इंदौर में गैस पाइपलाइन विस्फोट की जांच में BJP पार्षद सोनी ही जिम्मेदार, पुलिस बचा रही
Sanjay Gupta | Jul 14, 2026, 11:16 IST
बीजेपी पार्षद बालमुकुंद सोनी
इंदौर में 23 जून को वार्ड 31 में अवंतिका गैस लाइन के ऊपर ही बोरिंग करने से हुए ब्लास्ट में चार लोग झुलस गए। हादसे की निगम द्वारा कराई गई जांच रिपोर्ट में बीजेपी पार्षद बालमुकुंद सोनी सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं। वहीं पुलिस अभी तक उन्हें बचाने में जुटी है।
इंदौर में सत्ताधारी दल के नेता के लिए एक बार फिर पुलिस का ढीला रवैया सामने आया है। मामला 23 जून को वार्ड 31 में सुमन नगर में पार्षद बालमुकुंद सोनी द्वारा अवंतिका गैस लाइन पर ही बोरिंग करा देने का है, जिससे ब्लास्ट में चार लोग झुलस गए।
इसे लेकर हाईकोर्ट इंदौर ने सख्ती की है और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसीपी विजयनगर को तलब किया है। वहीं द सूत्र के पास मौजूद नगर निगम की जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर इसके लिए पार्षद बालमुकुंद सोनी (वार्ड 31) को जिम्मेदार माना गया है।
इस हादसे के बाद अधिवक्ता रितेश इनानी ने जनहित याचिका दायर की है। इसके तहत घायलों को मुफ्त उपचार दिया जा रहा है और एक युवती को अहमदाबाद एयरलिफ्ट किया गया है। हाईकोर्ट में जिम्मेदारों पर कार्रवाई नहीं होने की बात भी उठी, इस पर पुलिस से जवाब मांगा गया।
कोर्ट ने दस दिन में जांच पूरी करने के लिए कहा था लेकिन विजयनगर पुलिस ने कहा कि पार्षद बयान देने नहीं आ रहे हैं। वहीं जब्त मशीन छोड़ने पर भी नाराजगी जताई। अब इसमें अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी और एसीपी से जवाब मांगा है।
इस मामले में निगमायुक्त आईएएस क्षितिज सिंघल ने अपर आयुक्त आकाश पाठक, कार्यपालन यंत्री असित खरे और पीएस कुशवाह की एक जांच समिति बनाई थी। इस जांच रिपोर्ट की कॉपी द सूत्र के पास मौजूद है। रिपोर्ट में बताया गया है कि जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए रिचार्जिंग शाफ्ट बनाए जा रहे हैं। इसके लिए जमीन में बोरिंग की जाती है।
वहीं, सुमन नगर में जिस जगह बोरिंग का काम किया जा रहा था, वह जगह निगम की मंजूर सूची में शामिल नहीं थी। इस काम के लिए नगर निगम से कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी। मौके पर निगम का कोई अधिकारी या इंजीनियर भी मौजूद नहीं था। वहां सिर्फ वेंडर के कर्मचारी और पार्षद सोनी मौजूद थे।
जांच कमेटी ने निगम के टीना सिसोदिया, उजमा खान, मनीष मेहता, रोहित बोयत के साथ ही एसआरसी कंस्ट्रक्शन कंपनी के राजेश चाचरा और बोरिंग मशीन एजेंट कपिल शर्मा के भी बयान लिए। इसमें आया कि चाचरा ने ही बोरिंग मशीन एजेंट कपिल को पार्षद का नंबर दिया और कहा कि जहां वह बोलें बोरिंग लगा देना। पार्षद ने सुमन नगर पर बोरिंग बुलाई और वहां जगह बताते हुए बोरिंग करने के लिए कहा।
इसमें कोई तकनीकी जांच आदि नहीं की और बोरिंग लगाते ही नीचे अवंतिका गैस लाइन होने से ब्लास्ट हो गया। कर्मचारियों के बयानों में यह भी आया कि इससे पहले भी पार्षद ने अपने निवास की गली के पास ही रिचार्जिंग शाफ्ट बनाने के लिए कहा जो हमने उपयुक्त नहीं होने से मना कर दिया था। फिर उन्होंने अपने स्तर पर ही बोरिंग बुलाकर सुमन नगर में करा ली।
इस मामले में लेटलतीफी के बाद अन्य तीसरे व्यक्ति (चार झुलसे पीड़ितों के अलावा अन्य व्यक्ति) के आवेदन पर सामान्य धाराओं में केस कर लिया। इसके बाद बोरिंग मशीन जब्त की और उनके ही कर्मचारी को इसमें आरोपी बनाया। लेकिन जिला कोर्ट के आदेश से वह बोरिंग मशीन भी छूट गई। हाईकोर्ट ने अब पूरी पुलिस डायरी और अधिकारियों को बुलाया है।
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इसे लेकर हाईकोर्ट इंदौर ने सख्ती की है और पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जाहिर करते हुए एसीपी विजयनगर को तलब किया है। वहीं द सूत्र के पास मौजूद नगर निगम की जांच रिपोर्ट में सीधे तौर पर इसके लिए पार्षद बालमुकुंद सोनी (वार्ड 31) को जिम्मेदार माना गया है।
हाईकोर्ट में यह हुआ
कोर्ट ने दस दिन में जांच पूरी करने के लिए कहा था लेकिन विजयनगर पुलिस ने कहा कि पार्षद बयान देने नहीं आ रहे हैं। वहीं जब्त मशीन छोड़ने पर भी नाराजगी जताई। अब इसमें अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी और एसीपी से जवाब मांगा है।
नगर निगम की जांच रिपोर्ट में पार्षद ही जिम्मेदार
वहीं, सुमन नगर में जिस जगह बोरिंग का काम किया जा रहा था, वह जगह निगम की मंजूर सूची में शामिल नहीं थी। इस काम के लिए नगर निगम से कोई अनुमति भी नहीं ली गई थी। मौके पर निगम का कोई अधिकारी या इंजीनियर भी मौजूद नहीं था। वहां सिर्फ वेंडर के कर्मचारी और पार्षद सोनी मौजूद थे।
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पार्षद सोनी ने ही बुलाई थी बोरिंग
इसमें कोई तकनीकी जांच आदि नहीं की और बोरिंग लगाते ही नीचे अवंतिका गैस लाइन होने से ब्लास्ट हो गया। कर्मचारियों के बयानों में यह भी आया कि इससे पहले भी पार्षद ने अपने निवास की गली के पास ही रिचार्जिंग शाफ्ट बनाने के लिए कहा जो हमने उपयुक्त नहीं होने से मना कर दिया था। फिर उन्होंने अपने स्तर पर ही बोरिंग बुलाकर सुमन नगर में करा ली।
पुलिस ने बोरिंग वाले पर ही किया केस
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