में 500 करोड़ की जमीन विवाद में पुलिस को पीटने वाले मोहसिन समेत 4 गिरफ्तार

इंदौर पुलिस पिटी, अधिकारियों की चुप्पी, अज्ञात पर केस, मोहसिन अभी भी 500 करोड़ की विवादित जमीन पर

MP News: मंत्री प्रतिमा बागरी को जाति प्रमाण पत्र विवाद में नोटिस जारी, द सूत्र से बोलीं- जानकारी नहीं

पिनैकल डिजायर में 1000 करोड़ का प्लान, फ्रंट में अहमदाबाद की कंपनी, पर्दे के पीछे इंदौर की

Tags:
  • MP News
  • मध्यप्रदेश
  • इंदौर पुलिस
  • इंदौर
  • द सूत्र
  • पुलिस थाने
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा