एडवाइजरी कंपनी पर छापा, 20% मुनाफे का देते थे झांसा, 8 पर FIR

इंदौर की विजयनगर पुलिस ने एडवाइजरी कंपनी के खिलाफ छापेमारी की। 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि वे निवेशकों को 10-20% मुनाफे का झांसा दे रहे थे।

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Sandeep Kumar
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News In Short

  • इंदौर की विजयनगर पुलिस ने इनविजन इन्फोटेक कंपनी पर ठगी के आरोप में छापेमारी की।
  • आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई, आरोपियों ने निवेश के नाम पर 10-20% मुनाफे का झांसा दिया।
  • पुलिस की जांच में पता चला कि कंपनी सेबी से पंजीकृत नहीं थी।
  • कपिल उपाध्याय, विक्की जैन, शंकर दयाल पटेल और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की गई।
  • क्राइम ब्रांच में फर्जी एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ पहले भी शिकायतें आई थीं।

News In Detail 

इंदौर की विजयनगर पुलिस ने बुधवार को एक एडवाइजरी कंपनी पर छापामार कार्रवाई की। कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। आरोप है कि आरोपी ठगी कर रहे थे। शिकायत मिलने पर कंपनी पर सर्चिंग की गई। इस मामले में 8 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

टीआई चंद्रकांत पटेल और उनकी टीम ने शिकायत के बाद ग्रेविटी मॉल में संचालित इनविजन इन्फोटेक एडवाइजरी कंपनी पर कार्रवाई की। इस मामले में कपिल उपाध्याय, विक्की जैन, शंकर दयाल पटेल, सुलतान यादव, सुरेंद्र बेडवाल, हरनीत सिंह, अतुल भार्गव और अमित माणिक के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

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एल्गो सॉफ्टवेयर के नाम पर निवेश

कंपनी में एल्गो सॉफ्टवेयर के नाम पर निवेश कराया जाता था। कपिल, अतुल और अमित पार्टनर थे। सचिनंद चतुर्वेदी भी एक अन्य पार्टनर था। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वे शेयर मार्केट में निवेश कराते थे। वे 10-20% मुनाफे का झांसा देते थे। कुछ लोगों ने पैसे डूबने की शिकायत की थी। पुलिस जांच में पता चला कि कंपनी सेबी से पंजीकृत नहीं थी।

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समझौता करने का दबाव

क्राइम ब्रांच में कई फर्जी एडवाइजरी कंपनियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुई थीं। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पीड़ितों के बयान के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। तुकोगंज इलाके में संचालित एक कंपनी के खिलाफ बेगूसराय निवासी अंगेश कुमार ने 17 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया। इस मामले में पुलिस अधिकारी के कर्मचारियों द्वारा समझौता करने का दबाव बनाए जाने की बात सामने आई थी।

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