यशवंत क्लब की नगर निगम ने की नपती, नई बिल्डिंग की मंजूरी उलझ गई
Sanjay Gupta | Aug 08, 2025, 16:12 IST
Photograph: (The Sootr)
इंदौर के यशवंत क्लब में नगर निगम की टीम ने नपती की। क्लब और निगम के बीच संपत्तिकर विवाद चल रहा है, जिसमें हाईकोर्ट का स्टे है। नपती नए निर्माण के लिए की गई।
INDORE. इंदौर और मप्र के सबसे बड़े क्लब यशवंत क्लब (yc) में शुक्रवार को नगर निगम की टीम पहुंच गई। निगम की टीम ने वहां हर एंगल से नपती की। जितने भी निर्माण हुए हैं, उन स्थानों की नपती हुई है। यशवंत क्लब को लेकर पहले ही निगम के साथ संपत्तिकर का विवाद चल रहा है। हालांकि इसमें हाईकोर्ट का स्टे है। लेकिन नपती किसी और कारण से हुई।
दरअसल यह टीम नगर निगम के संपत्तिकर विभाग (राजस्व) की जगह बिल्डिंग परमीशन विभाग से पहुंची थी। यशवंत क्लब ने नए 100 सदस्य बनाकर जो 25 करोड़ की राशि जमाकर यहां पर बड़ा भवन बनाने का प्लान बनाया है यह नपती उसी के लिए है। नए भवन के प्रस्ताव के संबंध में साथ ही कुछ अधिक निर्माण की शिकायतों के चलते यह नपती की गई है।
ये भी पढ़ें... इंदौर के एक्सीलेंस ऑफ EYE हॉस्पिटल को लेकर बड़ा खुलासा, हड्डी रोग विशेषज्ञ संभाल रहे अधीक्षक का पद
ये भी पढ़ें... बिल्डर अरविंद डोसी और बीजेपी युवा मोर्चा महामंत्री धीरज ठाकुर में हुआ समझौता, थाने में दिया राजीनामा पत्र
यशवंत क्लब ने नए भवन की मंजूरी के लिए नगर निगम में प्रक्रिया शुरू की है लेकिन इसकी मंजूरी मिलेगी ही नहीं। इसका कारण है कि यशवंत क्लब और नगर निगम के बीच में संपत्ति कर का विवाद चल रहा है। हाईकोर्ट ने एक तिहाई टैक्स भरने के आदेश दिए थे जो क्लब ने भर दिए और बाकी राशि पर विवाद है।
क्लब का कहना है कि इतना टैक्स नहीं बनता है। अब समस्या यह है कि जब तक निगम का कोई भी टैक्स बकाया होता है तो निगम का पोर्टल नई भवन अनुज्ञा या किसी भवन अनुज्ञा में संशोधन की मंजूरी देता ही नहीं है।
यही मामला हाल ही में जुपिटर हास्पिटल का आया था, जिसका खुलासा द सूत्र ने किया था। जुपिटर ने भी टैक्स बकाया होने पर मंजूरी मांगी थी, खुद निगम ने इसके लिए भोपाल तक फाइल चलाई थी कि टैक्स बाद में आ जाएगा मंजूरी देने की सुविधा दी जाए, लेकिन भोपाल ने साफ मना कर दिया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। इसके बाद जुपिटर को मंजूरी नहीं हुई।
यही केस यशवंत क्लब का भी है। यानी साफ है कि क्लब को नए भवन की मंजूरी चाहिए तो उन्हें हर हाल में बकाया टैक्स पूरा भरना होगा, फिर भले ही वह हाईकोर्ट में केस जीतने के बाद इसका रिफंड का क्लेम कर लें। बिना टैक्स भरे यह मंजूरी नहीं मिलेगी।
ये भी पढ़ें... फरार अनवर कादरी के घर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस, 8 सितंबर तक कोर्ट में पेश होने का आदेश
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
इसलिए पहुंची थी नपती के लिए निगम की टीम
ये भी पढ़ें... इंदौर के एक्सीलेंस ऑफ EYE हॉस्पिटल को लेकर बड़ा खुलासा, हड्डी रोग विशेषज्ञ संभाल रहे अधीक्षक का पद
5 पॉइंट्स में समझें इंदौर नगर निगम की कार्रवाई से जुड़ी पूरी खबर...नपती का कारण: नगर निगम की टीम इंदौर के यशवंत क्लब में शुक्रवार को पहुंची और वहां किए गए निर्माणों की नपती की। यह नपती क्लब द्वारा नए भवन के निर्माण की योजना के लिए की गई थी, जिसमें 25 करोड़ रुपये जमा किए गए थे। संपत्तिकर विवाद: यशवंत क्लब और नगर निगम के बीच संपत्तिकर का विवाद चल रहा है, जिसके कारण क्लब ने नगर निगम के संपत्तिकर विभाग के बजाय बिल्डिंग परमीशन विभाग से नपती करवाई। नए भवन की मंजूरी नहीं मिलेगी: यशवंत क्लब ने नए भवन की मंजूरी के लिए नगर निगम में आवेदन किया है, लेकिन संपत्तिकर विवाद और बकाया टैक्स के कारण मंजूरी नहीं मिलेगी। जब तक बकाया टैक्स पूरा नहीं भरा जाता, तब तक नई भवन निर्माण की मंजूरी नहीं दी जाएगी। हाईकोर्ट का स्टे: संपत्तिकर विवाद के कारण हाईकोर्ट में केस चल रहा है। क्लब ने एक तिहाई टैक्स भरने के आदेश के बाद बाकी राशि पर विवाद उठाया है, लेकिन नगर निगम का पोर्टल टैक्स बकाया होने पर नए निर्माण की मंजूरी नहीं देता है। जुपिटर अस्पताल के साथ भी हुआ था ऐसा: इस मामले का समान उदाहरण हाल ही में जुपिटर अस्पताल के साथ हुआ था, जहां टैक्स बकाया होने पर भवन निर्माण की मंजूरी नहीं मिली थी। यही हाल यशवंत क्लब का भी है, और क्लब को पूरी राशि चुकता करने के बाद ही मंजूरी मिलेगी। |
नया भवन की मंजूरी अभी नहीं मिलेगी
क्लब का कहना है कि इतना टैक्स नहीं बनता है। अब समस्या यह है कि जब तक निगम का कोई भी टैक्स बकाया होता है तो निगम का पोर्टल नई भवन अनुज्ञा या किसी भवन अनुज्ञा में संशोधन की मंजूरी देता ही नहीं है।
यही मामला हाल ही में जुपिटर हास्पिटल का आया था, जिसका खुलासा द सूत्र ने किया था। जुपिटर ने भी टैक्स बकाया होने पर मंजूरी मांगी थी, खुद निगम ने इसके लिए भोपाल तक फाइल चलाई थी कि टैक्स बाद में आ जाएगा मंजूरी देने की सुविधा दी जाए, लेकिन भोपाल ने साफ मना कर दिया कि ऐसा कोई नियम नहीं है। इसके बाद जुपिटर को मंजूरी नहीं हुई।
यही केस यशवंत क्लब का भी है। यानी साफ है कि क्लब को नए भवन की मंजूरी चाहिए तो उन्हें हर हाल में बकाया टैक्स पूरा भरना होगा, फिर भले ही वह हाईकोर्ट में केस जीतने के बाद इसका रिफंड का क्लेम कर लें। बिना टैक्स भरे यह मंजूरी नहीं मिलेगी।
ये भी पढ़ें... फरार अनवर कादरी के घर पुलिस ने चस्पा किया नोटिस, 8 सितंबर तक कोर्ट में पेश होने का आदेश
thesootr links
- मध्यप्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- राजस्थान की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
- जॉब्स और एजुकेशन की खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें
- निशुल्क वैवाहिक विज्ञापन और क्लासिफाइड देखने के लिए क्लिक करें
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩👦👨👩👧👧👩
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman